Digital First Aid Inc.
Computer repairing, Data recovery, Software installation, Hardware trouble shooting, Server installa
कंप्यूटर सर्वर क्या हैं और कैसे काम करते हैं।
कंप्यूटर सर्वर हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर का एक संयोग है जिसे सेवा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, सर्वर शब्द का प्रयोग सेवा प्रदान करने में सक्षम किसी सॉफ्टवेयर या संबंधित हार्डवेयर के संदर्भ में होता है। सरल शब्दों में कहें तो सर्वर का मतलब है जो सर्व करे, अब कंप्यूटर सर्वर आपको चाय, कॉफी या पिज़्ज़ा तो सर्व करने से रहे, उनके पास तो बस इन्फॉर्मेशन होती हैं और वही वे बांटते हैं, तो आइए जानते हैं कि सर्वर ऐसा करते कैसे हैं।
कंप्यूटर के छात्र सर्वर का नाम सुनते ही किसी ऐसे विशिष्ट कंप्यूटर की कल्पना करना शुरू कर देते हैं जो घरेलू कंप्यूटर से बिल्कुल अलग हों। ये सच है कि सर्वरों के हार्डवेयर विशिष्ट हो सकते हैं जैसे उनमें हार्ड डिस्क ड्राइव, पावर सप्लाई इत्यादि एक से अधिक हो सकते हैं जो आपातकाल के लिए प्रयोग में आते हैं जिसमें एक के काम करना बंद करने पर दूसरा अपने आप शुरू हो जाता है और कार्यभार संभाल लेते हैं। सर्वरों में लगे कलपुर्जे घरेलू कंप्यूटरों से अधिक टिकाऊ एवं लगातार चलने के लिए बने होते हैं परन्तु इसका यह अर्थ कतई नहीं कि एक घरेलू कंप्यूटर सर्वर का काम नहीं कर सकता। स्लैकवेयर लिनक्स की वेबसाइट "www.slackware.com" का वेबसर्वर जिस कंप्यूटर पर चल रहा है उसमें इंटेल का पेंटियम-III 600 मेगाहेर्ट्स का प्रोसेसर और केवल 512 मेगाबाइट की मैमोरी है जबकि आजकल 2048 मेगाबाइट की मैमोरी स्मार्टफोन में भी आम हो चली है। स्लैकवेयर का यह वेबसर्वर बिना किसी बाधा के कई सालों से लगातार चल रहा है। चूंकि सर्वरों को साधारणतः किसी नेटवर्क से ही एक्सेस किया जाता है इसलिए ये बिना किसी मॉनिटर या इनपुट डिवाइस के चालू रह सकते हैं। इनमें वे सभी सर्विसेज अनुपस्थित रहती हैं जिनकी सर्वर की क्रियाशीलता के लिए जरूरत नहीं। कई सर्वरों में ग्राफ़िकल यूज़र इंटरफ़ेस (GUI) नहीं होते हैं क्योंकि यह अनावश्यक होता है और इससे उन संसाधनों का भी क्षय होता है जो कहीं-न-कहीं GUI के लिए आवंटित होते हैं। इसी तरह, ऑडियो और USB इंटरफ़ेस भी अनुपस्थित रह सकते हैं।
जैसा कि पहले ही बताया गया है कि सर्वर सेवाएं प्रदान करते हैं, ये सेवाएं के तरह की होती हैं और उसी संदर्भ में सर्वरों का नामकरण किया जाता है, जैसे वेबसर्वर, ईमेल सर्वर, फ़ाइल सर्वर, गेम सर्वर, प्रॉक्सी सर्वर, DHCP सर्वर, टाइम सर्वर इत्यादि। ये सारी की सारी सेवाएं केवल एक ही सर्वर से भी प्रदान की जा सकती हैं या हर एक सेवा के लिए पृथक सर्वर का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये सर्वर किसी कम्पनी/शहर/देश के अलग-अलग कोनों में भी स्थित हो सकते हैं जो पृथक कंप्यूटर नेटवर्क के द्वारा आपस में जुड़े हों। सेवाओं को ग्रहण करने वाला अमूमन नहीं बता सकता कि ये सेवाएं एक ही सर्वर से प्रदान की जा रही हैं या अलग-अलग सर्वरों से।
सर्वर अपनी सेवाएं किस तरह प्रदान करते हैं उनकी कार्यविधि को समझने के लिए हम एक परिस्थिति की कल्पना करते है। मान लीजिए आप अपने कंप्यूटर/स्मार्टफोन से "विज्ञानविश्व" की वेबसाइट को एक्सेस करना चाहते हैं, आप अपना पसंदीदा वेब ब्राउज़र चलाते हैं और विज्ञानविश्व का एड्रेस vigyanvishwa.in टाइप करते हैं, इस स्थिति में कंप्यूटर सबसे पहले अपने खुद के डेटाबेस में (होस्ट फ़ाइल) में विज्ञानविश्व का पता (IP एड्रेस) ढूंढता है, अगर पता मिल जाता है तो पते की ओर बढ़ता है, पता ना मिलने पर ये एक दूसरे कंप्यूटर, डोमेन नेम सर्वर (DNS) का रुख करता है (DNS इंटरनेट प्रदाता द्वारा प्रदान किये जाते हैं)। जैसे मेरी स्थिति में ये वोडाफोन के DNS के पास जाकर पूछता है "DNS