Parmanand Rishideo
Indian history,Hindu culture , hindu thought, Geeta Shloks, indian myth stories, Inspiring quotatio
बहुतों को खलता है, मेरा चर्चित होना।
गुनाह है क्या, अपने पैरों पर खड़ा होना।
जो आपको एक बार धोखा देगा ,वह आपको बार बार धोखा देगा। समुद्र का पानी खरा है जानने के लिए पूरा समुद्र पीने की जरूरत नही है।
दरिया का पानी उतरता चला गया ।तुम मुझे डुबाता रहा
मैं दरिया से उभरता चला गया ।
इसराइल ने बहुत भयानक क़ीमत चुकायी है,, पूरे विश्व को ऋणी होना चाहिए और इसराइल के पुनर्निर्माण में हर संभव सहायता करनी चाहिए!!!
200 लड़ाकू विमान, 100 ठिकाने, 20 टॉप कमांडर, 6 परमाणु वैज्ञानिक
और सफाई ऐसी कि दुनिया दंग रह जाए। नाम पूछो तो आंख बंद कर कहो - इसराइल, इसराइल, सिर्फ़ इसराइल।
उधर ईरान ने भी बैलिस्टिक मिसाइलें इजराइल पर दागी है। इजराइल का भी काफी नुकसान हुआ है। तेल अवीव शहर धू धू कर जल रहा है।
इजराइल ने ईरान के सैन्य अड्डों को निशाना बनाया था। जबकि ईरान ने इजरायल के नागरिकों को...
यही फर्क है अच्छाई और बुराई में....
अभिमन्यु चक्रव्यूह में फंसा था, रास्ता जानता था पर वापसी का नहीं। श्रीकृष्ण को भी पता था, फिर भी भेजा - क्योंकि इतिहास अमर योद्धाओं को ही याद रखता है। आज नेतान्याहू उसी चक्रव्यूह में अकेले कूदे हैं, अंतर बस इतना है कि वह वापसी का भी रास्ता जानते हैं और दुश्मन के विनाश का भी।
95 लाख की यहूदी आबादी को बचाने के लिए नेतान्याहू ने ऐसा तंत्र खड़ा कर दिया कि ईरान जैसे परमाणु संपन्न देश भी चूहे की तरह बिल में छिपने को मजबूर हो जाएं।
दुनिया में जितने इस्लामी आतंकी संगठन हैं अलकायदा, आईएसआईएस, हिजबुल्लाह, हमास – सबने अमेरिका को झुकाया, पर इसराइल के आगे सब नाकाम रहे।
अब ईरान बारी में है। उसके फाइनेंसर भी वही, आतंकी भी वही, और उसकी अकड़ भी वही। लेकिन इसराइल ने उसके 3 टॉप सेनाध्यक्षों और 6 प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों को उन्हीं के घर में उड़ाकर एक ही बात साबित की – दुश्मनों को चिह्नित कर खत्म करने में उसका कोई सानी नहीं।
मोसाद की सूचनाएं इतनी सटीक हैं कि दुश्मन मरने से पहले भी नहीं जान पाता कि मरने वाला है। मोसाद को सच्चा सलाम सिर्फ़ इसलिए नहीं है कि वह आतंकियों को खत्म करता है, बल्कि इसलिए कि वह कभी एक भी दुश्मन को छोड़ता नहीं।
और याद रखिए
वो दिन दूर नहीं जब अली खोमेनई भी मारा जाएगा। जिसने हज़ारों लड़कियों को जेल में डालकर शोषण किया, वह एक यहूदी का सामना करने की हिम्मत नहीं रखता।
कल जो मिसाइलें ईरान ने चलाईं, उनमें से एक भी इसराइल तक नहीं पहुंची। जवाबी हमले में इसराइल ने उसके परमाणु ठिकाने राख कर दिए।
क्या करे इसराइल ?
जब इतिहास 4000 साल पुराना हो और संघर्ष 2000 सालों से चल रहा हो, तो मजबूरी नहीं लड़ाई जीवनशैली बन जाती है।
ईसाइयों से यहूदी लड़ते रहे, उन्होंने समझौता कर लिया। लेकिन इस्लामी विस्तारवाद ने तो इनकी ज़मीनें, देश, सब छीन लिए। अब बस यरुशलम ही बचा है, और उसे बचाने की कसम इसराइल ने खा ली है।
आज दुनिया में दो ऐसे परमाणु राष्ट्र हैं जो आतंक को पालते हैं - पाकिस्तान और ईरान।
पाकिस्तान की अकड़ भारत ने तोड़ी, अब ईरान की गर्दन इसराइल मरोड़ रहा है। छोटा सा देश, लेकिन हौसले ऐसे कि महासागर भी शर्मिंदा हो जाएं। इसराइल खड़ा है, अडिग है, और अपने हर दुश्मन को मिटा देने की ताक़त रखता है। उसके जज़्बे को, उसकी रणनीति को,
और उसकी राष्ट्रभक्ति को सैल्यूट किए बिना कोई राष्ट्रवादी चुप नहीं रह सकता।
जय हिंद 🇮🇳
साभार
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