CA Atul Gupta
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*दिखावे का पुण्यकर्म*
एकादशी से अगले दिन एक भिखारी एक सज्जन की दुकान पर भीख मांगने पहुंचा। सज्जन व्यक्ति ने 1 रुपये का सिक्का निकाल कर उसे दे दिया।
भिखारी को प्यास भी लगी थी,वो बोला बाबूजी एक गिलास पानी भी पिलवा दो, गला सूखा जा रहा है। सज्जन व्यक्ति गुस्से में ...तुम्हारे बाप के नौकर बैठे हैं क्या हम यहां ? पहले पैसे,अब पानी, थोड़ी देर में रोटी मांगेगा, चल भाग यहां से।
भिखारी बोला:-बाबूजी गुस्सा मत कीजिये मैं आगे कहीं पानी पी लूंगा।पर जहां तक मुझे याद है,कल इसी दुकान के बाहर मीठे पानी की छबील लगी थी और मीठा शर्बत भी आप स्वयं लोगों को रोक रोक कर जबरदस्ती अपने हाथों से गिलास पकड़ा रहे थे, मुझे भी कल आपके हाथों से दो गिलास शर्बत पीने को मिला था। मैंने तो यही सोचा था,आप भले धर्मात्मा आदमी है, पर आज मेरा भरम टूट गया।
कल की छबील तो शायद आपने एकादशी पर लोगों को दिखाने के लिये लगाई थी।
मुझे आज आपने कड़वे वचन बोलकर अपना कल का सारा पुण्य खो दिया।
सेठजी मुझे माफ़ करना अगर मैं कुछ ज्यादा बोल गया हूँ तो।
सज्जन व्यक्ति को बात दिल पर लगी, उसकी नजरों के सामने बीते दिन का प्रत्येक दृश्य घूम गया। उसे अपनी गलती का अहसास हो रहा था। वह स्वयं अपनी गद्दी से उठा और अपने हाथों से गिलास में पानी भरकर उस बाबा को देते हुए उसे क्षमा प्रार्थना करने लगा।
भिखारी:-बाबूजी मुझे आपसे कोई शिकायत नही,परन्तु अगर मानवता को अपने मन की गहराइयों में नही बसा सकते तो एक दो दिन किये हुए पुण्य व्यर्थ है।
मानवता का मतलब तो हमेशा शालीनता से मानव व जीव की सेवा करना है।
आपको अपनी गलती का अहसास हुआ,ये आपके व आपकी सन्तानों के लिये अच्छी बात है।
आप व आपका परिवार हमेशा स्वस्थ व दीर्घायु बना रहे ऐसी मैं कामना करता हूँ,यह कहते हुए भिखारी आगे बढ़ गया।
सेठ ने तुरंत अपने बेटे को आदेश देते हुए कहा:-कल से दो घड़े पानी दुकान के आगे आने जाने वालों के लिये जरूर रखे हो।उसे अपनी गलती सुधारने पर बड़ी खुशी हो रही थी।
दोस्तों यह कहानी एक मैसेज देती है कि पूण्यकर्म हम जो भी करते है यदि सिर्फ दिखावे के लिए किये है तो पुण्यकर्म निष्फल हैं । यदि हमारे मन में हमेशा हर प्राणी के लिए शुभकामना है, शुभ भावना है तो यही सच्चा पुण्य है।
*जो प्राप्त है, वो पर्याप्त है।।*
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा
मां सरस्वती की जय हो
*आपको वसंत पंचमी की शुभकामनाएं*
15/12/2023
15.12.2023: No automatic reversal of ITC from the buyer upon non-payment of tax by the supplier: Supreme Court upheld the ruling of Calcutta High Court - TaxO Recently, the Supreme Court has upheld the decision of Calcutta High Court in the case of Suncraft Energy Private Limited Case vide Order No. MAT 1218 OF 2023 WITH I.A NO. CAN 1 OF 2023 dated 02.08.2023, wherein the High Court ruled that input tax credit (ITC) under GST cannot be denied over a misma...
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