Ak.chhonkar
ओज कवयित्री अंशु छौंकर "अवनी" (आगरा)
कवि सम्मेलन, मंच संचालन, संयोजन,लेखिका इत्यादि
06/07/2025
#अहिंसा_परमो_धर्मः
भरे हिंसा जो नस्लों में उसे व्यवहार मत मानो,
खून से हाथ रंग कर दे उसे उपहार मत मानो।
काट बकरे की गर्दन को ईद का करते हैं सजदा
पशु हत्या कर खाते हों उसे त्यौहार मत मानो।।
जो हिंसा को बढ़ावा दे वह कभी त्यौहार नहीं हो सकता
किसी को भोजन करवाकर जो आत्मा की तृप्ति मिलती है उसी पुण्य का नाम त्यौहार है किसकी हत्या करने का नहीं।
यह सब बंद होना चाहिए..., हम किसी को जीवन दे नहीं सकते, तो किसी का भी जीवन लेने का अधिकार किसी इंसान को कैसै हो सकता है__
इस फोटो में मासूम से जानवर बच्चे को देख कर
आप भी इस बात पर विचार करियेगा.. (प्रेम सर्वश्रेष्ठ)
आपकी लाडली अंशु छौंकर 'अवनी' '
्री_राम🙏🚩🙏
01/03/2025
भयंकर सर्दी_
Radhe radhe🙏
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