Ajay rawat
ajay raway
24/06/2020
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21/08/2019
पाकिस्तानी पत्रकार और गायक ने कहा- कश्मीर का ख्वाब छोड़ दें इमरान.................................जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने को लेकर जहां पाकिस्तान की बौखलाहट कम होने का नाम नहीं ले रही, वहीं पाकिस्तान का ही एक बुद्धिजीवी वर्ग उसके इस रवैये से काफी चिंतित है। इन लोगों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल हुआ है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पाकिस्तानी के जाने-माने पत्रकार हसन निसार और लंबे अर्से से भारत में रह रहे पाकिस्तानी गायक अदनान समी ने अपने अंदाज में इमरान खान को आईना दिखाया है। दोनों ने इमरान को नसीहत दी कि वह कश्मीर का ख्वाब छोड़ दें।
हसन निसार पाकिस्तान के जाने-माने पत्रकार हैं। वह सरकार की कड़ी आलोचना और खुलकर बोलने के लिए जाने जाते हैं। हसन अली को पहले भी कई बार पाकिस्तानी समाचार चैनलों में सरकार की बखिया उधेड़ते देखा जा चुका है। ताजा हालात के बाद हसन का एक और वीडियो क्लिप वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो क्लिप में हसन अली एक पाकिस्तानी समाचार चैनल पर आयोजित टॉक शो में शामिल नजर आ रहे हैं। शो के दौरान वहां मौजूद एक व्यक्ति ने उनसे पाकिस्तान के भविष्य के बारे में पूछ लिया। इस पर हसन निसार बरस पड़े।
आज दुनिया जहां है, उसमें पाक का योगदान क्या है?
हसन निसार ने कहा, 'आज जहां इंसान खड़ा है, इसमें आपका (पाकिस्तान का) योगदान क्या है? आपसे का मतलब है मेरा, हम सब (मुस्लिमों) का। मुस्लिम देशों में रह रहे एक अरब 40 करोड़ आम मुसलमानों का योगदान क्या है? मुस्लिम, बच्चों को डायपर तक नहीं दे सकते। ये एक बॉल प्वाइंट पेन नहीं दे सके इंसान को। ये गाड़ी की विंडस्क्रीन (खिड़कियों के शीशे) साफ करने वाला वाइपर तक नहीं दे सके।'
'किसी मुस्लिम देश में लोकतंत्र नहीं है'
हसन निसार ने आगे कहा, 'दुनिया में लगभग 56-57 मुसलमान मुल्क हैं। एक में भी जम्हूरियत (लोकतंत्र) नहीं है। डूब मरो। क्यों, सदियों से हमने (पाकिस्तान ने) एक बुद्धिमान व्यक्ति पैदा नहीं किया? इस मुल्क (पाकिस्तान) में एक बड़ा आदमी पैदा हुआ है। मैं इंटलेक्चुअल (बौद्धिक लोगों) की बात कर रहा हूं। ये मुल्क (पाकिस्तान) है, सबका है। जनाब, जिन्हा साहब के बयान रिकॉर्ड में हैं कि हिंदू अपनी जगह फलां अपनी जगह आदि। उसको आप जो भी लेवल लगाएं। डॉ अब्दुस सलाम, एक सैंद्धातिक भौतिक शास्त्री, पहले पाकिस्तानी और पहले मुस्लिम हैं, जिन्हें नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ अब्दुस सलाम, अहमदी मुस्लिम समुदाय से हैं। उसे मार-मारकर इन्होंने (पाकिस्तान ने) देश से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उन्हें नोबल पुरस्कार से नवाजा गया। सदियों से एक बड़ा आदमी आपने (पाकिस्तान ने) पैदा नहीं किया।
सभ्यता तो भारत के पास है, आपके पास क्या है?
औकात ये है कि एक सतही स्तर का दानिश बात करता है, क्लैश ऑफ सिविलाइजेशन (Clash of Civilizations) मतलब सभ्यताओं के टकराव की। ये उसे सिर पर बैठा लेते हैं और पूरी दुनिया उस पर बहस शुरू कर देती है। क्लैश ऑफ सिलिवाइजेशन तो है ही नहीं। ये क्लैश ऑफ फेथ (Clash of Faiths) मतलब भरोसे का टकराव है। सिविलाइजेशन तो उनके (भारत के) पास है, आपके पास क्या है?
