Azad Poonam
शोषित एवं वंचित समाज के अधिकारों की आव
01/04/2026
इस युद्ध का कारण क्या है आपने कभी सोचा है! अमेरिका कह रहा है कि ईरान एटमी बम बना सकता है और हमने उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम को एटमी बम नही बनाने देना जबकि उनके सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खमेनेई ने फतवा जारी कर रखा था कि एटमी बम मानवता का दुश्मन है और उसे हम नही बनाएगें! वो व्यक्ति जो एटमी बम बनाने के खिलाफ था उसकी हत्या उन लोगों ने कर दी जो ईरान के एटमी हथियार बनाने के विरुद्ध थे! ये कितनी बचकाना बात है कि एटमी हथियार नही बनने देने इसलिए उनके एनरिच्ट यूरेनियम को डिस्ट्राय करना है! खमेनेई जिंदा रहता तो एटमी हथियार बनने ही नही देता और ना ही उनके जाने के बाद उनके द्वारा दिए गए फतवे को वापिस लिया गया और एटमी हथियार बनाने की बात की गई! ये तो युद्ध का कारण नही हो सकता! क्या ईरान अपनी सीमाएं बढा रहा था या किसी को डिस्टर्ब कर रहा था नही! तो युद्ध क्यों?
ये दो विचारधाराओं और दो सभ्यताओं का युद्ध है! युद्ध इसलिए शुरु हुआ कि ईरान की सोच ने उनकी इम्पियरलिज्म और शोषण की सोच के लिए खतरा पैदा कर दिया था! ये सोच शोषण की सोच से अलहदा सबको साथ लेकर चलने की सोच है और आदमी को अन्दर से ताकतवर बनाती है! जो किसी के साथ जुल्म नही करता, अपनी मेहनत से खाता है, साइंटिफिक टेंपरामेंट की बात करता है लाजिकल बात करता है वो अन्दर से मजबूत होता है! दूसरी तरफ ऐय्याश व्यक्ति को झूठे मक्कार धोखेबाज़ और सबका शोषण करने वाले को और सबसे ऊपर खुद को मानने वाले को ऐसे लोगों से डर लगता है! उसको अपना साम्राज्य उजडता सा लगता है! अगर ऐसे लोगों की सोच फैल गई तो उनका तो जो महल उन्होंने खडा कर रखा है वो ढह जाएगा!
खमेनेई का शरीर ही दुनिया से गया है और उसको जाना ही था लेकिन उसकी सोच बाकी है और खमेनेई उनके लिए खतरनाक नही थे उनकी सोच खतरनाक थी उनके लिए जो उनके शोषण उनके जुल्म और बनाए महल को ढहा सकती है इसलिए वो खमेनेई के जाने के बाद उनके साथ काम किए हुए लीडर्स को भी मार रहे हैं क्योंकि खमेनेई ने उनकी सोच भी वैसी ही बना दी थी! उनको मारने का उद्देश्य यहीं है और इसके साथ स्कूलों पर हमले और बच्चियों को मार देना क्योंकि ईरान में इंजीनियरिंग का काम लेडीज बडे पैमाने पर करती हैं! उन छोटी बच्चियों को गलती से नही मारा जानबूझकर मारा क्योंकि वे भविष्य की इंजीनियर थी तो उनको पहले ही खत्म कर दिया! अब यूनिवर्सिटीज पर हमले हो रहे हैं क्योंकि वो उस तालीम सिस्टम को खत्म कर देना चाहते हैं जो आदमी को अन्दर से मजबूत और निहायत मोरल स्ट्रांग बनाता है! ये सभ्यताओं का युद्ध है ये लडाई दूर तक जाएगी! ईरान हारेगा नही क्योंकि वो सोच गहरी है! खमेनेई बहुत मजबूत सिस्टम पैदा करके गये हैं! मोरल मजबूत आज तक हारे नही हैं और दूसरे अगर जल्दी नही जीते तो भाग खडे होगें! ये युद्ध तेल के लिए नही है! एटमी हथियार रोकने के लिए नही है ये युद्ध ईरान की सोच को रोकने के लिए है जो समानत, सच, ईमानदारी और शहादत की सोच है और अमेरिका इस्राएल को लगता है ये सोच उनकी सोच को ऐसे खत्म कर देगी जैसे रोशनी अंधेरे को खत्म कर देती है! अंधेरे उजाले की लडाई में कौन जीतता है वहीं इसमें भी जीतेगा!!
28/03/2026
कायर और चरित्रहीन को अपना नेता मानने की बजाय मैं पराय मुल्क के जांबाज बहादुर और चरित्रवान ख़ेमनई जी को अपना आदर्श मानना चाहूंगी more ........
राहुल गांधी जी को टपोरी कहना कंगना रनौत को पड़ा महंगा
#राहुल_गांधी
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