SMART SPAN Consultancy

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हर घर, समाज में शिक्षा, शिक्षकों, माता-?

22/03/2023

संवत्सर का अर्थ है, सम+वत्सर यानि पूर्ण वर्ष। शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्माजी ने इस दिन सम्पूर्ण सृष्टि और लोकों का सृजन किया था। इसी दिन भगवान विष्णु का मत्स्यावतार भी हुआ था। हिंदू शास्त्रों के अनुसार नव संवत्सर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से प्रारम्भ होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार संवत के 5 भेद होते हैं, सौर, सावन, चांद्र, बार्हस्पत्य और नाक्षत्र। एक संवत में 12 मास होते हैं, चैत्र से फाल्गुन तक इनका क्रम निश्चित है। एक संवत में 6 ऋतुएं होती हैं।

*माता भगवती जगदंबा* की कृपा से ये नया वर्ष आपको, नयी प्रेरणा दे और आपको अपने लक्ष्यों की प्राप्ति हो।🙏🏼🙏🏼

*सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया।*
*सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्।*

सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी मंगलमय के साक्षी बनें और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े।

*इन्हीं मंगलकामनओं के साथ "आप सभी सनातनी और सत्य सनातन संस्कृति का सम्मान करने वाले भाई बहनों को परिवार" सहित विक्रम संवत्सर २०८० (2080) एवं चेत्र नवरात्री की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई....*

*।। जय माता दी ।।*
🚩🚩🙏🌹❤️🌹🙏🚩🚩

नरेश कुमार शर्मा "दिल्ली नरेश"
*"ऑल इंडिया स्टूडेंट्स वेलफेयर काउंसिल"*
*"मीडिया पुलिस पब्लिक"*

13/07/2022

गुरु पूर्णिमा : अगर आपका नहीं है कोई गुरु, तो उनके गुरु हैं स्वयं श्री हनुमान

जिन लोगों का कोई गुरु नहीं हैं उनको चिंता करने कि आवश्यकता नहीं है, इस समस्या का समाधान गोस्वामी तुलसीदास ने कर दिया है. तुलसीदास ने हनुमान चालीसा में लिखा है,

जै जै जै हनुमान गोसाई
कृपा करहु गुरुदेव की नाई

भौतिकवादी युग में गुरु के प्रति आस्था में न्यूनता आयी है, जिसके परिणाम स्वरूप जीवन में अशांति, असुरक्षा और मानवीय गुणों का अभाव पैदा हो रहा है.

तुलसीदास ने रामचरित मानस और हनुमान चालीसा के प्रारंभ में ही गुरु वंदना की है. उन्होंने कहा है कि अगर किसी का गुरु नहीं है तो वह हनुमान जी को अपना गुरु बना सकता है. ईश्वर का साक्षात्कार बिना गुरुकृपा के होना कठिन है. हनुमान जी के सामने पवित्र भाव रखते हुए उन्हें अपना गुरु बनाया जा सकता है. एकमात्र हनुमान जी ही है जिनकी कृपा हम गुरु की तरह प्राप्त कर सकते हैं. तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा का शुभारंभ ही गुरु के चरणों में नमन करते हुए किया है-

श्री गुरु चरन सरोज रज निज मन मुकुरु सुधारि
बरनऊं रघुवर बिमल जसु, जो दायक फल चारि
बुद्धि हीन तनु जानके, सुमिरौ पवन कुमार
बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकार

तुलसीदास ने हनुमान चालीसा में सभी को बजरंगबली को अपना गुरु बनाने को कहा है. उन्होंने शिष्य को सचेत करते हुए कहा है कि हनुमान जी को गुरु बनाने के बाद अनुशासित रहना अनिवार्य है. अपनी मति और गति सही दिशा की ओर रखनी चाहिए. राम भक्त श्री हनुमान की कृपा पानी हो तो उन्हें नियम, भक्ति और समर्पण से ही प्रसन्न किया जा सकता है. हनुमान जी उन्हीं पर कृपा करते हैं जिनके विचार नेक होते हैं.
कुमति निवार सुमति के संगी....

रामचरितमानस के आरंभ में सर्वप्रथम गुरु वंदना को ही प्रधानता दी गई है.

श्रीगुर पद नख मनि गन जोती ।
सुमिरत दिब्य दृष्टि हियँ होती ।।

अर्थात् श्री गुरु चरण के स्मरण मात्र से ही आत्मज्योति का विकास हो जाता है. भारतीय संस्कृति में गुरु पद को सर्वोपरि माना गया है. जीव को ईश्वर की अनुभूति और साक्षात्कार कराने वाली मान प्रतिमा गुरु ही हैं. इस कारण गुरु का साक्षात् त्रिदेव तुल्य स्वीकार किया है.

गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवो महेश्वरः
गुरुःसाक्षात् परम ब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः।।

इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है कि हमारी प्राचीन गुरुकुल परंपरा. गुरुकुल संस्कृति ने महर्षि, तपस्वी, राष्ट्रभक्त, चक्रवर्ती सम्राट और जगद्गुरु तक के सुयोग्य महापुरुष उपलब्ध कराएं हैं. मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने भी गुरु महिमा को सर्वोपरि माना है. जनकपुरी में ऋषि विश्वामित्र की सेवा इसका प्रमाण है.

