Awadhesh Sharma
~ अहिंसा परमो धर्म ~
10/02/2025
मत कर तमन्ना किसी को पाने की,
बड़ी बेदर्द निगाहे है जमाने की,
तु खुद को बना इस कदर की,
तमन्ना रखें लोग तुझे पाने की ...❤️
25/01/2025
भारत की समृद्ध संस्कृति, धार्मिक विरासत, वन्य जीवन एवं प्राकृतिक सुंदरता का अलग ही महत्व है, जिससे पूरा विश्व आकर्षित है।
सभी को National Tourism Day की सभी को हार्दिक शुभकामनाऍं। ✈️🙏
11/08/2024
तुलसीदास (1532–1623) एक महान भारतीय कवि और संत थे, जिन्हें हिंदी साहित्य में अत्यधिक सम्मान प्राप्त है। वे विशेष रूप से अपने महाकाव्य "रामचरितमानस" के लिए प्रसिद्ध हैं, जो भगवान राम की कथा पर आधारित है। तुलसीदास ने इसे अवधी भाषा में लिखा, जिससे यह सामान्य जनता के बीच भी लोकप्रिय हो गया। "रामचरितमानस" ने भगवान राम की भक्ति को घर-घर तक पहुँचाया और उसे भक्ति आंदोलन का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ बना दिया।
तुलसीदास का जन्म राजापुर गाँव में हुआ था, जो उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में स्थित है। उनके पिता का नाम आत्माराम दुबे और माता का नाम हुलसी था। ऐसा माना जाता है कि तुलसीदास का जीवन कठिनाइयों से भरा हुआ था, लेकिन उन्होंने अपनी भक्ति और काव्य प्रतिभा से सभी बाधाओं को पार किया। उनकी रचनाओं में "विनय पत्रिका", "हनुमान चालीसा", "दोहावली", और "कवितावली" शामिल हैं।
तुलसीदास ने भगवान राम के जीवन और गुणों का अत्यंत सुंदर और भक्तिपूर्ण वर्णन किया है। उनके द्वारा रचित "हनुमान चालीसा" भी बहुत लोकप्रिय है और आज भी लोगों के द्वारा प्रतिदिन पढ़ा जाता है। तुलसीदास की रचनाएँ भक्ति, नीति, और भारतीय संस्कृति की महान परंपराओं का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनकी भाषा सरल और सजीव है, जिससे उनके काव्य में एक अद्वितीय आकर्षण है।
25/07/2024
शुभ रात्रि 🙏
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