Gupshup Rani
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17/01/2023
टीवी सीरियल अनुपमा में आने वाला हैंबहुत बड़ा ट्विस्ट....
टीवी सीरियल अनुपमा में कहानी लेगी एक नया मोड , होगी छोटी अनु की असली मां की एंट्री । छोटी अनु के असली माता पिता आयेंगे सामने सीरियल की कहानी मे होने वाली ही माया की एंट्री ये माया कोई और नहीं बल्कि होगी छोटी अनु की असली मां इसी के साथ छोटी अनु से जुड़े सारी पुरानी कहानियां सामने आएंगे। इसी के साथ कहानी में अनुज के भाई अंकुश का भी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को भी कहानी में हवा दी जा रही हैं। इसी के साथ कहानी मे आपको नए-नए मोड़ देखने को मिलेंगे।
14/12/2022
ड्राय फ्रूट समोसा : -आपने कई तरह के समोसों खाए होंगे जैसे आलू समोसा, मटर समोसा लिकिन अब घर पर ड्राई फ्रूट समोसा रेसिपी को बना के देखे।इन्हें आप स्नैक के तौर पर भी उपयोग कर सकते हैं।
ड्राई फ्रूट समोसा बनाने की सामग्री :-
1 बड़ा चम्मच सौंफ़
3 बड़े चम्मच काजू,
2 बड़े चम्मच किशमिश
3 बड़े चम्मच बादाम,
2 बड़े चम्मच चुहारा
2बड़े चम्मच पिस्ता
2 बड़े चम्मच सूखा नारियल, कद्दूकस किया हुआ
2 बड़े चम्मच गुड
3 बड़े चम्मच घी
1 कप मैदा
3 बड़े चम्मच तेल
ड्राई फ्रूट समोसा रेसिपी विधि :-
1. ड्राई फ्रूट समोसा बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में घी गर्म करें, फिर उसमें सुखा नारियल, सौंफ, काजू,बादाम, किशमिश, पिस्ता, छुहारा सभी को धीमी आंच में भून लें ।
2.अब इसे ठंडा होने दें , ठंडा होने पर उसमे गुड पाउडर को
इसमें मिला ले ।
3.अब एक बड़ बर्तन में मैदा में तेल डालकर हाथों से मिक्स करें फिर गुनगुना पानी डालकर आटा गूंद लें।
4. इसके बाद इस आटे को छोटे-छोटे लोई बना लें, फिर बेलन की मदद से गोलाकार छोटी पूरी बेल लें।
5.अब सभी पूरियों को बीच में से काट लें , कटे हुए हिस्से को तिकोना आकार में मोड़ते हुए किनारों को पानी से सील कर लें।
6. इसके बाद तिकोने की शेप में चम्मच की मदद से पहले से तैयार ड्राई फ्रूट की स्टफिंग भरें और पानी लगाकर सील बंद कर दें।
7. अब एक कढ़ाही में तेल गर्म करें, फिर एक-एक कर सभी समोसों को दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें, अब गर्मागर्म सर्व करें।
10/12/2022
जाने अष्टलक्ष्मी के बारे में :- धर्मग्रंथों में धन, समृद्धि तथा वैभव की देवी मां लक्ष्मी को बताया गया है। ये भगवान विष्णु की पत्नी और आदिशक्ति स्वरूप कहा गया हैं धन ,समृद्धि, यश, वैभव के लिए लोग इनकी पूजा अर्चना करते हैं लेकिन देवी लक्ष्मी एक नहीं पूरी 8 हैं और यह अलग-अलग माध्यमों से अपने भक्तों की मनोकामना पूरी करती हैं।
माता आदिलक्ष्मी पहला स्वरूप
देवी लक्ष्मी का पहला स्वरूप आदिलक्ष्मी का है इन्हें मूललक्ष्मी, आदिशक्ति भी कहा जाता है। श्रीमद्देवीभागवत पुराण के अनुसार देवी प्राशक्तिय ने ही सृष्टि के आरंभ में त्रिदेवों को प्रकट किया और इन्हीं से महालक्ष्मी,महाकाली और महासरस्वती ने आकार लिया। महालक्ष्मी ने स्वयं जगत के संचालन के लिए भगवान विष्णु के साथ रहना स्वीकार किया। इन्के द्वारा ही जीवन की उत्पत्ति हुई है। इनके भक्त मोह-माया से मुक्ति होकर मोक्ष को प्राप्त करते हैं। इनकी कृपा से लोक-परलोक में सुख-संपदा प्राप्त होती है।
माता धनलक्ष्मी दूसरा स्वरूप
देवी लक्ष्मी का दूसरा स्वरूप धनलक्ष्मी है। इन्होंने भगवान विष्णु को कुबेर के कर्ज से मुक्ति दिलाने के लिए यह रूप धारण किया था। इस देवी का संबंध भगवान वेंकटेश है जो भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। वेंकटेश रूप में भगवान ने देवी पद्मावती से विवाह के लिए कुबेर से कर्ज लिया। इसी कर्ज को चुकाने में भगवान की सहायता के लिए देवी लक्ष्मी धनलक्ष्मी रूप में प्रकट हुईं। इनके पास धन से भरा कलश है और एक हाथ में कमल फूल है। इनकी पूजा और भक्ति आर्थिक परेशानियों और कर्ज से मुक्ति दिलाती है।
माता धान्यलक्ष्मी तीसरा स्वरूप
