Motivation Community
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04/09/2024
Never forget your parents who gave you everything. They are the reason why you are and who you are.❤🙏
06/07/2024
विराट कोहली दिल्ली आते ही अपना मैडल अपनी भांजी को पहना दिया। कितनी खुशनसीब है। भाई ये लड़की जिसको विराट जैसा मामू मिला है।😊🏅
05/07/2024
जिस वानखेड़े मे हार्दिक पांडया को BOO किया गया था...💔
आज उसी वानखेड़े में हार्दिक हार्दिक का शोर है...😍
समय बदलता जरूर है
09/04/2024
अपनी मृत्यु और अपनों की मृत्यु डरावनी लगती है!
बाकी तो मौत को enjoy ही करता है इंसान ...
मौत के स्वाद का
चटखारे लेता मनुष्य ...
थोड़ा कड़वा लिखा है पर मन का लिखा है,
मौत से प्यार नहीं , मौत तो हमारा स्वाद है,
बकरे का,
गाय का,
भेंस का,
ऊँट का,
सुअर,
हिरण का,
तीतर का,
मुर्गे का,
हलाल का,
बिना हलाल का,
ताजा बकरे का,
भुना हुआ,
छोटी मछली,
बड़ी मछली,
हल्की आंच पर सिका हुआ।
न जाने कितने बल्कि अनगिनत स्वाद हैं मौत के।
क्योंकि मौत किसी और की, और स्वाद हमारा....
स्वाद से कारोबार बन गई मौत।
मुर्गी पालन, मछली पालन, बकरी पालन, पोल्ट्री फार्म्स।
नाम "पालन" और मक़सद "हत्या"❗
स्लाटर हाउस तक खोल दिये। वो भी ऑफिशियल।
गली गली में खुले नान वेज रेस्टॉरेंट, मौत का कारोबार नहीं तो और क्या हैं ? मौत से प्यार और उसका कारोबार इसलिए क्योंकि मौत हमारी नही है।
जो हमारी तरह बोल नही सकते,
अभिव्यक्त नही कर सकते, अपनी सुरक्षा स्वयं करने में समर्थ नहीं हैं,
उनकी असहायता को हमने अपना बल कैसे मान लिया ?
कैसे मान लिया कि उनमें भावनाएं नहीं होतीं ?
या उनकी आहें नहीं निकलतीं ?
डाइनिंग टेबल पर हड्डियां नोचते बाप बच्चों को सीख देते है, बेटा कभी किसी का दिल नही दुखाना !
किसी की आहें मत लेना !
किसी की आंख में तुम्हारी वजह से आंसू नहीं आना चाहिए !
बच्चों में झुठे संस्कार डालते बाप को, अपने हाथ मे वो हडडी दिखाई नही देती, जो इससे पहले एक शरीर थी, जिसके अंदर इससे पहले एक आत्मा थी, उसकी भी एक मां थी ...??
जिसे काटा गया होगा ?
जो कराहा होगा ?
जो तड़पा होगा ?
जिसकी आहें निकली होंगी ?
जिसने बद्दुआ भी दी होगी ?
कैसे मान लिया कि जब जब धरती पर अत्याचार बढ़ेंगे तो
भगवान सिर्फ तुम इंसानों की रक्षा के लिए अवतार लेंगे ..❓
क्या मूक जानवर उस परमपिता परमेश्वर की संतान नहीं हैं .❓
क्या उस ईश्वर को उनकी रक्षा की चिंता नहीं है ..❓
धर्म की आड़ में उस परमपिता के नाम पर अपने स्वाद के लिए कभी ईद पर बकरे काटते हो, कभी दुर्गा मां या भैरव बाबा के सामने बकरे की बली चढ़ाते हो।
कहीं तुम अपने स्वाद के लिए मछली का भोग लगाते हो।
कभी सोचा ...??
क्या ईश्वर का स्वाद होता है ? ....क्या है उनका भोजन ?
किसे ठग रहे हो ?
भगवान को ?
वाहेगुरु को ?
मंगलवार को नानवेज नही खाता ...!
आज शनिवार है इसलिए नहीं ...!
नवरात्रि में तो सवाल ही नही उठता ....!
झूठ पर झूठ...
झूठ पर झूठ
झूठ पर झूठ ..
हमारे बच्चों को अगर कोई ऐसे खाए तो हमें कैसा लगेगा ??
कर्म का फल मिल कर रहता है ये याद रखना ।
ईश्वर ने बुद्धि सिर्फ तुम्हे दी!
ताकि तमाम योनियों में भटकने के बाद मानव योनि में तुम जन्म मृत्यु के चक्र से निकलने का रास्ता ढूँढ सको!
लेकिन तुमने इस मानव योनि को पाते ही स्वयं को भगवान समझ लिया!
प्रकृति के साथ रहो।
प्रकृति के होकर रहो।
जय श्री राम 🙏🚩
17/12/2021
ऐसा बिल्कुल नहीं है कि पीछे से धक्का लगाने वाला शख्स हाथी को ट्रक में चढ़ा सकता है लेकिन सिर्फ इतने सहारे से ही हाथी को एहसास है कि मेरे पीछे कोई है जो मेरी मदद कर रहा है और इसी एहसास के सहारे हाथी ट्रक में चढ़ जाएगा।
कभी कभी हमें भी ऐसे ही हल्के से सहारे की जरूरत होती है। लिहाजा एक दूसरे की मदद करते रहिए, ये आपसी सहयोग एक दूसरे में आत्मविश्वास भरता है और आत्मविश्वास से भरा व्यक्ति जीवन की हर कठिनाई पार कर सकता है। इसलिए सहारा बहुत बड़ी चीज होती है, जीवन मे एक दूसरे को सहारा देते रहे
ये होता है विज्ञापन वरना ...
आज से पहले विज्ञापनों में तो सिर्फ हिन्दू त्योहारों पर मजाक होता था...😍🙏
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