NeoGen Foundation

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01/11/2025

प्रोफेसर कृष्ण कुमार जी के लेख "The teacher is walking away" में आज के शिक्षा तंत्र की एक कड़वी सच्चाई सामने आती है। वे बताते हैं कि आज शिक्षक सिर्फ थक नहीं रहे, बल्कि इस पेशे से मन हटाकर नौकरी छोड़ने तक के निर्णय लेने लगे हैं। यह स्थिति केवल भारत की नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में दिखने लगी है। यूनेस्को ने वर्षों पहले चेतावनी दी थी कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था से मोहभंग के कारण इसे छोड़ रहे हैं, और आज यह स्थिति और गंभीर हो चुकी है। एक स्थायी शिक्षक की नौकरी मिलना आसान नहीं, फिर भी लोग असुरक्षा और बेरोजगारी का विकल्प चुनकर इसे छोड़ रहे हैं, क्योंकि यह पेशा अब सम्मान से अधिक तनाव और असहायता देने लगा है।

लेख में बताया गया है कि शिक्षक नौकरी इसलिए छोड़ रहे हैं क्योंकि उन पर पढ़ाने से ज्यादा अतिरिक्त कामों का बोझ बढ़ता जा रहा है। सरकारी स्कूलों में शिक्षक पढ़ाने से अधिक समय फॉर्म भरने, रिपोर्ट भेजने, फोटो अपलोड करने, ऑनलाइन डेटा भरने, निरीक्षण की तैयारी करने और शिक्षण से असंबंधित कामों में लगा रहे हैं। शिक्षा नहीं, बल्कि "प्रमाण", "अंक", "साक्ष्य" और "डेटा" जुटाना अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। बच्चों के सीखने का वास्तविक परिणाम पीछे छूट गया है। व्यवस्था का ध्यान बच्चों की भलाई पर नहीं, बल्कि यह साबित करने पर है कि सब कुछ शानदार चल रहा है, जबकि वास्तविकता इसके उलट है।

लेख में कुछ उदाहरण दिए गए हैं। एक इतिहास शिक्षिका ने प्रतिष्ठित स्कूल में नौकरी इसलिए छोड़ी क्योंकि प्रिंसिपल ने अनावश्यक डिजिटल कार्यों, रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट जैसे कार्यों का बोझ डाला। उसे लगा कि वह इतिहास पढ़ाने का आनंद और उद्देश्य पूरा नहीं कर पा रही है। एक और उदाहरण में गरीब पृष्ठभूमि से आया शिक्षक, जिसने कठिन मेहनत से स्थायी नौकरी हासिल की थी, उसने भी इसलिए नौकरी छोड़ दी क्योंकि लगातार अतिरिक्त काम, मानसिक दबाव और शिक्षक से इतर भूमिकाओं ने उसका जीवन असहनीय बना दिया। वह पढ़ाना चाहता था, लेकिन उसे इवेंट मैनेजर, डेटा ऑपरेटर और क्लर्क की तरह काम करना पड़ रहा था।

मूल समस्या यह है कि शिक्षक से शिक्षण की बजाय फालतू जिम्मेदारियाँ निभाने की अपेक्षा बढ़ गई है। उसे पढ़ाई, बच्चों के विकास और कक्षा पर ध्यान देने का समय ही नहीं दिया जा रहा। आज शिक्षक को पढ़ाने के साथ-साथ समारोह आयोजक, रिकॉर्ड कीपर, सोशल मीडिया कंटेंट निर्माता, फोटोग्राफर, दस्तावेज़ प्रबंधक और योजनाओं के प्रचारक जैसी भूमिकाएँ भी निभानी पड़ती हैं। इससे शिक्षक का मन, ऊर्जा और आत्मसम्मान खत्म हो रहा है। परिणाम यह है कि बच्चों के सीखने की गुणवत्ता लगातार गिर रही है।

