Jaat from Rajasthan

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जय श्री राम

18/01/2026

“क्या आज की दुनिया में कोई ताकतवर देश किसी दूसरे देश पर दबाव डालकर उसे खरीदने की कोशिश कर सकता है? और अगर सामने वाला मना कर दे, तो क्या उसे आर्थिक सजा दी जा सकती है?
दुनिया के सामने अब ठीक ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला आ गया है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने पूरे यूरोप में हलचल मचा दी है। संदेश बेहद सख्त है— ‘ग्रीनलैंड दो, वरना आर्थिक झटका झेलने के लिए तैयार रहो।’
एलान के मुताबिक, 1 फरवरी 2026 से अमेरिका कई यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स लगाने की तैयारी में है। यह फैसला किसी व्यापार घाटे की वजह से नहीं, बल्कि ग्रीनलैंड को लेकर चल रही खींचतान से जुड़ा बताया जा रहा है।
ट्रंप का दावा है कि अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से ग्रीनलैंड बेहद अहम है, लेकिन डेनमार्क इस सौदे के लिए तैयार नहीं है।
सबसे बड़ी बात यह है कि यह दबाव सिर्फ डेनमार्क तक सीमित नहीं है। जो देश डेनमार्क के साथ खड़े नजर आए, उन्हें भी इस फैसले की जद में लिया गया है। इस सूची में यूरोप के आठ बड़े देश बताए जा रहे हैं— डेनमार्क, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे, स्वीडन, नीदरलैंड और फिनलैंड।
अगर टैरिफ लागू होता है, तो इन देशों से अमेरिका जाने वाला सामान महंगा हो जाएगा, जिसका असर सीधे उनकी अर्थव्यवस्था और नौकरियों पर पड़ेगा।
और मामला यहीं खत्म नहीं होता। 10 प्रतिशत टैक्स को सिर्फ शुरुआत कहा जा रहा है। चेतावनी यह भी दी गई है कि अगर 1 जून 2026 तक ग्रीनलैंड को लेकर कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ, तो यह शुल्क बढ़कर 25 प्रतिशत तक जा सकता है।
इतना बड़ा टैक्स अरबों डॉलर के नुकसान और बड़े पैमाने पर रोजगार संकट की वजह बन सकता है।
अब सवाल उठता है— आखिर बर्फ से ढके ग्रीनलैंड में अमेरिका की इतनी दिलचस्पी क्यों है?
तर्क दिया जा रहा है कि वहां एक अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम स्थापित किया जा सकता है, जो अमेरिका को भविष्य के खतरों से बचाने में मदद करेगा। आशंका यह भी जताई जा रही है कि अगर अमेरिका पीछे हटा, तो कोई दूसरी वैश्विक ताकत वहां अपनी मौजूदगी बढ़ा सकती है।
यूरोप के कई नेता इसे दबाव की राजनीति और आर्थिक धमकी करार दे रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, ट्रंप अपने रुख पर अडिग नजर आ रहे हैं।
यह मामला अब सिर्फ एक इलाके का नहीं रहा, बल्कि वैश्विक व्यापार और शक्ति संतुलन से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि यूरोप इस दबाव के आगे झुकता है या दुनिया एक नए टकराव की ओर बढ़ती है।
आप इस पूरे मामले को कैसे देखते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।”

10/11/2025

हरियाणा के फरीदाबाद के मेडिकल कॉलेज से बहुत बड़ी बरामदगी हुई है

डॉक्टर आदिल के खुलासे पर फरीदाबाद मेडिकल कॉलेज के लॉकर से दो एक-47 400 कारतूस और कई विस्फोटक सामग्री बरामद किए गए हैं

इस मेडिकल कॉलेज के एक और मुस्लिम डॉक्टर को हिरासत में ले लिया गया है जो कश्मीर के डॉक्टर आदिल के साथ मिलकर आतंकवादी बन चुका था🤔👇
वो कहां मर गए अब पुलवामा पर सवाल करने वाले 🤔

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