Daily Rudra Times
Daily News Paper
30/05/2026
परतंत्र भारत में उदंत मार्तंड ने हिंदी पत्रकारिता की नींव रखी - प्रो० गोविंद सिंह
आने वाले समय में दक्षिण भारत में भी उदयमान होगी हिंदी पत्रकारिता - कोशियारी
पत्रकारिता ही नहीं बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आचार संहिता जरूरी - कैलाशानंद महाराज
हरिद्वार। 30 मई। ( सचिन पालीवाल ) आज ही के दिन 30 मई 1826 को परतंत्र भारत में पं० जुगल किशोर शुक्ल द्वारा आरम्भ किये गये हिंदी के प्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र उदंत मार्तंड से शुरू हुआ हिंदी पत्रकारिता का सफ़र आज अपनी 200 वर्ष की गौरवपूर्ण यात्रा पूरी कर रहा है।
इसी उपलक्ष्य में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर प्रेस क्लब सभागार में द्विशताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल पद्मभूषण से सम्मानित भगत सिंह कोश्यारी एवं मुख्य वक्ता मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर गोविंद सिंह, प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में विशेष कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार गोपाल रावत को स्व.मधुकांत प्रेमी एवं राहुल वर्मा को स्व.पीएस चौहान स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया साथ ही पत्रकारिता की पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र - छात्राओं को गोल्ड मेडल के साथ सचिन कुमार को हरिश्चंद्र भाटी स्मृति सम्मान, आफरीन बानो को शोभानाथ स्मृति सम्मान एवं खुशी जायसवाल को बाबा राम स्वरूप फलिया स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली 200 वर्ष एवं मीडिया कांउसिल की अपरिहार्यता पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर गोविंद सिंह ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रमों की श्रंखला आयोजित करने पर प्रेस क्लब हरिद्वार बधाई का पात्र है। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का इतिहास संघर्षपूर्ण रहा है। उस समय अंग्रेजी के अखबार चलते थे जिसमें सभी कर्मचारी और पाठक भी अंग्रेज ही होते थे। उसके बाद बांग्ला, फारसी और उर्दू के अखबार शुरू हुए। कोलकाता को अखबारों की जननी कहा जाता था, वहां से जुगल किशोर शुक्ल ने आज ही के दिन 30 मई 1826 को उदंत मार्तंड नाम से पहला हिंदी भाषी साप्ताहिक अखबार शुरू किया। डेढ़ साल चलने वाले इस अखबार ने अपने मापदंड और छाप छोड़ दी। उसके बाद 1857 की क्रांति में भी हिंदी पत्रकारिता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1935 के बाद अखबारों ने आजादी की लड़ाई में ऐतिहासिक कार्य किए थे। इसके बाद बड़ी संख्या में हिंदी के अखबार शुरू हुए क्योंकि लोगो को उम्मीद थी कि हिंदी भारत की राजभाषा बन जाएगी।
आजादी के बाद इमरजेंसी लगी और उसके बाद हिंदी पत्रकारिता का सुधार हुआ। नब्बे के दशक के बाद टीवी और डिजिटल मीडिया का युग आ गया। डिजिटल युग ने लोगों को लिखने की स्वतंत्रता प्रदान की। लेकिन इसमें कई खामियां भी हैं। लेकिन इस सब के बीच प्रिंट मीडिया ने आज भी अपनी विश्वनीयता कायम रखी है।
पूर्व राज्यपाल पद्मभूषित भगत सिंह कोश्यारी ने सभी आयोजकों को शुभकानाएं दी और प्रेस क्लब हरिद्वार को उत्तराखंड का आदर्श प्रेस क्लब बताया। उन्होंने कहा कि मां गंगा के पावन तट पर वर्नाकुलर और भाषायी प्रेस जैसे शब्द विलुप्त हो जाएंगे। अब समय आ गया है कि अपने अस्तित्व के लिए भारतीय भाषाओं को आगे बढ़ाएं और ऐसे शब्दों का प्रयोग करें ताकि नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बन सकें। कहा कि उदंत मार्तंड पहला साप्ताहिक अखबार कोलकाता में आज से दो सौ साल पहले शुरू हुआ था, यह प्रकट करता है कि एक दिन ऐसा भी आएगा कि चेन्नई से भी हिंदी