Vaidik Mathematics
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05/07/2025
"ऊर्ध्वतिर्यक् सूत्र" वैदिक गणित का एक प्रमुख और अत्यंत प्रसिद्ध सूत्र है। यह सूत्र विशेष रूप से गुणा (Multiplication) के लिए प्रयोग किया जाता है। संस्कृत में:
> सूत्र: ऊर्ध्वतिर्यक् (Urdhva-Tiryagbhyam)
अर्थ: "ऊपर और आड़ा दोनों दिशाओं से" (Vertically and Crosswise)
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🔢 उपयोग: गुणा करने की एक विधि
इस सूत्र से बड़ी संख्याओं का गुणा भी बहुत तेज़ी और सरलता से किया जा सकता है। इसे छोटे बच्चों से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी माना गया है।
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🧠 उदाहरण 1:
13 × 12 = ?
Step by Step (ऊर्ध्वतिर्यक् पद्धति से):
1 3
× 1 2
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Step 1 (Rightmost digits): 3×2 = 6
Step 2 (Cross multiplication + inner multiplication): (1×2) + (3×1) = 2 + 3 = 5
Step 3 (Leftmost digits): 1×1 = 1
Final Answer: 156
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🧠 उदाहरण 2:
23 × 45 = ?
2 3
× 4 5
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Step 1: 3×5 = 15 → 5 (Carry 1)
Step 2: (2×5) + (3×4) = 10 + 12 = 22 + 1 (carry) = 23 → 3 (Carry 2)
Step 3: 2×4 = 8 + 2 (carry) = 10
Final Answer: 1035
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📌 विशेषताएँ:
यह सूत्र सभी अंकों पर एक साथ कार्य करता है।
इससे मानसिक गणना तेज होती है।
यह दो अंकों से लेकर बड़ी संख्याओं के गुणा में उपयोगी है।
पारंपरिक गुणा की तुलना में समय की बचत करता है।
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