Jyothirmath
One of four religeious centres established by Adi Shankara
19/09/2019
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी मैं आज जोशीमठ आकर आंदोलनकारियों को धरने पर पूरे दिन बैठते हुए अपना समर्थन इस आंदोलन को देते हुए कहा कि बाईपास मार्ग जोशीमठ को कट ऑफ करके बिल्कुल भी बनने नहीं दिया जाएगा किसी भी हालत में उन्होंने सरकार को कहा कि किसी भी कीमत पर हिंदुस्तान की प्राचीन इतिहास से छेड़छाड़ नहीं करने दी जाएगी उन्होंने कहा कि आज के वक्त यह बड़ा दुर्भाग्य है हिंदुस्तान का भी और हिंदुत्व को मानने वाले धर्मा वलियों का भी कि आज जोशीमठ केवल एक कब्जा कस्बा मात्र बनकर रह गया है उन्होंने कहा कि जोशीमठ का इतिहास केवल एक नगर पालिका या उत्तराखंड में एक नगर मात्र नहीं है यह वाह जगह है जहां से की आदि गुरु शंकराचार्य ने अखंड ज्योत की प्राप्त प्राप्त करते हुए हिंदुत्व को एक सूत्र में बांधने का कार्य प्रारंभ किया उन्होंने कहा कि यदि प्राचीन भारत के इतिहास में झांक कर देखा जाए तो जोशीमठ मात्र एक नगर नहीं है अभी तो एक संस्कृति है एक सभ्यता है और सबसे बड़ी हिंदुत्व को अजर अमर एक सूत्र में बांधने और दिशा और दशा देने का एक प्रमुख तीर्थ या कहें एक आध्यात्मिक रास्ता है या कहें या ईश्वर या फिर ईश्वरीय देवतुल्य मार्ग है.
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Near Badrinath, Uttrakhnd
Chamoli
246443