गाँवों के स्कूलों में स्थिति और दयनीय है। हजारों स्कूल केवल दो या तीन शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं और उनसे उम्मीद की जाती है कि वे पढाने के साथ-साथ ब्लॉक और जिले के सभी आदेशों को भी पूरा करें। निरीक्षण और डेटा आधारित नियंत्रण की संस्कृति ने स्कूलों को सीखने के स्थान की बजाय एक "कार्यालय" में बदल दिया है। बच्चों में बढ़ता तनाव और व्यवहारगत समस्याएँ भी इसी वातावरण का परिणाम हैं। जब शिक्षक थका, टूटा और निराश होगा, तो बच्चों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

लेख अंत में चेतावनी देता है कि यदि शिक्षक का मनोबल टूट गया और वह पेशा छोड़ने लगा, तो शिक्षा का भविष्य खतरे में है। यदि शिक्षक खुश, सम्मानित और स्वतंत्र नहीं होगा तो बच्चे भी सीखने में प्रगति नहीं कर पाएंगे। शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ है, और यदि रीढ़ ही कमजोर हो जाए तो व्यवस्था ढहना तय है। इसलिए जरूरी है कि शिक्षा प्रणाली डेटा और दिखावे की बजाय बच्चों और शिक्षकों की वास्तविक जरूरतों पर ध्यान दे। यह लेख हमें सोचने पर मजबूर करता है कि यदि शिक्षक विद्यालय छोड़ने लगे, तो विद्यालय बचा ही क्या रहेगा।

24/10/2025

CTET Feb 2026 notification out

14/03/2025

रंगों की वर्षा, गुलाल की फुहार
सूरज की किरणें, खुशियों की बौछार
चन्दन की खुशबु, अपनों का प्यार
मुबारक हो आपको होली का त्योहार।

आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनायें

11/03/2025

क्रेडिट कार्ड के कर्ज के जाल में फंसने से बचने के तरीके:
क्रेडिट कार्ड एक सुविधाजनक वित्तीय उपकरण हो सकता है, जब इसे जिम्मेदारी से इस्तेमाल किया जाए, लेकिन यदि सही तरीके से प्रबंधित न किया जाए तो यह कर्ज का बड़ा बोझ भी बन सकता है। क्रेडिट कार्ड के कर्ज के जाल में फंसना आसान हो सकता है, लेकिन इससे बचने के लिए सावधानी, योजना और वित्तीय जागरूकता की आवश्यकता होती है। यहां कुछ तरीके दिए गए हैं, जिनकी मदद से आप क्रेडिट कार्ड के कर्ज के जाल में फंसने से बच सकते हैं:

1. हर महीने पूरा बैलेंस चुका दें
2. बजट बनाएं और उस पर टिके रहें
3. केवल न्यूनतम भुगतान करने से बचें
4. अपने खर्चों पर नजर रखें
5. क्रेडिट कार्ड का उपयोग गैर-आवश्यक खरीदारी के लिए न करें
6. लो-इंटरस्ट रेट वाले क्रेडिट कार्ड का चुनाव करें
7. आपातकालीन फंड बनाएं
8. बहुत सारे क्रेडिट कार्ड न खोलें
9. अपने ब्याज दरों और शुल्कों को समझें
10. अगर आप कर्ज में फंस रहे हैं तो मदद लें

निष्कर्ष:
क्रेडिट कार्ड कर्ज से बचने के लिए सचेत प्रयास, अनुशासन और वित्तीय जागरूकता की आवश्यकता होती है। अपने खर्चों पर निगरानी रखने, बैलेंस को समय पर चुकाने और अपने क्रेडिट कार्ड उपयोग को सही तरीके से प्रबंधित करके, आप कर्ज के जाल में फंसने से बच सकते हैं और वित्तीय रूप से स्वस्थ रह सकते हैं।

Photos from NeoGen Foundation's post 12/02/2025
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