अखबारों का उदय होगा। देश के पहले प्रधानमंत्री अंग्रेजी माहौल में पढ़े थे। इसलिए जनता भी उसी माहौल का अनुसरण करने लगी थी। आज देश के प्रधानमंत्री ट्रंप जैसे वैश्विक नेताओं से हिंदी में बात करते हैं। इसलिए अब उन लोगों को भी हिंदी की आवश्यकता आन पड़ी है। आज देश के महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में बेहतर हिंदी बोली जा रही है। एआई के युग में भी हम प्रिंट मीडिया के बिना रह नहीं सकते हैं। भारत के अंदर आज भी आध्यात्मिक इंटेलिजेंस का कोई जवाब ही नहीं है और उसकी पहुंच बहुत आगे है। आज देश का मुखिया जिस दिशा में चल रहा है, जनता भी उसी दिशा में चल रही है। देश विकास और विरासत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वो मायानगरी मुंबई को छोड़कर मायापुरी हरिद्वार में आए हैं। वो दिन भी आएगा, जब भारत अखंड भारत बनेगा और उसमें मायापुरी का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज ने आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि पत्रकारिता समाज को आईना दिखाने का काम करती है। समाज में घट रही घटनाओं को विश्वसनीयता से रखना ही सच्ची पत्रकारिता कहलाती है। निर्भीक होकर अपने मिशन को पूरा करना चाहिए। सच्चाई समाज के आगे आएगी तो देश मजबूत होगा। प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकार समाज के सजग प्रहरी के रूप में अपना योगदान दे रहे हैं। हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष गौरव पूर्ण रहे हैं। अगली पीढ़ी का दायित्व है कि इस गौरव को और आगे ले जाए। प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेद्र चौधरी, महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने कहा कि श्रंखलाबद्ध कार्यक्रम हिंदी पत्रकारिता के गौरवपूर्ण कार्यक्रमों के आयोजन लगातार संचालित हैं। समाज को हिंदी के महत्व को समझने की आवश्यकता है। मीडिया जगत लगातार हिंदी भाषा को प्रसिद्धि दिलाने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। उन्होंने सभी अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया और आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार दीपक नौटियाल ने वरिष्ठ पत्रकार द्वय सुनील दत्त पांडे एवं आदेश त्यागी के संयोजन में सफलता पूर्वक किया।
हिंदी पत्रकारिता के द्विशताब्दी गौरवशाली क्षण के इस अवसर पर समाज के अनेक पत्रकार, बुद्धिजीवी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
बीजेपी सरकार में अध्यक्ष और मुख्यमंत्री कौन होगा यह लीक नहीं होता लेकिन बच्चों के पेपर लीक हो जाते हैं।
इस सरकार के सारे काले कारनामों का जानकार है एन.टी. ए. चेयरमैन प्रदीप जोशी - आलोक शर्मा
कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा ने आज हरिद्वार प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर नीट पेपर लीक मामले में सरकार की आलोचना की और सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
उन्होंने नीट पेपर लीक की तुलना मध्य प्रदेश में हुए व्यापम घोटाले से की और देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर नाकामी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश का शिक्षा मंत्री बच्चों की जिंदगी और उनके भविष्य से खिलवाड़ होने दे रहा है और इसकी उन्हें परवाह ही नहीं है ना ही किसी पर कोई कार्यवाही की जा रही है।