धान्य का अर्थ है अन्न संपदा। देवी लक्ष्मी का यह स्वरूप अन्न का भंडार बनाए रखता हैं। इन्हें माता अन्नपूर्णा का स्वरूप भी माना जाता है। यह देवी हर घर में अन्न रूप में विराजमान रहती हैं। इन्हें प्रसन्न करने का एक सरल तरीका है कि घर में अन्न की बर्बादी ना करें। जिन घरों में अन्न का निरादर नहीं होता है उस घर में यह देवी प्रसन्नता पूर्वक रहती हैं और अन्न धन का भंडार बना रहता हैं।
माता गजलक्ष्मी चौथा स्वरूप
देवी लक्ष्मी अपने चौथे स्वरूप में गजलक्ष्मी रूप में पूजी जाती हैं। इस स्वरूप में देवी कमल पुष्प के ऊपर हाथी पर विराजमान हैं। और इनके दोनों ओर हाथी सूंड में जल लेकर इनका अभिषेक करते हैं। देवी की चार भुजाएं हैं जिनमें देवी ने कमल का फूल, अमृत कलश, बेल और शंख धारण किया है। देवी गजलक्ष्मी को कृषि और उर्वरता की देवी माना गया है। यह संतान सुख भी प्रदान करती हैं। कृषिक्षेत्र से जुड़े लोगों और संतान की इच्छा रखने वालों को देवी के इस स्वरूप की पूजा करनी चाहिए।
माता सन्तानलक्ष्मी पांचवां स्वरूप
माता लक्ष्मी का पांचवां स्वरूप संतान लक्ष्मी का है। माता संतानलक्ष्मी का स्वरूप स्कंदमाता से मिलता-जुलता हैं। इसलिए स्कंदमाता और संतान लक्ष्मी को समान माना गया है। संतान लक्ष्मी माता की चार भुजाएं हैं जिनमें दो भुजाओं में माता ने कलश धारण किया है और नीचे के दोनों हाथों में तलवार और ढ़ाल है। यह देवी भक्तों की रक्षा अपने संतान के समान करती हैं। इनकी पूजा से योग्य संतान की प्राप्ति होती है।
माता वीरलक्ष्मी छठा स्वरूप
अपने नाम के अनुसार यह देवी वीरों और सहसी लोगों की आराध्य हैं। यह युद्ध में विजय दिलाती हैं। इनकी आठ भुजाएं हैं जिनमें देवी ने विभिन्न अस्त्र-शस्त्र धारण किया हुआ है। माता वीर लक्ष्मी भक्तों की रक्षा करती हैं और अकाल मृत्यु से बचाती हैं। इनकी कृपा से सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
माता विजयलक्ष्मी देवी लक्ष्मी का सातवां स्वरूप
देवी का सातवां स्वरूप विजयलक्ष्मी का है इन्हें जयलक्ष्मी भी कहा जाता है। इस स्वरूप में माता सभी प्रकार की विजय प्रादान करने वाली हैं। अष्टभुजी यह माता भक्तों को अभय प्रदान करती हैं। आप संकट में फंसे हों तो देवी के इस स्वरूप की पूजा करनी चाहिए।
माता ऐश्वर्यलक्ष्मी आठवां स्वरूप
शिक्षा और ज्ञान से समृद्धि प्रदान करने वाली देवी लक्ष्मी माता का आठवां स्वरूप है। इनका स्वरूप मां दुर्गा से दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी माता से मिलता-जुलता है। इनकी साधना से शिक्षा के क्षेत्र में सफलता और ज्ञान की वृद्धि होती है। इनके साधक अपनी बुद्धि और ज्ञान से प्रसिद्धि पाते हैं।
।।जय मां लक्ष्मी।।
09/12/2022
अजवाइन सर्दियों में होता है बेहद फायदेमंद :-
पेट की दिक्कतों में खासतौर से अजवाइन फायदेमंद साबित होता है।अजवाइन एक मसाला है जिसका उपयोग अलग-अलग पकवानों को बनाने में किया जाता है। अजवाइन का इस्तेमाल आयुर्वेद में भी किया जाता है।अजवाइन में कई गुण पाए जाते हैं जो सेहत के लिए बहुत अच्छे होते हैं। यह फाइबर, खनिज, विटामिन और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर हैं जो सेहत से जुड़ी कई दिक्कतों को दूर करता है। अजवाइन का पानी वजन कम करने में सहायक सा है। यह पानी मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त करता है जिससे खाना जल्दी एब्जॉर्ब होता है। वहीं, खाली पेट इस पानी को पीने से फैट बर्न होता है। इसे वर्कआउट से पहले भी पिया जा सकता है।
अजवाइन के सेवन से पाचन बेहतर होता है। अपच की दिक्कत में खासतौर से अजवाइन फायदा पहुंचाता है। पेट में होने वाली गड़बड़ी से परेशान लोग खाना खाने के बाद अजवाइन का सेवन करने को कहा जाता हैं। ऐसा करने से गैस की परेशानी दूर होती है।पीरियड्स का दर्द होने पर हल्का गर्म अजवाइन का पानी पिएं अजवाइन के एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनेस्थेटिक गुण पीरियड क्रैंप्स से राहत देते हैं।अजवाइन के पानी को खांसी और जुकाम दूर करने के लिए भी पिया जा सकता है. गर्म अजवाइन का पानी एंटी-कफिंग एजेंट कोडेन से भरपूर होता है जो खांसी दूर करता है और बलगम दूर कर गले को भी राहत पहुंचाता है. अजवाइन का पानी आप अजवाइन के दानों को रातभर भिगोकर रखें और सुबह इसे गर्म करके छानकर पी लें।
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