Quantum Reiki

Quantum Reiki

Share

रेकी चिकित्सक, म्यूजिक थैरेपी, कलर थैरेपी, भजन गायक

🌅#कान्हाश्री#गार्डन#में#जादौन#के वर#वधू#शुभ#विवाह#के#अनमोल#पल#की#हार्दिक#शुभकामनाएं#एवं#बधाइया 04/12/2025

https://youtu.be/i8vOkWxgSD0?si=gvbgWZNc1L73eEHp🌅आज बात करते हैं, कि क्षत्रिय क्या हैं,और क्या है इनका इतिहास.

वैसे हमारे कुछ विरोधी शुरू से ही हमारा इतिहास विकृत करने के लिए, जलनवश , #रामायण ,महाभारत को कल्पना कहते आये हैं,पर ये हमारा स्वर्णिम प्राचीन इतिहास है. जिसके साक्ष्य आज भी जिंदा हैं..
क्षत्रिय वो है, जिसने पोरस के रूप में सिकन्दर को भारत से खदेड़ दिया था.।

जिस इस्लाम ने 45 वर्षो में 90 देशों को #इस्लामिक बना लिया था,उसको भारत मे घुसने में 500 साल लगे, सिर्फ इन क्षत्रियों की वजह से..
क्षत्रिय वो हैं, जिसने दुनिया के सबसे बड़े किले बनवाये,जिसके #आर्किटेक्चर को देखने दुनिया से लोग भारत आते हैं..जिसमे #चितौड़गढ़, #कुम्भलगढ़ #, ग्वालियर फोर्ट, #खजुराहो जैसे अविश्वसनीय विशालकाय स्थल हैं..
क्षत्रिय वो हैं,जिससे बचने के लिए महमूद गजनवी ने सोमनाथ लूट के बाद #रेगिस्तान का रास्ता चुना,वो अज़मेर के चौहानों से भय खाता था...
क्षत्रिय वो हैं जिन्होंने तराइन में गौरी को हराकर जीवन दान दिया. और इसी गौरी को #भीमदेव सोलंकी ने भी गुजरात से मारकर भगाया था.
क्षत्रिय वो हैं, जिन्होंने हमीर सिंह #सिसोदिया के रूप में सिंगोली युद्ध मे मोहम्मद विन तुगलक को धूल चटाई थी. और बन्दी बनाकर रखा .
क्षत्रिय वो हैं,जिन्होंने इल्तुतमिश जैसे आक्रांता को कई बार अपने क्षेत्रों से भगाया .
क्षत्रिय वो हैं, जिसने अलाउदीन खिलजी जैसे क्रूर आक्रांता के आगे हार नही मानी, लाखो #क्षत्रिय मरे और मारा भी.

