Kavi Ranjit Tiwari
samahit hai nujhme sabhi rang...prr prem rang se hoon abhisinchit....aapka pyara main Ranjit. . Poet--Actor--Teacher mob..08407082012
28/01/2024
नमस्कार दोस्तों ! अपनी एक कविता के साथ उपस्थित हूं ।
तुम और मैं......
-----------------------------
मैं मुझमें नहीं तुझमें हूं
तुम तुझमें नहीं मुझमें हो
तुम और मैं ही तो --
आधार हैं ---
निर्माण और निर्वाण का
संवरने से मिट जाने का
पा लेने से खो जाने का
मन तन और जीवन का
जगत का इस ब्रह्माण्ड का
तुम और मैं --
जाने कितने रूप मे
साकार हैं ---
लौकिक -- आलौकिक
भौतिक -- अभौतिक
शाश्वत तो क्षणिक भी
सार्थक और यथार्थ
निर्विकार -- निराकार भी
भाव - भक्ति का श्रृंगार भी
पराकाष्ठा की सीमा से ऊपर
अंतस की अंतहीन गहराइयों के तले --
तुम और मैं ...बस मैं और तुम
------ रंजित तिवारी
#कविता #साहित्य #कविसम्मेलन #कविताप्रेमी Everyone
Click here to claim your Sponsored Listing.