तेइ दोउ बंधु प्रेम जनु जीते ।
गुर पद कमल पलोटत प्रीते ⁠।⁠।

समस्त धार्मिक संप्रदाय गुरु पद की महिमा को स्वीकार करते हैं. गुरु के निर्देशन की अवज्ञा करने के लिए जीवन में सुख और सफलता प्राप्त करना असंभव माना गया है.

गुर कें बचन प्रतीति न जेही ।
सपनेहुँ सुगम न सुख सिधि तेही ।।

भारतीय संस्कृति में गुरु आश्रय रहित व्यक्ति को अत्यंत हेय माना गया है. वर्तमान समय में भौतिकवादी जन समुदाय में गुरु के प्रति आस्था का प्रायः अभाव सा होता जा रहा है. विशेष कर युवा वर्ग इससे दूर है. जिसके परिणामस्वरूप जीवन में अशांति, असुरक्षा और मानवीय गुणों का अभाव हो रहा है. हमारे देश के ऋषि-महर्षि, तीर्थकर और संतमहापुरुष गौतम बुद्ध, महावीर जैसी दिव्य विभूतियों ने गुरु पद से अपने उपदेशों से उदार भावना स्थापित की.

गुर बिनु भव निधि तरइ न कोई ।
जौं बिरंचि संकर सम होई ।।

साधक को जीवन की सार्थकता के लिए योग्य गुरु की कृपा प्राप्त करना अतिआवश्यक होता है. गुरु प्राप्ति के लिए एकलव्य के समान अपार श्रद्धा और विश्वास की आवश्यकता है. गुरु पूर्णिमा को अपने गुरु का पूजन, वंदन और सम्मान करना चाहिए....!!

📖 लेखक को आभार सहित ✍️🎤
*******************************
गुरुपूर्णिमा पर
गुरूदेव को कोटि कोटि नमन

गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवो महेश्वरः
गुरुःसाक्षात् परम ब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः।।

आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई

शुभ हों आपके दिन रात।
होती रहे सदा आप पर सकारात्मक ऊर्जा की बरसात

🙏🌹🙏📖✍️🎤
नरेश कुमार शर्मा "दिल्ली नरेश"

14/02/2022

14 फरवरी
पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए
भारत माता के वीर जवानों के शौर्य और बलिदान
को शत-शत नमन

📖✍️🎤
नरेश कुमार शर्मा "दिल्ली नरेश"
मीडिया पुलिस पब्लिक
https://facebook.com/Tributeaiswc

AISWC MEDIA Tribute सादर प्रणाम
आपके हमारे अपने, जो हमें छोड़ कर स्वर्ग सिधार चुके हैं यहां इस पेज पर सम्मान सहित आप अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं!
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AISWC MEDIA TRIBUTE

राष्ट्रीय महिला दिवस - Media Police Public 13/02/2022

https://mediapolicepublic.com/news/453302


#राष्ट्रीय_महिला_दिवस

दोस्तों आप सभी जानते हैं कि
8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस होता है
जिसको बड़े धूमधाम से हर देश मनाता है
भारतवर्ष में भी इस दिन बड़े-बड़े प्रोग्राम किए जाते हैं।

आज आपको हम राष्ट्रीय महिला दिवस के बारे में बताते हैं।

# # राष्ट्रीय महिला दिवस 13 फरवरी 2022 की
चर्चा ना बड़े बड़े अखबारों में है।
नाही टीवी चैनलों पर और ना ही सोशल मीडिया पर इसको प्रसारित किया जाता / जा रहा है।

# # # जबकि.... इसका प्रचार प्रसारऔर प्रसारण ज्यादा से ज्यादा होना चाहिए क्योंकि... आज का दिन राष्ट्रीय महिला दिवस के रुप में मनाया जाता है।

# # # # राष्ट्रीय महिला दिवस पर फेसबुक पर "जीवन लोक पेज", मीडियम पुलिस पब्लिक परिवार, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स वेलफेयर काउंसिल, दिव्य सृष्टि सृजन चैरिटेबल ट्रस्ट और अखिल भारतीय ब्राह्मण कल्याण महासभा ट्रस्ट की तरफ से भारतवर्ष की सभी महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई.....

राष्ट्रीय महिला दिवस सरोजिनी नायडू को समर्पित है।

सरोजिनी नायडू का जन्म 13 फरवरी 1879 को हुआ था। वह बचपन से बुद्धिमान थीं। जब सरोजिनी नायडू 12 साल की थीं, तब से उन्हें कविताएं लिखनी शुरू कर दी थी। बाद में स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। देश की आजादी और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। आजादी के बाद सरोजिनी नायडू को पहली महिला राज्यपाल बनने का भी मौका मिला। उनके कार्यों और महिलाओं के अधिकारों के लिए उनकी भूमिका को देखते हुए सरोजिनी नायडू के जन्मदिन के मौके पर राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है।

🙏🌹🙏📖✍️🎤
नरेश कुमार शर्मा "दिल्ली नरेश"
"ऑल इंडिया स्टूडेंट्स वेलफेयर काउंसिल"
"मीडिया पुलिस पब्लिक"
जीवन लोक पेज फेसबुक
https://www.facebook.com/519373598157643/posts/4902614486500177/

राष्ट्रीय महिला दिवस - Media Police Public ’s_Day #राष्ट्रीय_महिला_दिवस दोस्तों आप सभी जानते हैं कि 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस होता है जिसको बड़े ...

09/02/2022

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