उन्होंने आगे कहा कि 2024 में प्रदीप जोशी को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का चेयरमैन बनाया गया था और आज 2026 में भी वही व्यक्ति चेयरमैन है। प्रदीप जोशी के कार्यकाल में तब भी पेपर लीक होते थे और आज भी हो रहे हैं जो की एक शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि मैने सुप्रीम कोर्ट में नीट पेपर लीक मामले में 2024 में एक याचिका दायर की थी और इस बार भी की है जो सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर ली है। इसका दोषी कौन है और बच्चों के पेपर लीक कौन कर रहा है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि बीजेपी में राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन बनेगा, किसी प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन बनेगा यह लीक नहीं होता लेकिन बच्चों के पेपर लीक हो जाते हैं यह बड़े आश्चर्य की बात है।
देश के प्रधानमंत्री डिजिटल इंडिया की बात करते हैं और देश में रोज पेपर आउट हो रहे हैं। सीबीएसई बोर्ड की बात करते हुए उन्होंने कहा कि ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग सुविधा शुरू की और तेलंगाना की ऐसी कंपनी को ठेका दे दिया जो वहां ब्लैक लिस्टेड थी। 2019 में इसी ब्लैक लिस्टेड कंपनी के कारण 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं में लाखों बच्चों का भविष्य अधर में अटक गया। उनका रिजल्ट प्रभावित हुआ जिसमें 22 बच्चों ने सुसाइड कर लिया। इस कंपनी के ऊपर सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया ना ही कोई कार्यवाही की। सीबीएसई की तरफ से कहा गया की 68000 पेज ब्लर है जिन्हें हम पढ़ नहीं सकते इस पर उन्होंने प्रश्न उठाया और आरोप लगाया कि जब इन पेजों को आप पढ़ नहीं सकते तो आपने रिजल्ट कैसे आउट कर दिया। एसएससी के एग्जाम पर उन्होंने कहा कि जिस सेंटर में 500 बच्चों के बैठने की क्षमता हो वहां 1000 से 1200 बच्चों के बैठने का इंतजाम इन्होंने किया यह कैसे संभव है।
एक 17 साल के बच्चे द्वारा अपने पेपर की रिचेकिंग की मांग करने पर देश के कुछ चाटुकार पत्रकार उस बच्चे को पाकिस्तान कह देते हैं कितनी शर्म की बात है हमारे ही देश में ऐसे चाटुकार पत्रकार हैं जो जनता के टैक्स से वेतन पा रहे हैं। उन्हें जनता के वास्तविक मुद्दों से कोई सरोकार नहीं उन्हें बस हिंदू - मुस्लिम करना है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अध्यक्ष प्रदीप जोशी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वह 2 साल पहले भी चेयरमैन था आज भी है क्योंकि उसको इस सरकार के सभी काले कारनामों और भ्रष्टाचारों का पता है अगर उसे इन्होंने हाथ भी लगाया तो इनका सारा काला चिट्ठा मीडिया और जनता के सामने वह खोल कर रख देगा।
आखिर में उन्होंने कहा कि सरकार से हमारी मांग है कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ ना किया जाए और जो भी इस मामले में दोषी हैं उन पर कठोर कार्यवाही की जाए।
प्रेसवार्ता में उन्हें साथ हरिद्वार जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी एवं ई० संजय सैनी उपस्थित थे।
नहीं होने देंगे मजदूरों का शोषण
मजदूर हित ही हमारा लक्ष्य - वरुण बालियान
हरिद्वार, 16 मई। मजदूरों के हितों को लेकर आज प्रेस क्लब में वरिष्ठ कांग्रेस नेता वरुण बलियान ने पत्रकारों के समक्ष मजदूरों की मांगों को रखा।
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि आज सिडकुल में मजदूरों की व्यथा सुनने वाला कोई नहीं है। सिडकुल प्रशासन मजदूरों के हितों को अनदेखा करके उनका शोषण करने पर तुला है।
अगर कोई मजदूर फैक्ट्री मालिकों से बात भी करता है तो उसके खिलाफ तुरंत मुकदमा लिखा दिया जाता है जो कि सरासर अन्याय है। मजदूर आज बेबस है अपनी मजदूरी को लेकर।
उत्तराखंड में दिल्ली, केरल, तमिलनाडु से कम मानदेय मजदूरों को दिया जा रहा है तथा ओवरटाइम भी उन्हें नहीं मिल रहा है। आज महंगाई अपनी चरम सीमा पर है लेकिन मजदूरों को उनका न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि आज सिडकुल में बाहरी कामगार ज्यादा हैं और स्थानीय न के बराबर। कंपनियां ठेकेदारी प्रथा पर मजदूरों को रख रही हैं जिनको कंपनी की तरफ से कंपनी का जॉब कार्ड भी नहीं दिया जाता। अगर किसी मजदूर के साथ कोई अप्रिय घटना हो जाती है जो कंपनी उससे अपना पल्ला झाड़ लेती है और मजदूर को उसके हाल पर छोड़ दिया जाता है।
