Amit Ranjan

Amit Ranjan

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A Writer, Singer, Photographer, Traveller & story teller

26/08/2023

दूसरे का मजाक उड़ाने में बड़ा मजा आता है पर खुद का मजाक जब लोग बनाने लगते है तो इतना दुख क्यों होता है ?
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(१) "अबे बहुत मोटा है बे तू ; घर का खाना सारा तू ही खा जाता है क्या; बाकी लोग क्या भूखे सोते हैं " लोकेश ने जितेंद्र से कहा जिसे वो अपना दोस्त कहता है । जितेंद्र शर्मिंदा हो गया।

(२) "क्यों शीतल ? तुम तो दिन पर दिन मोटी होते जा रही हो और पति तुम्हारा दुबला होते जा रहा है । खुद खाने के बाद जो बचता है वो खिला रही हो क्या उन्हें ?" एक लिपस्टिक लगाई हुई जींस पहनी हुई औरत ( मतलब लेडी) ने एक साड़ी पहनी हुई औरत से तेज हंसते हुए कहा । साड़ी वाली औरत का चेहरा उतर गया।

(३) " संजू, सुन ना; थोड़ा वो वाला गाना सुना ना...तबुतर दा दा दा....; तेरी तोतली आवाज में बड़ा मस्त लगता है सुनने में " रॉकी ने ठहाका मारते हुए भरी महफिल में सभी के सामने ये बात कही । संजू मुस्कुरा तो रहा था पर उसके दिल को चोट पहुंच गई थी।

(४) " 35 की उम्र में 53 के उम्र के लग रहे हो; सारे बाल तुम्हारे सफेद होने लगे हैं, यार बूढ़े, तुम तो अभी ही हो गए हो l देखना तुम्हारे उम्र की लड़कियां तुम्हे अंकल ना बोलने लगे " संजय ने अमितेश से हंसते हुए ऑफिस में सबके सामने ये बात कही । अमितेश घर में खाना खाने तो बैठा है पर संजय की बात ने उसे स्ट्रेस में डाल दिया है । वो बार बार खुद को आईने में देख रहा है और निराश होकर बैठ जा रहा है।

(५) " मालूम है शिखा, अपने कॉलोनी में जो काली पूजा होती है न तो इस बार काली माता तुम ही बनना । तुमको मेकअप करने की जरूरत ही नहीं है । ऐसे ही तुम लग जाओगी। " मंदिरा कॉलेज वाली बस में सबके सामने ये बोलकर हंसने लगी । शिखा ने अपनी हंसी से अपनी आंखों को छुपा लिया ।

(६) " रेखा, तुम्हारी बिहारी अंग्रेजी सुनने के बाद ऐसा फील होता है कि साक्षात लालू यादव को सुन रहे हैं । सभी लोगों को बड़ा मजा आता है तुम्हारी वाली अंग्रेजी सुनकर । जब भी हंसना हो तो तुमसे कोई बोलवा ले बस " मंजीता ने हिहीही करते हुए सभी लड़कियों को देखा क्लास में; वो सब भी हंसने लगीं । आज रात रेखा को नींद नहीं आ रही । वो बार बार कोस रही है खुद को कि काश उसके पापा के पास भी इतने पैसे होते कि उसको सरकारी स्कूल नहीं बल्कि कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाए होते तो आज उसकी भी अंग्रेजी उन्ही स्मार्ट लड़कियों की तरह होती ।

(७) " अरे, निलेश! तुम्हारे लिए डिस्काउंट रहना चाहिए । तुम्हारे हाइट में तो कपड़ा भी आधा लगेगा पैंट सिलवाने में । सही है भाई तेरा । ट्रेन में तुम और तुम्हारी बीबी एक ही सीट पर आ जाते होगे । एक टिकट में हो तुम लोग का काम हो जाता होगा ।" अजय ने दोस्तों के साथ होती हुई पार्टी में हंसते हुए कहा और सभी दोस्त नीलेश को देखकर हंस दिए । निलेश की आंखें झुक गई थी पर वो अपनी हल्की सी नकली मुस्कुराहट में अपनी फीलिंग को व्यक्त नहीं करना चाहता था।

ऐसी तमाम हरकतें हम जान बूझकर अधिकतर टाइम और कभी कभी अनजाने में सामने वाले से करते हैं और ये कभी नहीं एक पल के लिए भी सोचते हैं कि कितना दुख लग सकता है, कष्ट हो सकता है किसी को ये सब सुनकर । हमें तो बस मजाक शब्द बोलकर दिल दुखाने की आदत सी हो गई है ।

पर सोचिए, कमियां निकलने की बात की जाए तो भाई, कमियां तो किसी में भी निकाली जा सकती हैं अगर सामने वाला चाह ले तो । फिर जब पलटकर वही वैक्ति या फिर कोई और आपकी कमी निकालकर आपका मजाक उड़ाता है तो आप उसे मजाक के रूप में नहीं लेते; आप उसे इंसल्ट का नाम देते हैं ।

गजब की विडंबना है । मैं मजाक करूं तो वो मजाक है और मेरा कोई मजाक करे तो वो इंसल्ट है । बड़ा ही मजेदार ये सिद्धांत है । और सोचिए, ये वाले सिद्धांत का पालन करने वाले लोग ज्यादा हैं ।

अब लीजिए न , सचिन , वही जिसने सीमा हैदर का हाथ थामा है ; उसका मजाक उसकी पड़ोसन मिथिलेश भाटी ने जमकर किया; देशवासियों ने भी किया खूब इंटरनेट पर और मीडिया ने तो हद कर दी । बड़ा मजा आ रहा था सभी को । अब जब किसी ने मिथिलेश भाटी के पति को फोटो लगाकर मजाक उड़ाना शुरू किया तो भाटी बहन तुरंत दुखी हो गईं और लोगों से अपील करने लगीं कि उनके पति को बीच में न लाया जाए । ये तो कमाल की बात है । सचिन झींगुर इत्यादि है.. ये सब बोलकर हंसने में कितना मजा आ रहा था पर अब क्या हो गया...लोगों का मन भर गया है सचिन से तो अब आपकी बारी है ....

प्यार करिए, मोहब्बत करिए...किसी का भी मजाक बनाना, नीचा दिखाना मजाक का नाम देकर आपको क्षणिक मजा देगा पर याद रखिए आपकी भी बारी आएगी । झेलने के लिए तैयारी रखिएगा ।

इसलिए, आइए इस नीचा दिखाने वाली इस मजाक प्रथा को बंद करें अपने अपने स्तर पर । हर इंसान खूबसूरत है, प्यारा है, चाहे वो मोटा है, ये छोटा है, या गोरा है, या काला है, या लंगड़ा है, या अंधा है, या जो है ।

चंद्रमा पर पहुंचकर हिंदुस्तान जिंदाबाद करने वाले इस महान देश के नागरिकों से मैं गुंजारिश करता हूं कि आइए किसी और को मजाक के नाम पर नीचा दिखाकर अपने मन को संतुष्ट करने की कोशिश ना करने की पूरी कोशिश करें ।

विज्ञान तो बहुत ऊपर चला गया आज और नैतिकता उतने ही नीचे । ♥️

जय हिंद ।

© अमित रंजन

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