Your Daily Astro Tips
Astro & Horoscope update daily wise..
1. छोटे व्यापारिक कार्य प्रारम्भ करने हेतु शुभ मुहूर्त
तत्व शुभ
वार रविवार, सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
मास क्षय मास, मल मास, अधिक मास वर्जित
पक्ष शुक्ल पक्ष
तिथि द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, द्वादशी, त्रयोदशी
नक्षत्र अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, रेवती
लग्न कुम्भ लग्न को छोड़कर सभी लग्न
2. बड़े व्यापारिक कार्य प्रारम्भ करने हेतु शुभ मुहूर्त
तत्व शुभ
वार बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
मास क्षय मास, मल मास, अधिक मास वर्जित
पक्ष कृष्ण पक्ष तथा शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा
तिथि द्वितीया, पंचमी, सप्तमी, द्वादशी, त्रयोदशी
नक्षत्र पुनर्वसु, हस्त, चित्रा, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद
लग्न शुभ लग्न
विशेष केन्द्र में शुभ ग्रह तथा 3, 6, 11 भाव में पाप ग्रह शुभ
विशेष टिप्पणी: बड़े उद्योग, फैक्ट्री या बड़े निवेश वाले व्यापार आरम्भ करने से पूर्व जन्मकुंडली, महादशा, अन्तर्दशा एवं ग्रहस्थिति का परीक्षण करवाना उचित माना गया है।
3. बहीखाता (लेजर/अकाउंट बुक) प्रारम्भ करने का शुभ मुहूर्त
तत्व शुभ
वार मंगलवार एवं शनिवार छोड़कर सभी
मास क्षय मास, मल मास, अधिक मास वर्जित
पक्ष कृष्ण पक्ष तथा शुक्ल प्रतिपदा
तिथि द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, अष्टमी, दशमी, द्वादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा
नक्षत्र अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, रेवती
लग्न मेष, मिथुन, कर्क, कन्या, तुला, मकर
विशेष केन्द्र एवं त्रिकोण में शुभ ग्रह तथा 3, 6, 11 भाव में पाप ग्रह
बिना मुहूर्त देखे भी शुभ माने जाने वाले दिन
विजयादशमी
दीपावली
धनतेरस
अक्षय तृतीया
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा
4. सोना-चाँदी के व्यापार हेतु शुभ मुहूर्त
तत्व शुभ
वार मंगलवार एवं शनिवार छोड़कर सभी
मास क्षय मास, मल मास, अधिक मास वर्जित
पक्ष दोनों पक्ष
तिथि प्रतिपदा, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, द्वादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा
नक्षत्र कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, श्रवण, रेवती
लग्न स्थिर लग्न
विशेष त्रिकोण में शुभ ग्रह तथा 3, 6, 11 भाव में पाप ग्रह शुभ
5. लकड़ी के व्यापार हेतु शुभ मुहूर्त
तत्व शुभ
वार रविवार, सोमवार, बुधवार, गुरुवार
मास क्षय मास एवं अधिक मास वर्जित
पक्ष शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष का प्रारम्भिक भाग
तिथि द्वितीया, तृतीया, पंचमी, अष्टमी, दशमी, द्वादशी, त्रयोदशी
नक्षत्र अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती
लग्न स्थिर लग्न
विशेष त्रिकोण में शुभ ग्रह तथा 3, 6, 11 भाव में पाप ग्रह
6. प्रिंटिंग प्रेस, पुस्तक, प्रकाशन एवं समाचार-पत्र सम्बन्धी कार्य हेतु शुभ मुहूर्त
तत्व शुभ
वार बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
मास क्षय मास, मल मास, अधिक मास त्याज्य
पक्ष शुक्ल पक्ष
तिथि द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, अष्टमी, दशमी, द्वादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा
नक्षत्र अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, विशाखा, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, रेवती
लग्न स्थिर लग्न
विशेष त्रिकोण में शुभ ग्रह तथा 3, 6, 11 भाव में पाप ग्रह शुभ
सामान्य नियम
लगभग सभी व्यापारिक मुहूर्तों में निम्न बातों को विशेष महत्व दिया गया है:
क्षय मास, मल मास और अधिक मास से परहेज।
केन्द्र एवं त्रिकोण में शुभ ग्रहों की स्थिति।
तृतीय, षष्ठ एवं एकादश भाव में पाप ग्रहों का होना कई कार्यों में लाभकारी माना गया है।
बड़े आर्थिक निर्णयों में व्यक्तिगत जन्मकुंडली, दशा एवं गोचर का विचार करना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।