Raghav Sharma
इंसान को उस जगह हमेशा 'खामोश' रहना चाहि?
09/06/2023
#कितने_मददगार_हैं_हम_?
जब " टाईटेनिक " समुद्र मे डूब रहा था तो उसके आस पास तीन ऐसे जहाज़ मौजूद थे जो टाईटेनिक के मुसाफिरो को बचा सकते थे I
सबसे करीब जो जहाज़ मौजूद था उसका नाम "SAMSON " था और वो हादसे के वक्त टाईटेनिक से सिर्फ सात मील की दुरी पर था I
सैमसन के कैप्टन ने न सिर्फ टाईटेनिक कि ओर से फायर किए गए सफेद शोले ( जो इमरजेंसी वाली हालत मे जहाज से हवा मे फायर किया जाता है) देखे थे, बल्कि टाईटेनिक के मुसाफिरो के चिल्लाने के आवाज़ को भी सुना भी था I
लेकिन सैमसन के लोग गैर कानूनी तौर पर बहुत कीमती समुद्री जीवो का शिकार कर रहे थे और नही चाहते थे कि पकड़े जाए लिहाजा वो टाईटेनिक की हालात को देखते हुए भी मदद न करके अपनी जहाज़ को दुसरे तरफ़ मोड़ कर चले गए...
" ये जहाज़ हम मे से उन लोगो कि तरह है जो अपनी गुनाहो भरी जिन्दगी मे इतने मग़न हो जाते है कि उनके अंदर से इन्सानियत का एहसास खत्म हो जाता है और फिर वो सारी जिन्दगी अपने गुनाहो को छिपाते गुजार देते है I"
दूसरा जहाज़ जो करीब मौजूद था उसका नाम "
"CALIFORNIAN " था जो हादसे के वक्त टाईटेनिक से चौदह मील दूर था, उस जहाज़ के कैप्टन ने भी टाईटेनिक की तरफ़ से मदद की पुकार को सुना..
और बाहर निकल कर सफेद शोलों अपनी आखो से देखा लेकिन क्योकि टाईटेनिक उस वक्त बर्फ़ की चट्टानो (आइसबर्ग्स ) से घिरा हुआ था I
और उसे उस चट्टानो के चक्कर काट कर जाना पड़ता इसलिए वो कैप्टन मदद को ना जा कर अपने बिस्तर मे चला गया और सुबह होने का इन्तेजार करने लगा I
जब सुबह वो टाईटेनिक के लोकेशन पर पहुचा तो टाईटेनिक को समुद्र कि तह मे पहुचे हुए चार घंटे गुज़र चुके थे और टाईटेनिक के कैप्टन Adword_Smith समेत 1569 मुसाफिर डूब चुके थे I
" ये जहाज़ हम लोगो मे से उनकी तरह है जो किसी की मदद करने अपनी सहूलत और असानी देखते है और अगर हालात सही ना हो तो किसी की मदद करना अपना फ़र्ज़ भूल जाते है I "
तीसरा जहाज़ "CARPHATHIYA" था जो टाईटेनिक से 68 मील दूर था, उस जहाज़ के कैप्टन ने रेडियो पर टाईटेनिक के मुसाफिरो की चीख पुकार सुनी..
जबकि उसका जहाज़ दूसरी तरफ़ जा रहा था उसने फौरन अपने जहाज़ का रुख मोडा और बर्फ़ की चट्टानो और खतरनाक़ मौसम की परवाह किए बेगैर, मदद के लिए रवाना हो गया I
हालांकि वो दूर होने की वजह से टाईटेनिक के डूबने के दो घंटे बाद लोकेशन पर पहुच सका लेकिन यही वो जहाज़ था। जिसने लाईफ बोट्स की मदद से टाईटेनिक के बाकी 710 मुसाफिरो को जिन्दा बचाया था और उन्हें हिफाज़त के साथ न्यूयार्क पहुचाया था I
उस जहाज़ के कैप्टन "आर्थो रोसट्रन " को ब्रिटेन के इतिहास मे चंद बहादुर कैप्टनो मे शुमार किया जाता है और उनको कई समाजिक और सरकारी आवार्ड से भी नवाजा गया I
याद रखिए!
