Himalayan Discover

Himalayan Discover

Share

हर खबर पर पैनी नजर। पढिये हिमालयन डिस्कवर।

19/10/2024

जब आम का पेड़ न्याय मांगने पहाड़ से इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा।

(मनोज इष्टवाल)

मजाक नहीं कर रहा हूँ। हंसिये मत यह अकाट्य सच है। जी हां . .आम न्याय मांगने पहाड़ से भागता भागता इलाहाबाद हाई कोर्ट जा पहुंचा। अब ये भी मत सोचिए कि आम किसी का नाम रहा होगा। शायद ही किसी ने कभी अपना नाम आम रखा होगा। यह बात है विकास खण्ड दुगड्डा के चरेख डांडा क्षेत्र के मथाणा गांव की।

मथाणा गांव के बारे में पूर्व में भी लिख चुका हूं क्योंकि कभी इस गांव को "धान का कटोरा -गेंहूँ का खलिहान" की संज्ञा दी जाती थी। इस गांव की खासियत यह है कि यह पहाड़ी भू भाग में फैला लगभग 5 किमी. आयताकार परिधि का एक ऐसा भू क्षेत्र ही जो समतल भू भाग में एकड़ों दूर तक फैला है। इसके दोनों ओर नदी धारे हैं व जलवायु शीतोष्ण।

इसी गांव की जमीन के लगभग मध्य भाग में सैकड़ों बर्षों से एक आम का वृक्ष खड़ा है। यहां के जनमानस का कहना है कि इस आम ने भी यहां की दो जातियों को इलाहाबाद हाई कोर्ट दिखा दिया। विवाद यह हुआ कि यह 21 जातियों के इस गांव में कैंतुरा वंशज किसी के खेत की मुंडेर पर था। कैंतुरा वर्तमान में इस गांव में नहीं रहते लेकिन लोगों का मानना है कि वह किसी रावत परिवार के ही यहां घर जवाई आये थे। कैंतुरा ने यह पेड़ काटना चाहा लेकिन बगल के रावत थोकदार ने इसे काटने से मना किया तो फौजदारी केस बन बैठा।

केस पहले पटवारी से लेकर तहसील और फिर इलाहाबाद तक पहुंच गया। आखिर जज ने एक दिन हंसते हुए कहा दिया कि भाई अब अगली पेशी तब लगेगी जब इस पेड़ के आम पकेंगें व वह आम अदालत में लाया जाएगा तब केस की अंतिम सुनवाई होगी। ग्रामीण बताते हैं कि ऐसा ही हुआ आम एक साल छोड़कर दूसरे साल आये और दोनों पक्ष अपने साथ आम लेकर हाजिर हुए। जज व सुनवाई में बैठे हुए सभी लोगों को आम दिये गए सबको आम बेहद पसंद आया और जज ने फैसला सुनाया कि आम तब तक नहीं काटा जाएगा जब तक वह अपनी उम्र पूरी न कर दे।

यह आम तब से लेकर अब तक वैसे ही खड़ा है। फल पहले के मुकाबले अब छोटे लगने शुरू हो गए हैं लेकिन आज भी लोग इस ऐतिहासिक आम की कलम लगाने ले जाते हैं ताकि वे भी गर्व से कह सकें कि यह वह आम है जो न्याय मांगने इलाहाबाद हाई कोर्ट गया था।

08/10/2024

अनुरोध.....।

हिमालयन डिस्कवर फाउंडेशन (ट्रस्ट) के रूप में आप सबके सामने सामाजिक हितों के लिए काम करते हुए समाज के उस गरीब तबके जिनकी बेटियां गरीब परिवार से हैं, व वे उच्च शिक्षा चाह कर भी प्राप्त नहीं कर पाती/ शादी माँ बाप मजबूरी वश समय पर नहीं कर पाते। कॉपी किताब, ड्रेस, विकलांगता सहित विभिन्न कमियाँ आड़े आती हैं। स्वरोजगार के लिए संसाधनों की कमी के कारण युवा निराश व परेशान हैं! सहित ऐसे दर्जनों मुद्दों पर हम कार्य कर रहे हैं।
होता क़्या है कि हम रोज चाय पकोड़ी इत्यादि सहित विभिन्न मदों पर कम से कम 50 से 100 रूपये खर्च कर लेते हैं। हम चाहते हैं कि इस बजट से क्यों न हम रोज का 01 रुपया उन लोगों के लिए जुटाएं जो निराश्रित, अपाहिज, असहाय व गरीब हैं।
हिमालयन डिस्कवर फाउंडेशन रजिस्टर्ड ट्रस्ट आपसे विनम्र अनुरोध करता है कि आप/हम सब ऐसे समाज के सहयोग के लिए 01 रुपया रोज के हिसाब से सालाना 365 रुपये की दान राशि ट्रस्ट के निम्नवत खाते में डालें ताकि हम ऐसे लोगों के लिए काम कर सकें। इस राशि को मंदिर में चढ़ाया प्रसाद मानिये ताकि आपको शुकून मिल सके कि आपका एक रुपया कहीं किसी जरूरतमंद के काम आ रहा है। दान देने के बाद उसकी रसीद हमें अवश्य भेजें ताकि हम दाताओं की लिस्ट बना सकें। और हाँ... आपको अधिकार है कि आप हमसे विवरण प्राप्त कर सकते हैं। हमारा खाता निम्नवत है :-
Himalayan Discover Foundation
Account No:- 00000043422402769
Ifsc code : SBIN0005475

Want your business to be the top-listed Computer & Electronics Service in Dehra Dun?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Telephone

Address


Dehra Dun
248001