Preeti Negi
चलो अब ख़ुद को ख़ुद से मिलाते हैं, कुछ नया करके दिखाते हैं..
02/06/2025
शरीर झुकेगा, मन टिकेगा — यही है योग का सफर
27/05/2025
कभी चाँद सी ठंडी, कभी सूरज सी तपती
वो कोई और नहीं — ख़यालों की मलिका लगे❤️
❤️
24/05/2025
Learning 🧘♀️