उन्होंने प्रेस के माध्यम से कहा कि हमारी मांग है कि मजदूरों को सरकार की तरफ से निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जाए और कंपनी लॉ के अनुसार दुगुना ओवरटाइम उन्हें दिया जाए। सिडकुल प्रशासन हमारी बात को गंभीरता से ले अन्यथा ये आंदोलन यहीं रुकने वाला नहीं है।
प्रेसवार्ता में उनके साथ विकास सिंह, यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष कैश खुराना, यूथ कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष लक्ष्य चौहान, अंकित चौहान, पार्षद विक्की भूषण, यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव दिव्यांश अग्रवाल, यूथ कांग्रेस शहर उपाध्यक्ष मयंक त्यागी, महिपाल रावत, चंद्रेश कुमार, अशोक गिरी आदि लोग उपस्थित थे।
हरिद्वार जिले में मस्जिद की ऊंची मीनारों को हटाने का काम शुरू
जिलाधिकारी की मस्जिद सील करने की चेतावनी के बाद से स्वयं मीनार हटाने का काम शुरू
हरिद्वार। उत्तराखंड को सनातन संस्कृति की राजधानी कहे जाने वाले हरिद्वार जिले की सुल्तानपुर नगर पंचायत में मस्जिद का निर्माण रुकवाने गई प्रशासन की टीम ने मीनार मस्जिद गिराने को लेकर प्रबंधकों को चेतावनी दी कि वे स्वयं इसे तोड़ दे अन्यथा प्रशासन परिसर को सील करने की कारवाई करेगा।
डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि मस्जिद भवन और उसकी मीनार को लेकर सोशल मीडिया में चली खबरो का संज्ञान लेते हुए पूर्व में मस्जिद प्रबंधकों को नोटिस दिया गया था, बावजूद इसके उनके द्वारा अवैध निर्माण कार्य नहीं हटाया गया, आज एसडीएम के नेतृत्व में पुनः प्रशासनिक टीम ने वहां जाकर प्रबंधकों को चेतावनी दी गई कि अवैध निर्माण को नहीं हटाने की दशा में परिसर को सील कर दिया जाएगा। जिसके बाद प्रबंधकों ने आपत्ति जनक मीनार को स्वयं हटाने का काम शुरू करवा दिया गया है। डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि उक्त अवैध निर्माण को जैसे बनाया गया था उसी प्रकिया से ही हटाया जाना संभव है ।
उल्लेखनीय है कि करीब दस माह पहले उत्तराखंड की सबसे बड़ी मस्जिद के निर्माण और ऊंची मीनारों को मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया और न ही इसके निर्माण के लिए जिला प्रशासन अथवा प्राधिकरण से कोई अनुमति ली गई थी। अब यहां पुनः बल्लियां खड़ी करके काम होता दिखाई दे रहा है।
सोशल मीडिया में ये प्रकरण चर्चित होने पर डीएम हरिद्वार ने इसके निर्माण पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया था,जिसके बाद उक्त मस्जिद के निर्माण कार्य को रोक दिया गया था।
अक्टूबर 2025 में चर्चा में आयी थी मस्जिद
हरिद्वार जिले के सुल्तानपुर नगर पंचायत क्षेत्र में उत्तराखंड की सबसे बड़ी मस्जिद बनाए जाने और उसकी मीनार की ऊंचाई को लेकर खबरें सुर्खियों में रही। हरिद्वार जिला प्रशासन ने इसका निर्माण कार्य रोकते हुए नोटिस जारी किया था। बताया जाता है कि नोटिस का कोई जवाब नहीं मिला यानि स्पष्ट है कि उक्त मस्जिद बिना किसी सरकारी अनुमति के बनाई जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट का 2009 और 2016 का ऐसा निर्देश है कि कोई भी धार्मिक भवन या संरचना बिना जिला अधिकारी के अनुमति के नहीं बनाई जा सकती। इसके पीछे तर्क यही था कि एक तो धार्मिक संरचना, सरकारी भूमि पर न बने और इसके निर्माण में सुरक्षा के हर पहलू का ध्यान रखा जाए।
कई मस्जिदों ने नहीं ली निर्माण की अनुमति
उत्तराखंड में 722 से अधिक मस्जिदों का निर्माण हो चुका है जिसका आंकड़ा उत्तराखंड सरकार के पास भी है। इनमें सबसे ज्यादा मस्जिदें सनातन गंगा नगरी हरिद्वार जिले में है जिनके संख्या 322 बताई गई है।
