Dr. Rajeev Raj
तपती मन की धरती पर बादल बन छाना है
कसम ?
20/06/2026
दुनियाँ भले गढ़ी हो रब ने किंतु हमें गढ़ने वाले तुम।
मेरी हर अभिलाषा मन में आते ही पढ़ने वाले तुम।
माँ ने जनी आत्मा तुमने मुझे आत्मविश्वास दिया है।
पंख दिए माँ ने पर तुमने उड़ने को आकाश दिया है।
तुमसे ऊपर दिखा न कोई यद्यपि ईश्वर बहुत बड़ा है।
रामचरित मानस, गीता से ज़्यादा हमने तुम्हें पढ़ा है।
अक्षर अक्षर ज्यों अनुभव का उपन्यास हो तुम पापा।।
डॉo राजीव राज़
15/06/2026
चंपक चंपक
हाँ बाबा
चंदा चोरी ? ना बाबा
(सब राम जी की लीला है)
😁🤪😁
Want your establishment to be the top-listed Arts & Entertainment in Etawah?
Click here to claim your Sponsored Listing.
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the establishment
Address
Etawah
206001
206001