Tu hi nirankar..:-)
Sb ak hi rab ki santan h..
एक घङी आध घङी आध से पुन आध.तुलसी संगत साधु की मिटे कोटि अपराध।
ये पूछ ले किसी से कि तेरा घर किधर है, इक रास्ता उधर है इक रास्ता इधर है।
कश्ती मेँ है हमारी पतवार वो की जिसकी तूफां पे नजर है साहिल पे भी नजर है।
इक रास्ता उधर है इक रास्ता इधर है।
धन निरंकार जी:-)
Baba ji sbi sainto ki kamna puri kre...sbi saints ke subh charno me pyr bhara dhan nirankar....
निरंकार गुरु निज सेवक का, परदा खुद ही ढकता है। संकट कष्ट मुसीबत मेँ यह हाथ सीस पर रखता है। मान बङाई देने वाला, दास को इज्जत देता है। अपने नाम के सुमिरण की यह, दास को हिम्मत देता है। धन निँरकार जी।
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