MD WASIM AKRAM
RealWasimAkram1
02/07/2024
1978 में महाराष्ट्र के अहमदनगर में जन्मे और श्रीरामपुर के रहने वाले जहीर खान पढ़ लिखकर इंजीनियर बनना चाहते थे, लेकिन पिता ने उनसे कहा कि बेटा देश में इंजीनियर तो बहुत हैं तुम तेज गेंदबाज बनो और देश के लिए खेलो। जहीर के पिता उन्हें 17 साल की उम्र में मुंबई ले गए और फिर जिमखाना के खिलाफ फाइनल में जहीर द्वारा लिए गए सात विकेटों ने उन्हें एकाएक सुर्खियों में ला दिया।
यहां से जहीर के क्रिकेट की दमदार शुरुआत हुई और उन्हें मुंबई और वेस्ट जोन की अंडर-19 टीम में शामिल कर लिया गया। इसके बाद जहीर MRF पेस अकादमी से होते हुए तेजी से आगे बढ़े और भारतीय टीम में जगह बनाते हुए सफलता की सीढ़ियां चढ़ने लगे। उन्होंने साल 2000 में टीम इंडिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था।
जहीर ने अपने 14 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में भारत की ओर से खेलते हुए कुल 92 टेस्ट और 200 वनडे मैच खेले। इस दौरान उन्होंने टेस्ट में 311 और वनडे मैचों में 282 विकेट हासिल किए। जहीर ने इस दौरान 17 अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैचों में भी भाग लिया और 17 विकेट चटकाए। कुल मिलाकर जहीर ने 309 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 610 विकेट अपने नाम किए और देश के सफलतम तेज गेंदबाजों की लिस्ट में शुमार हुए।
जहीर ने वापसी करने के साथ ही भारत में खेले गए 2007 वर्ल्ड कप के लिए टीम में अपनी जगह भी पक्की की और शानदार प्रदर्शन किया। जहीर ने 2003 वर्ल्ड कप में भी गांगुली की अगुवाई में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए टीम को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। वर्ल्ड कप इतिहास में भी जहीर खान भारत की तरफ से सबसे अधिक विकेट लेने वाले हैं। उन्होंने मात्र 23 वर्ल्ड कप मैचों में 20.22 की औसत से 44 विकेट अपने नाम किए थे।
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