हमारी जिन्दगी मे हमेशा मुश्किलें रहती है, चैलेंज रहते है लेकिन जो इस मुश्किलात और चैलेंज का सामना करते हुए भी इन्सानियत की भलाई के लिए कुछ कर जाए उन्हे ही इन्सान और इंसानियत सदैव याद करती है I
लेखक-अज्ञात से साभार
गंगा दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए ध्यान में रखियेगा,
1.गंगाजी में गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक प्रतिदिन 144.2
मिलियन क्यूबिक मलजल प्रवाहित किया जाता है।
2. गंगाजी में लगभग 3840 नाले गिरते है।
3. गंगाजी तट पर स्थापित औद्योगिक इकाईया प्रतिदिन 430 मिलियन लीटर जहरीले अपशिष्ट का उत्सर्जन करती है जो सीधे गंगा में बहा दिया जाता है।
4. लगभग 172.5 हजार टन कीटनाशक रसायन और खाद हर वर्ष गंगाजी में पहुँचता है।
5.वर्तमान समय में गंगाजी में डालफिन लुप्तप्राय है. उत्तर प्रदेश में मात्र 100 बची हैं।
6.गंगाजी किनारे तीन किलोमीटर के दायरे में धोबीघाट पाए जाते है जो चालीस से साठ प्रतिशत फास्फोरस डिटर्जेंट के माध्यम से पहुचा रहे है।
7. गंगा बेसिन में केवल 14.3 परसेंट वन शेष बचे हैं।
गंगाजी की प्रमुख धाराओं की वर्तमान स्थिति भी समझ लीजिए,
1. गणेश गंगा (पातालगंगा )---- सूखी
2. गरुड्गंगा ------ सूखी
3. ऋषी गंगा ----- जलस्तर में तेजी से गिरावट
4. रूद्र गंगा ------ विलुप्त
5. धवल गंगा ------ जलस्तर में तेजी से गिरावट
6. विरही गंगा ------ जलस्तर में तेजी से गिरावट
7. खंडव गंगा ----- विलुप्त
8. आकाश गंगा ------ जलस्तर में तेजी से गिरावट
9. नवग्राम गंगा ------ विलुप्त
10. शीर्ष गंगा ----- विलुप्त
11. कोट गंगा ----- विलुप्त
12. गूलर गंगा ----- जलस्तर में तेजी से गिरावट
13. हेम गंगा ----- सूखी
14. हेमवती गंगा ---- विलुप्त
15. हनुमान गंगा ---- जलस्तर में तेजी से गिरावट
16. सिध्तारंग गंगा ---- जलस्तर में तेजी से गिरावट
17. शुद्ध्तारंगिनी गंगा ---- विलुप्त
18. धेनु गंगा ----- विलुप्त
19. सोम गंगा ----- विलुप्त
20. अमृत गंगा ----- जलस्तर में तेजी से गिरावट
21. कंचन गंगा ----- वनस्पति के तीव्र दोहन से गादयुक्त हो गयी है
22. लक्ष्मण गंगा ------ जलस्तर में तेजी से गिरावट
23. दुग्ध गंगा ----- विलुप्त
24. घृत गंगा ----- विलुप्त
25. रामगंगा ----- तेजी से सूख रही
26.केदार गंगा जलस्तर में तेजी से गिरावट
2014 से पहले गंगाजी स्थाई रूप से रुग्ण थीं, 2014 के बाद गंगाजी को समयानुसार साफ/ धाराओं को मुक्त कर वाह वाही लूटी जाती है। कोई स्थायी मॉडल अभी विकसित नही हुआ है जो संतोषजनक हो। गंगाजी के किनारे होटल्स और टेनरियों की भीड़ ने गंगा को अति दूषित कर रखा है। हरिद्वार के आगे गंगाजी सहायक नदियों के भरोसे हो जाती हैं। यही हाल अन्य नदियों का है। दिल्ली में यमुनाजी मर गयी है, नदी के नाम पर सीवर बह रहा है।
कैसे कहूँ कि गंगा माई तोहार ऊंची अररिया 🙄
18/04/2023
कृपया पूरा पढ़ें,
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जनता अगर बुलडोजर चलने पर, एनकाउंटर होने पर खुश हो रही है तो इसका एक ही मतलब है कि देश की जनता को देश की न्याय व्यवस्था पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है.