क्षत्रिय वो हैं, जिसने राणा कुम्भा के रूप में भारत को एक महान आर्किटेक्ट दिया,जिसने अपने जीवनकाल में 32 दुर्गों का निमार्ण कराया, जिसमे विश्व की सबसे बड़ी दीवार, #कुम्भलगढ़ की दीवार भी शामिल है.
ये वही राणा कुम्भा हैं, जिन्होंने गुजरात और मालवा के सुल्तान को हराकर, विजयस्तम्भ का निर्माण कराया था...
क्षत्रिय वो है,जिसने डूबते भारत के अस्तित्व को राणा सांगा के रूप में आखिरी उम्मीद को जन्म दिया, जिसने इब्राहिम लोधी, और बाबर जैसे शासक को धूल चटाई थी...
क्षत्रिय वो है, जिसकी बजह से इसी दौर में विजयनगर व उड़ीसा जैसे सम्राज्य में केसरिया लहराता रहा.
क्षत्रिय वो है जिसने #कलिंजर युद्ध मे शेर शाह शूरी को रौंद डाला था..और वो मारा गया. ये वही शेरशाह शूरी है जिसने गिरी-सुमेल के युद्ध के बाद क्षत्रियोँ के लिए कहा था,की एक मुट्ठी बाजरे के खातिर मैं अपनी सल्तनत खो देता. इस युद्ध मे 6000 राजपूतो का सामना 80 हज़ार अफगानों से था.
क्षत्रिय वो हैं, जिसने गुलाम होते भारत मे एक बार फिर एकलौती किरण को जन्म दिया था, #महराणा प्रताप के रूप में, जिसने भारत का मान रखा, ये एकलौता ऐसा राजा था देश का जो अकबर के सामने नही झुका, और तो और हल्दीघाटी, दिवेर जैसे युद्ध मे अकबर को धूल भी चटाई .
क्षत्रिय वो है, जिसने #बुंदेलखंड से छत्रसाल के रूप में औरंगजेब को खदेड़ा, और बुंदेलखंड को स्लाम मुक्त कराया .
क्षत्रिय वो है जिसने खालसा धर्म की रक्षा की ,वीर बंदा बहादुर व बज्जर सिंह #राठौड़ के रूप में .
क्षत्रिय वो है, जो लद्दाख को, लड़कर भारत के नक्से में लाये,जनरल जोरावर सिंह जैसे रूप में.
क्षत्रिय वो हैं,जिन्होंनें अग्रेंजो के खिलाफ सबसे बड़ा मोर्चा लिया, बाबू कुंवर सिंह, ठाकुर कुशाल सिंह आउआ,राम प्रसाद विस्मिल,ठाकुर रोशन सिंह,महावीर सिंह राठौड़ जैसे सैकड़ो महान क्रांतिकारियों के रूप में . या फिर प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के सैनिकों के रूप में ...
क्षत्रिय वो हैं जिन्होंने 19वी सदी में भी,7 समुन्द्र पार जाकर विदेशी ताकतों से #राकेशइजरायल को आजाद कराया, #जोधपुर लांसर के रूप में, वो भी तब जब तलवारों का मुकाबला ,मशीनगन से था..इजरायल आज भी हमे सम्मान देता है.
क्षत्रिय वो हैं, जो इस जनतन्त्र में भी सबसे ज्यादा शहीद होने वाली कौम है, सेना में सबसे ज्यादा वीरता मैडल इन्ही राजपूतो के पास हैं यंहा तक कि 5 परमवीर चक्र..
क्षत्रिय वो हैं जो थार रेगिस्तान में भी महल बनादे, जो आज 900 साल बाद भी हमारे इतिहास की गवाही देता है, रेगिस्तान में बना जैसलमेर महल , दुनिया के लिए एक अजूबा है..
क्षत्रिय वो है जिसने आधुनिक भारत को सबसे बड़ा खगोलशास्त्री दिया,सवाई जय सिंह जी जिन्होंने जंतरमंतर नाम की दुनिया की सबसे बड़ी खगोल वैधशाला बनाई.
क्षत्रिय वो है जो आज भी भारत को सम्मान दिलाते हैं, भारत के 3 शहर जयपुर,जोधपुर, उदयपुर किसी ना किसी बजह से भारत का नाम दुनिया मे रोशन करते रहते हैं..
क्षत्रिय वो है जिसकी बजह से आज भी भारत को सबसे ज्यादा टूरिस्ट रेवन्यू व रोजगार मिला हुआ है, भारत मे सबसे ज्यादा टूरिस्ट राजस्थान में ही आता है, वो भी सिर्फ इन क्षत्रियो द्वारा बने शहरों,नगरों,महलों को देखने, इसी टूरिज्म से पूरे राजस्थान में लाखों लोगों का जीबन यापन होता है...इसकी कड़ी में मध्यप्रदेश, गुजरात भी है..यंहा भी 80% टूरिज्म इन्ही क्षत्रियोँ की देन है..
क्षत्रिय वो हैं जो आज भी सनातनधर्म की परम्परा की झलक पूरे विश्व को दिखाते हैं.
विदेशी शासक कहते हैं,की ऐसे राजपूत योद्धा मेरी सेना में हों तो मैं संसार को जीत लेता।
एसे हजारों हजार प्रमाण भरे हैं अतित में। क्षत्रियों की वीरता और शौर्यगाथाओं का गुणगान कंहा तक और कितना किया जाए क्यूंकि ये महानता का वो अथाह सागर है जो कि युगों युगों से बहता आ रहा है। शायद इस सृष्टि के प्रारम्भ से ही।तो फिर क्यूं न गर्व करे हम अपने रक्त पर क्यूं भुल गए हम अपनी रक्त शक्ति को क्यूं गुलाम हो रहें हैं हम आज राजनीतिक दलों के । विचार अवश्य करें 🙏
कृतिका जी वॉल से
💚 #राकेश #सिंह #भदौरिया #रेकी #ग्रैंड #मास्टर #
🌅 क्वांटम #रेकी #ऊर्जा #ध्यान #संगीत #कला #केंद्र
💜1392/24 #नंदा #नगर # इंदौर #म.प्र #💚
W.F.मो8770751519,9754855248
💚https://youtube.com/channel/UC5ZnPjQ7b-CUUNPyPZopLyw
❤Teligram Link 💚https://t.me/+TE9JP27n2ssdWp6x
💚Facebook link💜
https://www.facebook.com/rakesh.bhadoriya

🌠इस #वीडियो #का उद्देश्य #पैसा #कमाना #ही नहीं अपितु लोगों के जीवन मे #आनंद #कैसे बड़े सभी मित्रों को नमन 🌹👏

🌅#कान्हाश्री#गार्डन#में#जादौन#के वर#वधू#शुभ#विवाह#के#अनमोल#पल#की#हार्दिक#शुभकामनाएं#एवं#बधाइया 🌅🌠🌎आज बात करते हैं, कि क्षत्रिय क्या हैं,और क्या है इनका इतिहास.वैसे हमारे कुछ विरोधी शुरू से ही हमारा इतिहास विकृ....