देहरादून जिले में 155, उधम सिंह नगर में 144 और नैनीताल जिले में 48 मस्जिदें है।खास बात ये कि इनमें से शायद ही कोई ऐसी हो जिसमें भव्यता का निर्माण कार्य न चल रहा हो।
खास बात ये भी है कि कुछ चिन्हित स्थानों पर मस्जिदों ने भव्यता के साथ साथ बड़ा आकार लेना भी शुरू कर दिया है मानो यहां कोई कंप्टीशन चल रहा हो कि कौन सबसे ऊंची मीनार बनाएगा या कौन सबसे बड़ी मस्जिद बनाएगा।
सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण,
गौर करने वाली बात ये कि इनमें कोई भी निर्माण संबंधी अनुमति नहीं ले रहा ,कारण ये है कि प्रशासनिक अनुमति प्राप्त करने के लिए उन्हें भूमि, संस्था पंजीकरण,आय व्यय का ब्यौरा और अन्य दस्तावेज दिखाने पड़ते है जोकि बहुत से मस्जिद प्रबंधकों के पास नहीं होते। कई इमारतें ऐसी है जोकि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे करके बनाई गई है और फिर उन्हें वक्फ बोर्ड में पंजीकृत करवा दिया गया,इसका नतीजा ये हुआ कि प्रशासन इनके खिलाफ कार्रवाई करने से परहेज करता रहा।
पिछले दिनों वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज करवाने के दौरान भी ऐसे ही पेच उलझे हुए दिखाई दिए है।
बरहाल सनातन देवो की भूमि उत्तराखंड में इस्लामिक प्रतीक चिन्हों की बढ़ती बसावट से स्थानीय सनातन संगठन भी चिंतित है।
नियमो का उलंघन
जानकारी के मुताबिक इस मस्जिद के निर्माण मानकों को लेकर कोई गाइड लाइन की चिंता नहीं की गई क्योंकि जब इसका नक्शा ही पास नहीं करवाया गया तो न तो फायर सेफ्टी न ही लोकनिर्माण और न ही अन्य किसी विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया। आम तौर पर कोई आम व्यक्ति घर भी बनाता है तो उसके लिए मानक तय है, कितनी ऊंचाई होगी,पार्किंग स्पेस कहां है ? परन्तु उक्त मस्जिद निर्माण के दौरान ऐसे किसी भी मानकों का पालन नहीं किया गया। पहाड़ी रिहायशी अथवा व्यवसायिक भवन बनाने के लिए केवल 12 मीटर की अनुमति है। जबकि मैदानी इलाकों में इसमें 30 मीटर यानी करीब 100 फीट लेकिन यहां मस्जिद में 250 फिट ऊंची मीनार किसी भी मानक के अनुसार प्रथम दृष्टि में सही नहीं कही जा रही। जानकारी के अनुसार यदि सौ मीटर से ऊंची इमारत है तो उसके लिए शासन से अनुमति के साथ साथ आई आई टी के संरचनात्मक प्रौद्योगिकी विभाग से अनुमति लेना आवश्यक है।
07/05/2026
हरिद्वार में खुशियों और स्वाद का संगम बनेगा ‘स्वाद ए महोत्सव’
हरिद्वार, 7 मई। स्वाद ए महोत्सव के आयोजन को लेकर इसके क्रिएटिव डायरेक्टर आकाश ऋतुराज भारतीय ने प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर इस आयोजन की जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि “स्वाद ए महोत्सव” का आयोजन दो दिवसीय 9 एवं 10 मई को शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक कम्युनिटी सेंटर , सेक्टर 4, बी एच ई एल में आयोजित होगा।
स्वाद ए महोत्सव का मुख्य उद्देश्य हरिद्वार में एक ऐसा भव्य और खुशनुमा फेस्टिवल आयोजित करना है, जहाँ हर वर्ग के लोग आकर मनोरंजन, स्वाद और संस्कृति का आनंद ले सकें। इस महोत्सव में कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा, वहीं स्थानीय छोटे व्यापारियों को भी अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही उनके साथ आए अतुल पांडे ने बताया कि फूड लवर्स के लिए विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन आकर्षण का केंद्र होंगे, ताकि लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ बेहतरीन खाने का आनंद उठा सकें। आयोजकों का उद्देश्य हरिद्वार में एक ऐसा हैप्पी और एंटरटेनिंग इवेंट तैयार करना है, जो लोगों के लिए यादगार अनुभव बने।
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