Raj gupta
raj
*सम्मान* किसी व्यक्ति का नहीं होता, *आवश्यकता* का होता है, आवश्यकता समाप्त, सम्मान समाप्त...! यही *विश्व का कटु सत्य* है...!!
*हंँसती हुई ''मांँ'' से खूबसूरत*
*इस दुनियांँ में कुछ भी नही।* 🙏🏻
*दुकानें* 🏪 उनकी भी *लुट* जाती हैं,
जो *दिन* भर ⏳ में *न* जाने
कितने *ताले* 🔒 *बेच* देता है 💰😔
सबसे मुश्किल काम है, *समेटना*
फिर चाहें वो..,
*बातें* हो, *रिश्ते* हों, या फिर, *बिखरा*
हुआ *घर*..!!
*आंधियों में समझ आई*
*पलकों की क़ीमत,*
*वरना*
*आँखों को बहुत गुरूर था कि हमें*
*सब दिखता है ..!!*
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