Shrinath Prapannacharya

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22/09/2025

प्रथम पुण्यतिथि
वेदमूर्ति धर्मस्वरूप ब्रह्मचारी जी बाबागुरू/गुरुदेव भगवान जी की है, आपके श्री
चरणों में बारंबार नमन है, 🙏

22/09/2025

#जन्मकुण्डली_में_राजनेता_बनने_का_योग।👇🏼👇🏼
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🔸कुण्डली में लग्न द्वितीय षष्टम और दशम भाव का सम्बन्ध यदि दशम भाव को प्रभावित करे।
अधिकतम ग्रह केन्द्र त्रिकोण के स्वामी होकर दशम भाव को प्रभावित कर के राजयोग का निर्माण करे तो राजनेता योग बनता है।
🔸दशम और चतुर्थ भाव का मजबूत होना आवश्यक है क्योंकि दशम भाव राजा और चतुर्थ भाव प्रजा को दर्शाता है।
🔸दोनों भाव मजबूत हों तो जातक सरकार से लाभान्वित होता है।
राजनीति में रुचि हो तो राजनेता बनता है।
♦️राजनेता बनने के बहुत सारे योगों में से ये कुछ योगों के उदाहरण हैं जो कि प्रस्तुत कुण्डली में अप्लाई होते हैं।
🔸जातक भविष्य में राजनेता बनेगा क्योंकि राजनीति में रुचि भी है और समाज सेवा में पीछे नहीं हटता है।
गरीब घर से सम्बन्ध रखने वाला ये युवा भविष्य में एक अच्छा समाजसेवी बनेगा तथा राजनीति में भी अपनी अच्छी पहचान बनायेगा।

♦️जन्मकुण्डली के कुछ मुख्यबिंदु 👇🏼👇🏼

🔹मेष लग्न की कुण्डली में लग्न का स्वामी मंगल चतुर्थ भाव में नीच राशि का है लेकिन उच्च बृहस्पति के साथ होने तथा चन्द्रमा और शनि की दृष्टि मंगल पर होने से मंगल का नीचभंग राजयोग बना है। जातक संघर्ष कर के जीवन में उन्नति प्राप्त करता है।

🔹बृहस्पति का उच्च राशि में होना हंस महापुरुष राजयोग बना है जिसके कारण जातक को उन्नति मिलेगी और भाग्य बहुत अच्छा साथ देगा।

🔹दशम भाव में शनि का शशक महापुरुष राजयोग बना है जो समाज सेवी बनाएगा न्यायिक स्वभाव देगा।

🔹 मंगल शनि का दृष्टि सम्बन्ध द्वन्द योग बना रहा है, जातक बड़े से बड़े रिस्क लेने को तैयार हो जाता है क्योंकि मेष लग्न अग्नि तत्व का लग्न है और जोश अधिक रहता है, जब दशमेश के साथ दृष्टि सम्बन्ध होने पर द्वन्द योग बने तो व्यक्ति अच्छे काम के लिए रिस्क लेने से नहीं चूकता है क्योंकि लग्नेश और दशमेश का दृष्टि सम्बन्ध व्यक्ति को कर्मशील बनाता है।

🔹लग्नेश दशम भाव को तथा दशमेश को उच्च दृष्टि से देख रहा है जो राजनीतिक सम्पर्क में वृद्धि कर रहा है।

🔹दशमेश शनि और भाग्येश बृहस्पति का दृष्टि सम्बन्ध धर्मकर्माधिपति राजयोग बना रहा है जो भविष्य में राजनैतिक करियर में उन्नति दे रहा है।

🔹नवम भाव में नीच राहु होने के कारण पिता का सुख कम रहा है तथा बच्चपन भी कठिनाई में निकाला है, संघर्ष अधिक करना पड़ा है।

🔹बच्चपन राहु की खराब दशा ने जातक को जिन्दगी के काफी बुरे चेहरे दिखाए हैं जिसके कारण फर्श और अर्श की परिस्थितियों की समझ होगी क्योंकि राहु महादशा के बाद बृहस्पति की महादशा शुरू होगी और बृहस्पति राजयोग बना रहा है।

🔹बृहस्पति की महादशा में जातक की उन्नति का योग बनता है और अक्तूबर 2020 से राजयोग कारक ग्रह की दशा शुरू हो रही है।

🔸आने वाले समय में इलैक्शन जब भी होंगे उनमें विजय होना निश्चित है।🔸

🔹बृहस्पति की महादशा 2020 में ही शुरू है जो राजनीति में करियर की शुरुआत करेगी।

♦️जातक अपने जीवन में MLA जरूर बनेगा और दशमेश शनि तथा सप्तमेश शुक्र और भाग्येश बृहस्पति के दृष्टि सम्बन्ध से जनता के द्वारा चुना जाना स्पष्ट करता है।

🔸35 साल के राजनैतिक करियर में यहाँ तक भी सम्भावना है कि मन्त्री भी बनेंगे।

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