Pyar ka Jugaad

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21/08/2024

बीस की गिनती•

एक राजा की बेटी की शादी होनी थी। बेटी की ये शर्त थी कि जो भी 20 तक की गिनती सुनाएगा उसको राजकुमारी अपना पति चुनेगी ! गिनती ऐसी हो जिसमें सारा संसार समा जाये। जो नहीं सुना सकेगा, उसको 20 कोड़े खाने पड़ेंगे। ये शर्त केवल राजाओं के लिए ही है।

अब एक तरफ राजकुमारी का वरण और दूसरी तरफ कोड़े ! एक-एक करके राजा महाराजा आए। राजा ने दावत भी रखी। मिठाई और सब पकवान तैयार कराए गए। पहले सब दावत का मजा ले रहे होते हैं। फिर सभा में राजकुमारी का स्वयंवर शुरू होता है।

एक से बढ़ कर एक राजा महाराजा आते हैं। सभी गिनती सुनाते हैं जो उन्होंने पढ़ी हुई थी, लेकिन कोई भी वह गिनती नहीं सुना सका जिससे राजकुमारी संतुष्ट हो सके।

अब जो भी आता कोड़े खा कर चला जाता। कुछ राजा तो आगे ही नहीं आए। उनका कहना था कि गिनती तो गिनती होती है। राजकुमारी पागल हो गई है। ये केवल हम सबको पिटवा कर मजे लूट रही है।

ये सब नजारा देख कर एक हलवाई हंसने लगता है। वह कहता है, डूब मरो राजाओं, आप सबको 20 तक गिनती नहीं आती !

ये सुनकर सब राजा उसको दण्ड देने के लिए बोलते हैं। राजा उनसे पूछता है कि क्या तुम गिनती जानते हो, यदि जानते हो तो सुनाओ।

हलवाई कहता है, हे राजन यदि मैंने गिनती सुनाई तो क्या राजकुमारी मुझसे शादी करेगी ? क्योंकि मैं आपके बराबर नहीं हूं और ये स्वयंवर भी केवल राजाओं के लिए है, तो गिनती सुनाने से मुझे क्या फायदा ?

पास खड़ी राजकुमारी बोलती है, ठीक है यदि तुम गिनती सुना सके तो मैं तुमसे शादी करूंगी ! और यदि नहीं सुना सके तो तुम्हें मृत्युदंड दिया जायेगा।

सब देख रहे थे कि आज तो हलवाई की मौत तय है। हलवाई को गिनती बोलने के लिए कहा जाता है।

राजा की आज्ञा लेकर हलवाई गिनती शुरू करता है।

एक भगवान,

दो पक्ष,

तीन लोक,

चार युग,

पांच पांडव,

छह शास्त्र,

सात वार,

आठ खंड,

नौ ग्रह,

दस दिशा,

ग्यारह रुद्र,

बारह महीने,

तेरह रत्न,

चौदह विद्या,

पन्द्रह तिथि,

सोलह श्राद्ध,

सत्रह वनस्पति,

अठारह पुराण,

उन्नीसवीं तुम और

बीसवां मैं...

सब हक्के-बक्के रह जाते हैं। राजकुमारी हलवाई से शादी कर लेती है ! इस गिनती में संसार के सारी वस्तु मौजूद हैं। यहां शिक्षा से बड़ा तजुर्बा है।

21/08/2024

उनकी मार्केटिंग अच्छी है, बाजार में सब कुछ मिलता है, अपनी सहूलियत के हिसाब से खरीद लीजिए। ये बात और है कि आप बाजारवाद से प्रभावित न हो।

17/08/2024

हम ने क्या खो दिया इस बदलाव को पाते पाते.…
रक्षाबंधन कृपया ध्यान दें
बहनें 200 से 1500/- की राखियाँ ख़रीद कर भाईयों काे बॉंधती हैं ! जबकि राखी एक तीन रंग की माेली धागे सें प्रारंम्भ हुआ त्याेहार था, जिसकाे राखियाँ बनाने वाले उत्पादक 2000/- की राखी तक ले गये हैं !
और हमारे राखी मार्केट पर लगभग 80% कब्जा हमारे पड़ोसी और प्रतिद्वंद्वी देश चीन का है जो एक दिन मे लाखों करोड़ का पैसा हमारे देश से अपने यहां खींच कर ले जाता है।
आप हम देखते हैं कि यह एक भावनाओं का त्याेहार हैं !
बहनें लंम्बी दूरी सें भाई काे राखी बांधने व सम्मान पाने व भाई के परिवार को खुशियां देने आती हैं !
राखी बांधनें का मतलब है भाई, तुम दीर्घायु हों और मेरी बुरे समय में रक्षा करना !
परन्तु आज के दौर में बहनें भी इस होड में लगी हैं कि मेरी राखी सब से महंगी हो ताकि उसकी भाभीयां ये ताना ना मारें कि ननद दीदी तो ऐसी घटिया राखी लाती हैं कि पूछो मत, पर क्या वह महंगी राखी दिखावा बनकर नहीं रह गई ?
क्या हमने बहन को नीचा दिखाने के लिए घर बुलाया है या उसे यह अहसास दिलवाने कि अभी तेरा भाई है, तु फिक्र ना कर बहना !
रक्षाबंन्धन पर भाई भी अपनी बहनाें काे उपहार रूप में काेई चीज व नगद देते हैं !
लेकिन आजकल 50% ऐसा हाेता हमने देखा हैं कि बहन की राखी लागत ही उपहार में नहीं निकलती हैं ! इसलिए हम कुछ ज़्यादा बहन काे देने की सोचते हैं, हमने इस चकाचौंध की जीवनशैली के कारण भाई-बहन के प्यार को पैसे के तराजू मे ही रख दिया !
सभी भाइयों काे प्रण करना चाहिये कि हम सिर्फ बहन सें माेली धागा ही बंधवायेगें और मिठाई में सिर्फ गुड ! और जाे देना हैं, वह 21, इससे अधिक 51 अथवा 101 हो सकता है इससे ज्यादा देने पर हम परस्पर प्रेम नहीं बल्कि अपने अहंकार को तुष्टि प्रदान करते हैं
आप हम देखते हैं, कि राखियाँ हम सब 2-4 घंटे या सायं तक ही बाँधे रख पा रहे हैं और बहन का सैकडों रूपया उस राखी पर लगा धन था ! जाे कुछ ही घंटे में स्क्रेप हाे गया !

कृपया सुधार करके अपनें पुरानें माेली धागा या रेशम की सुन्दर गुँथी राखी बाँधे ताे आपका भाई साल भर भी बांधे रखेगा !
और यह बहन के लिए गर्व की बात होगी कि मेरा बिरा मेरे रक्षा के सूत्र को सदा बांधे रखता है ।
वहीं भाई को भी सदा बहन का स्मरण रहेगा कि मेरी बहन है मुझे सदा प्यार व दुलार बरसाने वाली...

निवेदन - इसको सकारात्मक लें और युद्ध स्तर पर इसको समाज में प्रचलन में लाकर इसका परिवार सहित पालन करें, वहीं भाई बहन के प्यार को पैसे के तराजू में ना तोलें...।
पोस्ट को अपने भाई बहन और रिश्तेदारों को शेयर जरूर करे ।

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