🌅 आज#क्वान्टम#रेकी#हीलिंग#सुंदरकांड#पाठ#एवं#भजन #शर्माजी#के यहां#पिंक#सिटी#निरंजनपुर#इंदौर#में 14/09/2025

https://www.youtube.com/live/pNUPG9esHtk?si=wf-LOxKpYCG7PpoD🌅 #श्राद्धपक्ष #हिंदू #जीवन शैली में अपने पूर्वजों का स्मरण करने, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने एवं उनकी आत्मा को सद्गति मिले इस भावना के साथ किए जाने वाले संकल्पों का पर्व है।
आज के समय में समाज वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर दिए गए तर्कों से ही किसी अवधारणा को समझता जो बिलकुल ठीक बात है। श्राद्ध पक्ष के लिए कई बार मन में सवाल उठता है कि जो पूर्वज #दिवंगत #हो चुके हैं उनके लिए किए जाने वाले किसी भी कार्य का फल उन तक कैसे पहुंच पाता होगा और इस क्रिया को करने से हमें क्या लाभ मिलता है।हमारी संस्कृति में मानव जीवन का मूललक्ष्य जीवन –मरण के चक्र से मुक्त होकर ईश्वर से एकाकार हो जाना है, जिसे मोक्ष कहा जाता है। मनुष्य जब जन्म लेता है तो वो पशुवत होता है।हमारी संस्कृति- परंपराओं में पिरोए गए संस्कारों का उद्देश्य मनुष्य को पशुत्व से मानवत्व की ओर तथा मानवत्व से देवत्व की ओर ले जाने का है जिससे मनुष्य मोक्ष को पाने की दिशा में आगे बढ़ सके।

जब मनुष्य जीवित होता है तब वो अपने आत्मकल्याण के लिए स्वयं प्रयास करता है किंतु जब वो शरीर को छोड़ देता है तब उसकी आत्मा जिस अवस्था अथवा स्थिति में होती है वहाँ से उच्चलोक में उन्नति के लिए, मोक्ष पाने के लिए शरीर के बिना वो कैसे प्रयास कर सकता है। इसलिए दिवंगत आत्मा की उन्नति का प्रावधान भी हमारी संस्कृति में श्राद्ध के माध्यम से किया गया है।
मनुष्य, शरीर और आत्मा का समुच्चय है। आधुनिक विज्ञान शरीर को पदार्थ (Matter) और आत्मा को ऊर्जा(Energy) कहता है। ये पदार्थ #पंच तत्वों #धरती, जल, अग्नि, वायु और आकाश से बना हुआ हैं।आत्मा को विज्ञान उर्जा कहता है, इस उर्जा का भी विज्ञान ने दो भागों में वर्गीकरण किया है -अर्थात विद्युत ऊर्जा जो स्पंदन एवं संकेत के स्वरूप में होती है। #रासायनिक #भाग जो प्रक्रिया स्वरूप में होता है।
जब ये ऊर्जा या आत्मा, पदार्थ से बने शरीर को छोड़ देती है तब उस व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। उस #पार्थिव #शरीर को परंपराओं के अनुसार पंचतत्व में विलीन करने के लिए अंतिम संस्कार किया जाता है। यहाँ सवाल ये उठता है कि शरीर तो अपने मूल तत्वों में जाकर विलीन हो जाता है लेकिन उस आत्मा या ऊर्जा का क्या होता है? आधुनिक विज्ञान ऊर्जा के बारे में कहता है कि "अर्थात ऊर्जा को न तो नष्ट किया जा सकता है न ही बनाया जा सकता है, उसका केवल स्वरूप बदला जा सकता है।

