DTC Workers Unity Centre
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01/01/2026
साल 2026 अधिकार, बराबरी, सम्मान, अमन और खुशहाली के लिए ज़ोरदार संघर्षों का वर्ष हो !!
10/12/2024
वेतन बढ़ोतरी से संबंधित घोषणा : कहीं कर्मचारी फिर से मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के बीच फुटबॉल न बन जाएँ - कर्मचारियों को सतर्क रहने की ज़रुरत !!
दिल्ली सरकार, निजीकरण और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करने को लेकर अपना रुख स्पष्ट करे : डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर (ऐक्टू) द्वारा कर्मचारियों के संघर्षों को तेज़ करने के लिए, दिनांक 2 दिसम्बर से चलाये जा रहे गेट मीटिंग में हिस्सा ज़रूर लें
कुछ दिनों पहले ही डीटीसी के कॉन्ट्रैक्ट चालक साथियों के लिए इलेक्ट्रिक बस चलाने की ट्रेनिंग शुरू की गई है. हमारी यूनियन - डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर(ऐक्टू) – ने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाते हुए जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया था और कर्मचारियों के बीच प्रचार अभियान भी चलाया था. आप सभी साथियों को संघर्ष में मिली इस जीत की बधाई.
कल दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की घोषणा की है. आप सभी साथियों – विशेषकर महिला कर्मचारियों के जुझारू संघर्ष के कारण ही यह संभव हो सका है. परन्तु हम सभी को ये याद रहना चाहिए कि घोषणाओं से किसी का पेट नहीं भरता – वेतन को लेकर हुई इस घोषणा के मूर्त रूप लेने तक हमें संघर्ष जारी रखना होगा. इससे पहले भी दिल्ली में CM-LG के बीच चल रही खींचातानी के चलते दिल्ली में अनेक फैसले रुके हुए हैं. अगर इस बार भी ऐसा हुआ तो हमें सावधान रहने की ज़रुरत है.
डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर ने पहले भी इस बात को जोर देकर कहा है कि – कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करना, समान काम का समान वेतन, डीटीसी की अपनी बसों की संख्या में वृद्धि और डीटीसी के निजीकरण पर रोक लगाना – ये कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें सबसे पहले उठाने की ज़रुरत है. बीस-बीस साल से कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों को बेसिक-डी.ए. देकर फुसलाने की कोशिश – वो भी ठीक दिल्ली चुनाव से पहले, इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि कर्मचारियों में व्याप्त गुस्से को कुछ देर के लिए (कम से कम दिल्ली चुनाव तक) शांत करने के इरादे से ही दिल्ली की मुख्यमंत्री ने ऐसी घोषणा की है. हम सभी इस बात से वाकिफ हैं कि टाटा और लीलैंड जैसी कंपनियों को भुगतान करते-करते निगम की हालत पतली हो चुकी है. इसके बावजूद निगम को लगातार निजीकरण की ओर धकेलने की कोशिश यह स्पष्ट करता है कि बड़े पूंजीपतियों और सरकारों के बीच घनिष्टता काफी आगे बढ़ चुकी है.
डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर (ऐक्टू) दिनांक 2 दिसम्बर से चल रहे गेट मीटिंग में लगातार संघर्षों को तेज़ करने के लिए कर्मचारियों के बीच जा रही है. हमारी कोशिश रहेगी कि 15 दिसम्बर तक सभी डिपो पर गेट मीटिंग की जाए. आप सभी साथियों से अपील है कि इस अभियान में हमारा साथ दें.
मजदूर एकता जिंदाबाद !!
सभी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करो !!
डीटीसी के निजीकरण पर रोक लगाओ !!
डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर जिंदाबाद !!
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