पाकिस्तान आवाम को रोटी नहीं दे सकता, इज्जत तो दे'
बकरे में पानी का इंजेक्शन लगाकर उसका वजन बढ़ाने वाले, अपने बच्चों को नापाक, गंदा, गलीच दूध देने वाले, जीवनरक्षक दवाओं में मिलावट करने वाले, जाली दवाईयां बनाने वाले। यहां न तो कोई कानून व्यवस्था है और न ही कोई संविधान है। न आवाम की कोई इज्जत है। आप (पाकिस्तान) रोटी नहीं दे सकते , कम से कम इज्जत तो दें। वो भी नहीं दे सकते। कौन सी ऐसी चीज, मुझे इतने यहां बच्चे बैठे हैं, इतने माशाअल्लाह मुल्क की क्रीम बैठी है, मैं दावा कर रहा हूं इतना बड़ा, मुझे एक बात बताएं, जिस पर आप फक्र (गर्व) कर सकें। कह सकें कि ये चीज केवल हमारे पास है, जो दुनिया में कहीं नहीं है।
चोरों की थोक मंडी है पाकिस्तान
पाकिस्तान की इमरान सरकार ने 18 अगस्त को एक साल पूरा किया है। इस मौके पर पाकिस्तान के एक टीवी इंटरव्यू में हसन निसार ने कहा, 'पाकिस्तान की हालत अभी वैसी ही है जैसे नींद से जागे इंसान की होती है। उसे थोड़ा समय लगता है पूरे होश में आने में। मैं इस सरकार को 50 फीसद से थोड़े ज्यादा नंबर दूंगा। निश्चित तौर पर पाकिस्तान में महंगाई बढ़ रही है। ये मुल्क नहीं है मंडी है। किसी के हाथ में डंडा है किसी के हाथ में डंडी है। जो भारी पड़ जाए। इन्होंने (पाकिस्तानी सरकार व नेताओं ने) इस मुल्क को चोरों की थोक मंडी में तब्दील कर दिया है। इसे सुधारने में बहुत वक्त लगेगा। सरकार ने कुछ कड़े फैसले लिए हैं, लेकिन इस देश में कुछ लाख रुपये ही टैक्स भरा जाता है। ऐसे में कड़े फैसले और अर्थव्यवस्था को मजबूत कैसे किया जाएगा?
21/08/2019
पीएम मोदी के लिए अमेरिका में अब-तक का सबसे बड़ा आयोजन, सुनने के लिए जुटेंगे 50,000 लोग................................धानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अगले महीने 27 सितंबर को अमेरिका (America) के दौरे पर जाने वाले हैं। पीएम मोदी यहां पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ( United Nations General Assembly) में भाग लेंगे। इससे पहले पीएम मोदी ह्यूस्टन जाएंगे, जहां पर उनके लिए एक मेगा कार्यक्रम 'हाउडी, मोदी' (Howdy, Modi) का आयोजन किया जा रहा है। पीएम मोदी को सुनने के लिए लगभग 50 हजार लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय समुदाय समेत राजनीतिक और सामुदायिक नेताओं को संबोधित करेंगे। ह्यूस्टन अमेरिका का चौथा सबसे बड़ा शहर है, जहां 1,30,000 से अधिक भारतीय-अमेरिकियों की जनसंख्या है। 'हाउडी' दक्षिण-पश्चिमी अमेरिका में आमतौर पर दोस्ताना अभिवादन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है, जिसका मतलब होता है कि 'आप कैसे हैं'।
50 हजार लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन
ह्यूस्टन में पीएम मोदी के इस कार्यक्रम का आयोजन गैर-लाभकारी संस्था टेक्सास इंडिया फोरम (टीआइएफ) ने किया है। ये मेगा कार्यक्रम ह्यूस्टन के एनआरजी (NRG) स्टेडियम में होगा। टीआइएफ के मुताबिक पीएम मोदी को सूनने के लिए 50 हजार से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। अमेरिका में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री के लिए अब तक का सबसे बड़ा कार्यक्रम होगा। इसके अलावा अमेरका में पॉप फ्रेंसिस के बाद किसी भी विदेशी नेता को सुनने के लिए भी ये अबतक की सबसे ज्यादा लाइव ऑडियंस होगी।
'साझा सपने, उज्ज्वल भविष्य'
सम्मेलन का टैगलाइन 'साझा सपने, उज्ज्वल भविष्य' है, जो भारतीय-अमेरिकियों के योगदान को उजागर करेगा जिन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अमेरिकी सीनेटर जॉन कॉर्निन ने कहा है कि मैं टेक्सास में रह रहे हजारों भारतीय अमेरिकियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ह्यूस्टन में स्वागत करता हूं।
अमेरिका में पीएम मोदी का तीसरा प्रमुख भाषण
2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से पीएम मोदी का अमेरिका में यह तीसरा प्रमुख भाषण होगा। 2014 में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन और 2016 में सिलिकॉन वैली में पीएम मोदी के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। दोनों ही कार्यक्रमों में 20,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था।