#विज्ञान #की इस ‘ऊर्जा’ को भारत के आध्यात्मिक विज्ञान में “आत्मा” कहा गया। उस आत्मा के स्वरूप का वर्णन करते हुए भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है- इसका अर्थ हम भली भांति जानते हैं। आज विज्ञान जिस बात को कह रहा है,हमारे शास्त्रों में हजारों वर्षों से ये बात बता दी गई है कि आत्मा अजर व अमर है।
प्रसिद्ध वैज्ञानिक ने पदार्थ एवं ऊर्जा के अंतरसंबंधों का रहस्य एक सूत्र से दुनिया को समझाने का प्रयास किया। उस सूत्र को E= mc2 कहा जाता है।
इस सूत्र के अनुसार इस अखिल ब्रम्हांड में पदार्थ एवं ऊर्जा स्थिर है।अर्थात यदि इस ब्रम्हांड को एक पिंड के रूप में कल्पना करें तो इस पिंड के भीतर का पदार्थ एवं ऊर्जा न तो बढ़ाई जा सकती है न ही घटाई जा सकती है केवल रूपांतरित की जा सकती है। गीता के अध्याय 2 - श्लोक 22 में भगवान ने कहा है – “वासांसि जीर्णानि यथा विहाय नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि।तथा शरीराणि विहाय जीर्णा-न्यन्यानि संयाति नवानि देही।।“ अर्थात- जैसे मनुष्य पुराने कपड़ों को बदल कर दूसरे नये कपड़े धारण कर लेता है, ठीक उसी तरह आत्मा पुराने शरीरों को छोड़कर दूसरे नये शरीर में चला जाता है।

अब सवाल उठता है कि आत्मा कोई दूसरा शरीर अपनी इच्छा से धारण करता है या किसी नियम के आधार पर करता है।चूंकि पूरी सृष्टि एक नियम से चल रही है जैसे सूर्य का उगना अस्त होना, नवग्रहों का अपने पथ पर भ्रमण, धरती पर चलने वाला ऋतु चक्र आदि। उसी तरह मनुष्य का जन्म तथा मृत्यु के बाद आत्मा की गति आदि भी एक नियम से संचालित है। इस नियम को भगवान श्री कृष्ण ने कर्मफल सिद्धांत के माध्यम से समझाया है।

अपनी #संस्कृति #में वर्णित सर्वोच्च लक्ष्य (मोक्ष) का लाभ अपने पूर्वजों को मिले,उनकी की दिवंगत आत्मा को सद्गति मिले इस हेतु से और यदि अपने कर्मफल के आधार पर उनका जन्म फिर धरती पर होना है तो यहाँ भी उनको सहायता मिले इन सभी उद्देश्यों की पूर्ति के लिए श्राद्ध किया जाता है।
अब सवाल उठता है कि धरती पर किए हुए #श्राद्धकर्म #के प्रतिफल उस आत्मा विशेष तक तक कैसे पहुँचते है। जैसे हमने पूर्व में देखा कि विज्ञान के अनुसार इस आत्मा का स्वरूप स्पंदनों और संकेतों से मिलकर बना है। विज्ञान कहता है कि इस सृष्टि में दिखाई देने वाली हर वस्तु स्पंदनों का घनीभूत स्वरूप है।

पितृतर्पण - #श्राद्ध #आदि करने के लिए हाथ में कुशा,जौ #काला #तिल, अक्षत् एवं जल लेकर संकल्प किया जाता है।

श्राद्ध के अनुकूल समय,स्थान, विधि, सामग्री आदि का चयन हमारे #पूर्वजों #ने अनेक वर्षों तक अनुसंधान कर मिले परिणामों के आधार पर तय किया है। हमारे #संकल्प #स्पंदन आत्मा विशेष को सद्गति प्राप्त करने में सहायता प्रदान करते हैं जिसके फलस्वरूप वो आत्मा हमारे लिए कृतज्ञता के स्पंदन भेजती है। ये स्पंदन धरती पर हमारे संकल्पों को पूरा करने में सहायक बनते है जिसे हम पूर्वजों का आशीर्वाद कहते हैं । #श्राद्ध #कृतज्ञता #आत्मोन्नति #और संकल्पपूर्ति का पर्व है - गिरीश जोशी
संस्कृति अध्येता एवं अकादमिक प्रशासक
💚 #राकेश #सिंह #भदौरिया # रेकी #ग्रैंड #मास्टर #
🌅 #क्वांटम #रेकी #ऊर्जा ध्यान #संगीत #कला #केंद्र #
💜1392/24 #नंदा #नगर #इंदौर #म.प्र #💚
W.F.मो #8770751519,9754855248
💚https://youtube.com/channel/UC5ZnPjQ7b-CUUNPyPZopLyw
💚Facebook link💜
https://www.facebook.com/rakesh.bhadoriya.9638

🌅 आज#क्वान्टम#रेकी#हीलिंग#सुंदरकांड#पाठ#एवं#भजन #शर्माजी#के यहां#पिंक#सिटी#निरंजनपुर#इंदौर#में 🌅🌠🌎 #श्राद्धपक्ष #हिंदू #जीवन शैली में अपने पूर्वजों का स्मरण करने, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने एवं उनकी आत्मा ....

Want your business to be the top-listed Beauty Salon in Indore?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Category

Website

Address


1392/24 NANDA NAGAR, Opp. ESIC HOSPITAL, NEAR KHUSHI GIRLS HOSTEL
Indore
452011