देश की न्याय व्यवस्था पर भरोसा सिर्फ नेता और पैसे वाले करते हैं, क्योंकि ये लोग ही न्याय को खरीद पाते हैं.
कोई भी आम नागरिक देश के सिस्टम, न्याय, संविधान पर भरोसा नहीं करता ये ही सच है.
संजय दत्त को इतने बड़े अपराध की इतनी छोटी सजा मिली और वो भी पूरी पेरोल मे कट गई.
लालू यादव मेडिकल ग्राउन्ड के नाम पर जेल से बाहर रहता है, सलमान खान फुटपाथ पर सो रहे लोगों पर गाड़ी चढ़ा देता है पर उसकी गाड़ी कोई नहीं चला रहा था वो अपने आप ही चाल रही थी और हिरण की हत्या के मामले में भी हिरण ने भी खुद आत्महत्या कर ली थी.
राणा अयूब को कोर्ट ये कहकर छोड़ देता है कि 12 करोड़ की रकम छोटी होती है इसके लिए महिला को जेल मे नहीं रख सकते.
वही कोर्ट 50 रु की बात पर पोस्टमेंन को 10 साल जेल कटवा देता है... रवि तिवारी ने 25 साल जेल काटी उस अपराध के लिए जिसमे अधिकतम सजा 1 साल होती है.
अट्रासिटी ऐक्ट, दहेज प्रताड़ना के 95% केस फर्जी होते है पर फिर भी एसे कानून हैं.
बेअंत सिंह के हत्यारों को फासी नहीं दी 25 साल हो गए, क्योंकि वोट बैंक का मामला है.
तमिलनाडु मे राजीव गांधी की हत्या करने वालों को नहीं दी, वोट बैंक का मामला है.
लाखों लोग जेलों मे बंद है अपनी सजा से 20 गुना जयदा तक सजा जेल मे काट चुके हैं, क्योंकि मिलॉर्ड से सुनवाई की तारीख नहीं मिल रही, क्योंकि जमानत के लिए पैसे नहीं है.
पार्टियों की सुप्रीम कोर्ट मे याचिका लगती है तो 1 दिन मे डेट मिल जाती है, आम आदमी को सालों में भी नहीं.
आज बाहर कोई छेड़छाड़ कर रहा हो, गुंडाई कर रहा हो, दुर्घटना ग्रस्त हो... तो आम आदमी चाह कर भी मदद के लिए आगे नहीं आता... क्योंकि बाद मे कोर्ट मे उसका खून पी लिया जाएगा, जैसे आप ही अपराधी हो.
आप पुलिस के पास जाएंगे वहा लूटा जाएगा, कोर्ट मे जाएंगे वहा और लूटा जाएगा.
संविधान संविधान कितना भी गा लो, सब कुछ प्रत्यक्ष है.
संविधान बनाने वाले सब वकील थे, इसलिए न्याय का सिस्टम वकीलों की कमाई के लिए बना है न्याय देने के लिए नहीं.
जुडीशियरी एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के जैसे काम करती है. जजों ने खुद के लिए सुविधाओं का अंबार लगा लिया है. कभी किसी हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जज को रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट पर देखना... उसे छोड़ने और लिवाने निचली अदालतों के कई जज ढेर सारे चपरासी और पुलिस वाले मक्खन लगाते खड़े मिलेंगे. गाड़ी पर नंबर प्लेट के ऊपर नंबर के अलावा कुछ भी लिखना अपराध माना जाता है. पर किसी भी कोर्ट के बाहर खड़ी गाड़ियां देख लीजिए आपको हर जज की गाड़ी की नंबर प्लेट पर कहीं न्यायधीश कहीं जिला जज कहीं मजिस्ट्रेट लिखा नजर आ जाएगा.
हम जानते है कि हर गुंडा जेल से बाहर आ जाता है, इसलिए हम खुश होते है एनकाउंटर होने पर.
पर ये खुश होने से ज्यादा, देश के लोकतंत्र और संविधान पर शर्मिंदा होने की बात ज्यादा है.
✒️RK Sharma ji
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