Radha Rani
Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Radha Rani, Public Figure, Kirti Nagar, Delhi.
19/02/2026
क्या आप जानते हैं कि रामसेतु बनाने में एक छोटी सी गिलहरी का भी योगदान था, और प्रभु राम ने खुद उसे आशीर्वाद दिया?
जब श्री राम लंका पर चढ़ाई करने के लिए समुद्र पर पुल बना रहे थे, तो वानर सेना बड़े-बड़े पत्थर और पर्वत उठाकर ला रही थी। सभी अपनी पूरी ताकत लगा रहे थे।
एक छोटी सी गिलहरी यह सब देख रही थी। वह भी प्रभु राम की सेवा करना चाहती थी। लेकिन वह छोटी थी, बड़े पत्थर कैसे उठाती?
फिर उसे एक उपाय सूझा। वह समुद्र के किनारे जाती, अपने शरीर को रेत में लोटती, फिर दौड़कर पुल पर जाती और अपने शरीर की रेत झाड़ देती। वह बार-बार यही करती रही।
कुछ वानरों ने उसे देखा और हंसते हुए कहा, "अरे छोटी गिलहरी! तू क्या कर रही है? तेरी इस रेत से क्या होगा?"
यह बात श्री राम ने सुन ली। वे तुरंत वहां आए और गिलहरी को प्यार से उठाया। उन्होंने कहा, "यह गिलहरी अपनी क्षमता के अनुसार पूरा प्रयास कर रही है। इसकी भक्ति किसी से कम नहीं है।"
प्रभु राम ने अपने हाथों से गिलहरी की पीठ सहलाई। उनकी उंगलियों के निशान गिलहरी की पीठ पर तीन धारियों के रूप में छप गए। आज भी हर गिलहरी की पीठ पर वे तीन धारियां दिखती हैं।
सीख:
भगवान को हमारी भक्ति की मात्रा नहीं, बल्कि भावना देखते हैं। चाहे हम कितना भी छोटा योगदान दें, अगर मन सच्चा है तो प्रभु उसे स्वीकार करते हैं। हर किसी की सेवा का महत्व है।
जय श्री राम! सीता राम! 🙏🏹
17/02/2026
एक दिन सीता माता ने हनुमान जी से पूछा - "आप हमेशा मांग में सिंदूर क्यों लगाते हैं?"
हनुमान जी बड़े विनम्र स्वभाव के थे। उन्होंने कहा, "माता, मैंने देखा कि आप अपनी मांग में सिंदूर लगाती हैं। जब मैंने कारण पूछा, तो पता चला कि यह प्रभु श्री राम की लंबी उम्र के लिए है।"
"तो मैंने सोचा," हनुमान जी ने कहा, "अगर थोड़ा सा सिंदूर प्रभु की लंबी आयु देता है, तो मैं तो अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लूंगा!"
यह कहकर हनुमान जी ने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया। उनकी भक्ति देखकर श्री राम की आंखें भर आईं। उन्होंने हनुमान जी को गले लगाया और कहा, "तुम सचमुच मेरे सबसे प्रिय भक्त हो।"
श्री राम ने वरदान दिया कि जो भी भक्त हनुमान जी पर सिंदूर चढ़ाएगा, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी और सभी संकट दूर हो जाएंगे।
सीख: सच्ची भक्ति दिखावे में नहीं, बल्कि हृदय की सच्चाई में होती है। हनुमान जी जैसी निस्वार्थ भक्ति ही प्रभु को सबसे प्रिय है।
जय बजरंगबली! 🙏📿
16/02/2026
एक रात में हनुमान जी ने वो कर दिखाया जो कोई नहीं कर सकता था!
युद्ध में लक्ष्मण जी को शक्ति लगने से वे मूर्छित हो गए। वैद्य सुषेण ने बताया कि हिमालय पर्वत पर संजीवनी बूटी है, जो सूर्योदय से पहले लानी होगी, नहीं तो लक्ष्मण जी नहीं बचेंगे।
हनुमान जी तुरंत हिमालय के लिए उड़ चले। लेकिन जब वे द्रोणगिरि पर्वत पर पहुंचे, तो उन्हें संजीवनी बूटी पहचान नहीं आई। सभी बूटियां एक जैसी दिख रही थीं।
समय कम था और लक्ष्मण जी की जान खतरे में थी। हनुमान जी ने एक पल भी नहीं गंवाया। उन्होंने पूरा द्रोणगिरि पर्वत ही उखाड़ लिया और उसे कंधे पर रखकर लंका की ओर उड़ चले!
जब वे लंका पहुंचे, तो सुषेण जी ने संजीवनी बूटी पहचानकर लक्ष्मण जी को बचा लिया। सभी ने हनुमान जी की जय-जयकार की। हनुमान जी ने पर्वत को वापस उसकी जगह पर रख दिया।
सीख: सच्ची भक्ति और समर्पण के आगे कोई काम असंभव नहीं। जब हम पूरे मन से प्रभु की सेवा करते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है।
जय श्री राम! जय पवनपुत्र! 🙏⛰️
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Culinary Team
Attire
Website
Address
Kirti Nagar
Delhi
110001