भाई क्या आपको vigyanvishwa.in का पता मालूम है" वोडाफोन का सर्वर जवाब देता है "मुझे विज्ञानविश्व का पता तो नहीं मालूम पर उस DNS का पता मालूम है जो ".in" प्रत्यय वाली वेबसाइटों का लेखाजोखा रखता है"। हमारा ब्राउज़र इस पते को लेकर इस नये सर्वर की ओर रुख करता है और फिर से vigyanvishwa.in का पता इस नये DNS से पूछता है। अगर इस DNS को भी पता मालूम नहीं तो ये कह सकता है कि "भाई मुझे vigyanvishwa.in का पता तो नहीं मालूम, परंतु उस DNS पता मालूम है जो v से शुरू और .in पर खत्म होने वाली वेबसाइटों का लेखाजोखा रखता है" हमारा ब्राउज़र इस DNS के पते को लेकर इस नए DNS के पास जाता है और एक बार फिर से vigyanvishwa.in पता इस DNS से पूछता है, इस बार ये DNS रिप्लाई करता है कि "हाँ मुझे vigyanvishwa.in का पता मालूम है, ये ***.***.***.*** है" (यह एक सामान्य स्थिति है, इस लेख को लिखते समय इंटरनेट पर 1अरब 91 करोड़ 16 लाख 47 हजार से अधिक सक्रिय वेबसाइटें थीं जो लगातार बढ़ रही हैं, कोई भी DNS अकेले ही इतने बड़े डेटाबेस को नहीं संभाल सकता)। ध्यान दें अभी हमें vigyanvishwa.in का पता ही प्राप्त हुआ है, मगर हम तो विज्ञानविश्व की वेबसाइट को देखना चाहते हैं, आगे की कार्यवाही समझने के लिए हमें जानना होगा कि एक सर्वर और हमारा कंप्यूटर आपस में बात कैसे करते हैं।
दरअसल इंटरनेट की लगभग पूरी संरचना सेवार्थी-सेवक (क्लाइंट-सर्वर) मॉडल पर आधारित है, इसमें सर्वर एक ऐसे घर की तरह माना जा सकता है जिसमें कई सारे दरवाजे (पोर्ट) हैं, हरेक दरवाजे पर प्रदान की जाने वाली सर्विस के हिसाब से एक सर्वमान्य पूर्वनिर्धारित नम्बर अंकित होता है जैसे http के लिए 80 नम्बर पोर्ट, https के लिए 443 नम्बर पोर्ट, DNS के लिये 53 नम्बर पोर्ट इत्यादि (कुल 65535 पोर्ट हैं जो भिन्न भिन्न सेवाओं के लिए इस्तेमाल किये जा सकते हैं) जब कोई क्लाइंट किसी विशिष्ट सेवा जैसे http को प्राप्त करना चाहता है तो उसे 80 नम्बर का दरवाजा खटखटाना होता है, दरवाजा खटखटाने के बाद सर्वर के पोर्ट 80 पर चलने वाली सर्विस (जैसे अपाचे वेबसर्वर) जवाब देती है। हालांकि ऐसा कोई नियम नहीं की आप पोर्ट 80 पर कोई और सर्विस चला ही नहीं सकते (इस विषय पर आगे फिर कभी)
जब हमारे कंप्यूटर को vigyanvishwa.in का पता मिल जाता है तो वेब ब्राउज़र उस पते पर जाकर 80 नम्बर पोर्ट को खटखटाता है। दरवाजा खटखटाने पर वेबसर्वर प्रोग्राम किसी सरकारी कर्मचारी की तरह रूखी दृष्टि डालते हुए ब्राउज़र को देखता है और हमारा ब्राउज़र चिल्लाता है vigyanvishwa.in, और फिर वेबसर्वर प्रोग्राम vigyanvishwa.in वेबसाइट के होम पेज का HTML code हमारे ब्राउज़र को पकड़ा देता है। हमारा वेब ब्राउज़र एक आज्ञाकारी सेवक की तरह इस HTML code को लेकर वेबपेज की शक्ल में रूपांतरित कर हमारे सामने प्रस्तुत कर देता है। हर एक नए पेज के लिए हमें vigyanvishwa.in के सर्वर का 80 नम्बर वाला दरवाजा खटखटाना होता है और इच्छित पेज के बारे में बताना होता है, जैसे vigyanvishwa.in/about, vigyanvishwa.in/index इत्यादि। एक बार किसी वेबसाइट का पता मिलने पर कंप्यूटर इसे कुछ समय के लिए स्थानीय रूप से अपने खाते (cache) में अंकित कर लेता है जिससे DNS सर्वर तक जाने की ऊपर बताई गई कार्यवाही बार बार न करनी पड़े।
तो ये था कि हम अपने कंप्यूटर पर एक सर्वर से किसी वेबसाइट को कैसे देखते हैं, हालांकि इस सारी कार्यवाही में एक और महाशय श्रीमान डिफ़ॉल्ट गेटवे की भी बड़ी अहम भूमिका होती जिनके बारे में हम आगे के लेखों में चर्चा करेंगे।
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Address
Ballabgarh
121004
Opening Hours
| Monday | 9am - 6pm |
| Tuesday | 9am - 6pm |
| Wednesday | 9am - 6pm |
| Thursday | 9am - 6pm |
| Friday | 9am - 6pm |
| Saturday | 9am - 6pm |
| Sunday | 11am - 4pm |