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✅करेंट अफेयर्स : अक्टूबर 2020
• संयुक्त राज्य अमेरिका ने हाल ही में जिस देश के लिए तीन हथियार प्रणालियों की संभावित बिक्री को मंजूरी दी है- ताइवान
• भारत और जिस देश ने हाल ही में 2+2 मंत्रीस्तरीय वार्ता के बाद भू-स्थानिक सहयोग को लेकर बुनियादी विनिमय और सहयोग समझौते (बीईसीए) पर हस्ताक्षर किया- अमेरिका
• केंद्रीय भूगर्भ जल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) के नए निर्देश के अनुसार पीने योग्य पानी का दुरुपयोग भारत में 1 लाख रुपये तक के जुर्माना और कितने साल तक की जेल की सजा के साथ दंडनीय अपराध होगा-5 साल
• हाल ही में जिस देश ने डॉ. हरिवंश राय बच्चन के नाम पर एक चौराहे का नाम रखा है- पोलैंड
• वह राज्य जो ‘प्रधानमंत्री स्वनिधी योजना’ को लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है- उत्तर प्रदेश
• अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का जज जिसे नियुक्त किया गया है- एमी कोनी बैरेट
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अक्टूबर 2020 को जिस राज्य में ‘किसान सूर्योदय योजना ’शुरू की- गुजरात
• हाल ही में जिस देश को 35 साल के अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के संचालक मंडल की अध्यक्षता मिली है- भारत
• संयुक्त राष्ट्र संघ दिवस जिस दिन मनाया जाता है-24 अक्टूबर
• वह देश जो इजरायल को मान्यता देने में संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन में शामिल होने वाला तीसरा देश बन गया- सूडान
परिवीक्षा एवं पैरोल में अन्तर (Difference Between Probation and Parole)-
पैरोल एवं परिवीक्षा दोनों में ही अपराधी को कुछ श्तों पर छोड़ा जाता है जिसके भंग होने पर उसे पुनः जेल भेजा जा सकता है। इन दोनों व्यवस्थाओं में निम्नलिखित अन्तर है-
1. परिवीक्षा अदालत द्वारा स्वीकार की जाती है जबकि पैरोल, पैरोल-बोर्ड द्वारा स्वीकृत की जाती है।
2. परिवीक्षा अपराधी घोषित होने के तुरन्त बाद और जेल जाने से पूर्व की अवस्था है, जबकि पैरोल में अपराधी सजा का एक भाग काट चुका होता है।
3. पैरोल में दण्ड का पलड़ा भारी रहता है । क्योंकि अपराधी को जेल में रखा जाता है जबकि परिवीक्षा में उसे दण्ड नहीं दिया जाता।
4. परिवीक्षार्थी के निरीक्षण में न्यायालय महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है जबकि पैरोल में अपराधी के आचरण का निरीक्षण प्रशासनिक इकाइयों के माध्यम से किया जाता है।
5. पैरोल अपराधी पर एक तरह का अहसान होता है जबकि परिवीक्षा में एहसान का कोई प्रश्न नहीं है।
6. परिवीक्षा में अपराधी का व्यक्तिगत निरीक्षण किया जाता है, जिसमें वर्गीकरण, मानसिक-परीक्षा उसकी परिस्थितियों एवं पूर्व-वृत्ति आदि का अध्ययन रहता है, जबकि पैरोल में इतना गहन अध्ययन नहीं रहता है।
7. पैरोल में बाण्ड, जमानत आदि का अधिक महत्व है। पैरोल लम्बी सजा वाले अपराधियों को प्रदान किया जाता है, जबकि परिवीक्षा पर प्रथम युवा एवं साधारण अपराधियों को छोड़ा जाता है।
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