Krishan Singh,Naag Rajput
याद राखिये, सब से बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है 🌷नाग राजपूत🌷
01/04/2026
एक छोटे से गाँव में एक शरारती पोता और उसके समझदार दादा जी रहते थे। पोते का नाम चिंटू था और दादा जी का नाम रामलाल।
चिंटू बहुत ही नटखट था। एक दिन उसने सोचा कि दादा जी के साथ थोड़ा मज़ाक किया जाए। सुबह-सुबह जब दादा जी अपनी चाय पी रहे थे, तो चिंटू ने चुपके से उनकी चाय में चीनी की जगह नमक डाल दिया।
दादा जी ने जैसे ही चाय का घूंट लिया, उनका चेहरा अजीब सा बन गया। चिंटू पास में छुपकर यह सब देख रहा था और हँसी रोक नहीं पा रहा था। दादा जी समझ गए कि यह जरूर चिंटू की शरारत है, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा।
थोड़ी देर बाद दादा जी ने भी एक योजना बनाई। उन्होंने चिंटू को बुलाया और बोले, “बेटा, मैंने तुम्हारे लिए खास मिठाई बनाई है।”
चिंटू खुशी-खुशी दौड़ा आया। जैसे ही उसने मिठाई खाई, उसका चेहरा भी बिगड़ गया—क्योंकि उसमें बहुत ज्यादा मिर्ची थी!
दादा जी हँसते हुए बोले, “शरारत करने से पहले सोचना चाहिए, क्योंकि सामने वाला भी जवाब दे सकता है।”
चिंटू ने शर्माते हुए कहा, “दादा जी, अब मैं ऐसी शरारत नहीं करूँगा।”
दादा जी ने प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरा और बोले, “शरारत करो, लेकिन ऐसी जो किसी को नुकसान न पहुँचाए।”
उस दिन के बाद चिंटू ने अपनी शरारतों में समझदारी जोड़ ली और दोनों की जोड़ी पूरे गाँव में मशहूर हो गई। 🌷🌷🌷
Click here to claim your Sponsored Listing.