Daudkumar MAHLA

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I am the bread of the life India

18/05/2026

मणिपुर में अशांति विकराल हो गई है... स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों के बीच बड़े पैमाने पर झड़पें, गोलीबारी और आगजनी।🔥💥😱

18/05/2026

पुरे भारत मे आदिवासियों के साथ क्रूरता की जा रही है... जो जल, जंगल, ज़मीन, जन, जानवर की लड़ाई लड़ रहे है... बदले मे उन्हें लाठी,आंसू, मौत, मिल रही है 🥲🥲

मध्यप्रदेश, छतरपुर : आंदोलन का 11वां दिनः

पंचतत्व सत्याग्रह शुरु 11 दिनों से पानी मे... मुझे सांकेतिक फांसी दो... मुझे न्याय दो या मार दो l

केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में जारी आंदोलन के 11वें दिन प्रदर्शनकारियों ने फांसी का प्रतीक अपनाते हुए अनोखे और भावनात्मक तरीके से अपना विरोध जताया, जिससे मुद्दा और गरमाया

11/05/2026

धीमी सांस और ढीला शरीर के कारण 2 घंटे में ज़ोंबी बनने की बात कही गई है - अखंड भारत चैनल इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है, इसलिए स्वयं जांच करें। 🤔👻💀😱 #समयर

11/05/2026

9 पुलिस अधिकारियों को पहली मौत की सजा (चौंकाने वाला) | कुलदीप सिंघानिया

ऐसे न्यूज़ से ज्यादा ख़ुश ना हो जाए 👆 👆

एजेंडा 2030 न्यू वर्ल्ड ऑर्डर 👇👇

सब कुछ एक होगा... एक विश्व सरकार, एक डिजिटल ID, एक करेंसी, एक धर्म, एक क़ानून, एक सेना

Uniform Civil Code (यूनिफॉर्म सिविल कोड) है, 'समान नागरिक संहिता' का खेल चल रहा है

UCC का फुल फॉर्म Uniform Civil Code (यूनिफॉर्म सिविल कोड) है, जिसे हिंदी में 'समान नागरिक संहिता' कहते हैं। यह एक प्रस्तावित कानून है जो सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने और संपत्ति के मामलों में एक समान नियम लागू करता है, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो।

UCC के बारे में मुख्य बातें:

अर्थ: धर्म आधारित निजी कानूनों (Personal Laws) को खत्म कर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून बनाना।

उद्देश्य: लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना।

वर्तमान स्थिति: उत्तराखंड भारत का पहला राज्य बना है जिसने UCC बिल पास कर इसे कानूनी रूप दिया है।

संवैधानिक प्रावधान: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 (Article 44) में पूरे देश के लिए समान नागरिक संहिता का उल्लेख है।

मनोज कुमार

11/05/2026

महाराष्ट्र में गैर-मराठी लोगों को जमीन बेचने का आरोप लगाया जा रहा है। मेरी अपनी जमीन, जो शहर के मुख्य क्षेत्र में है, पर अब हरियाणा के अग्रवाल समुदाय का अधिकार है। रेंट कानून का उल्लंघन करके जमीन हड़पी जा रही है। हमारे पूर्वजों ने जमीन लेकर देश के विकास के लिए दी थी, लेकिन अब वही जमीन स्मार्ट सिटी और बड़े-बड़े भवनों के निर्माण के लिए उपयोग हो रही है। यह काम जैन, अग्रवाल और सिंधी समुदाय के लोग कर रहे हैं। महाराष्ट्र के कानून गैर-मराठी लोगों के पक्ष में हैं।

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