Sankhya Art Foundation
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26/10/2025
पुस्तक परिचय- षडंग
लेखक- त्रिवेणी प्रसाद तिवारी
Triveni Tiwari
पुस्तक के बारे में दो शब्द-
कलाएं हमारे देश के दर्शन - अध्यात्म की वैचारिकी का दृश्यात्मक रूप हैं। वह पश्चिम की भांति भारत में मनोरंजन मात्र नहीं है। भारत की अक्षुण्ण ज्ञान परम्परा में षड्दर्शन का जो स्थान है, वही महत्व चित्रकला में षडंग का है।
चित्रकला एवं मूर्तिकला की भारतीय परम्परा और उनका सौंदर्य दर्शन इक्कीसवीं सदी में प्रासंगिक एवं प्रायोगिक, दोनों हैं । वैश्विक कला परिदृश्य में कलाओं की वैयक्तिक अभिव्यंजना के बीच भारतीय कला 'लीयते परमानंदम् ' को कला की अंतिम उपलब्धि मानती है। इस पुस्तक में परमानंद के षडंग की ही व्याख्या की गई है ...
लेखक परिचय-
त्रिवेणी प्रसाद तिवारी मूलत: एक संवेदनशील मूर्तिशिल्पी हैं, जिनका माध्यम सेरामिक है। वह काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी से 'पाॅटरी सेरामिक एण्ड डिजाइन' में परास्नातक हैं। दिल्ली, मुम्बई जैसे महत्वपूर्ण विभिन्न स्थानों पर कई कला-प्रदर्शनियों में उनकी कलाकृतियों ने सभी का ध्यान आकृष्ट किया है। ललित कला अकादमी में उनकी एकल प्रदर्शनी "बीजक" सेरामिक विधा के गाम्भीर्य वैचारिकी के लिए जानी जाती है। प्रथम भारतीय अंतरराष्ट्रीय सेरामिक बिनाले जयपुर में प्रदर्शित उनकी मूर्तिशिल्प "उजड़े शहर में बीज" काफी चर्चित रही।
एक कलाकार की अभिव्यक्ति रूप - रंग एवं रेखाओं के दृश्यमान प्रस्तुति में होती है। वह कला रचना की वैयक्तिक अनुभूतियों पर गहराई से बात तो कर सकता है परन्तु कला के सौंदर्यशास्त्रीय पक्ष पर लिखना उसके लिए कहीं अधिक कठिन होता है। प्रस्तुत पुस्तक में त्रिवेणी प्रसाद तिवारी, कला की शास्त्रीय परिप्रेक्ष्य एवं कलाकार के अनुभूतिजन्य भावों को सरल ढंग से व्यक्त करते हैं। कला में षडंग की भारतीय अवधारणा को सहज रूप में रेखांकित करना ही इस पुस्तक का लक्ष्य है। चूॅंकि वह मौलिक रूप से कलाकार हैं इसलिए उनके लेखन में शास्त्रीयता के साथ भावप्रवणता भी है, जो इस पुस्तक को सैद्धांतिक शुष्कता से बचाती है। इस पुस्तक को पढ़ना केवल भारतीय कला की महान षडंग अवधारणा से परिचित होना ही नहीं है बल्कि कलाकार के हृदय में बनने वाली कलाकृतियों के निर्माण प्रक्रिया की ऊहापोह और घटित आनंद को करीब से अनुभूत करना भी है।
डॉ. जय प्रकाश सिंह
सहायक आचार्य
हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला
एवं
उप सम्पादक
संवाद सेतु (आनलाइन)
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