07/08/2019
मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की मुश्किलें बढ़ी, गुजरांवाला कोर्ट से दोषी करार....................मुंबई हमले के मास्टरमाइंड एवं आतंकी संगठन जमात-उद-दावा (JUD) के प्रमुख हाफिज सईद को गुजरांवाला अदालत ने दोषी करार दिया है। इस केस को पाकिस्तान के गुजरात में स्थानांतरित किया गया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों में यह जानकारी दी गई है। अभी हाल ही में गुजरांवाला स्थित आतंक रोधी न्यायालय (ATC) ने हाफिज सईद की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी थी। इससे पहले भी अदालत ने हाफिज सईद की न्यायिक हिरासत सात दिन के लिए बढ़ाई थी।
बता दें कि आतंक विरोधी विभाग (CTD) ने तीन जुलाई को सईद समेत जमात-उद-दावा के 13 आतंकियों के खिलाफ आतंकवाद के वित्तपोषण के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। सईद को 17 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। उस दिन वह अपने खिलाफ दर्ज मामलों में गिरफ्तारी से पहले ही जमानत लेने के लिए लाहौर से गुजरांवाला जा रहा था। उसी दिन उसे आतंकवाद रोधी अदालत के समक्ष भी पेश कर दिया गया था। संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए हाफिज सईद के खिलाफ कई मामले लंबित हैं।
भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों में से एक और 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद (Hafiz Saeed) की गिरफ्तारी तब की गई थी जब वह आतंकवाद निरोधक अदालत में पेश होने के लिए गुजरांवाला जा रहा था। पाकिस्तान को एफएटीएफ से ब्लैक लिस्ट होने का डर सता रहा है। यह कार्रवाई इसी को देखते हुए की गई थी। पाकिस्तान के आतंकरोधी विभाग के बयान के मुताबिक, आतंकी फंडिंग के लिए पांच ट्रस्टों का इस्तेमाल करने के लिए हाफिज के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे।
उल्लेखनीय है कि कुछ ही दिन पहले हाफिज सईद और उसके तीन सहयोगियों हाफिज मसूद, अमीर हमजा और मलिक जफर को 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर लाहौर स्थित एक आतंकवाद रोधी एक अदालत ने अपने मदरसे के लिए जमीन के अवैध इस्तेमाल से जुड़े मामले में तीन अगस्त तक अग्रिम जमानत दे दी थी। हाफिज सईद (Hafiz Saeed) ने लाहौर हाईकोर्ट (Lahore High Court) में खुद के खिलाफ दाखिल आतंकी फंडिंग के मामलों को चुनौती भी दे रखी है।
06/08/2019
अमेरिका को चीन की चेतावनी, कहा- ... तो चुप नहीं बैठेंगे, देंगे माकूल जवाब....................एशिया और प्रशांत क्षेत्र में मिसाइलें तैनात करने की अमेरिका की योजना पर चीन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। चीन ने मंगलवार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर अमेरिका ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें तैनात कीं तो वह चुप नहीं बैठेगा। इसका माकूल जवाब दिया जाएगा।
चीनी विदेश मंत्रालय के हथियार नियंत्रण विभाग के निदेशक फू कांग ने कहा, 'इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज (आइएनएफ) संधि खत्म होने से वैश्विक सामरिक स्थिरता के साथ ही यूरोप और एशिया-प्रशांत की सुरक्षा पर सीधा नकारात्मक असर पड़ेगा। चीन खासतौर पर उस बयान से चिंतित है जिसमें एक अमेरिकी अधिकारी ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शीघ्र ही मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिसाइल के विकास और परीक्षण की योजना का एलान किया।
चीन चुप नहीं बैठेगा और दुनिया के इस हिस्से में अमेरिकी मिसाइल तैनाती का जवाब देने के लिए विवश होगा।' इसके साथ ही उन्होंने दूसरे देशों खासतौर पर दक्षिण कोरिया, जापान और ऑस्ट्रेलिया से आग्रह किया कि वे अपने यहां अमेरिका को मिसाइलें तैनात करने की इजाजत नहीं दें।
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने किया था एलान
हाल में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आए अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा था कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में हम कुछ माह के अंदर मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें तैनात करना चाहते हैं। उनके इस बयान पर ऑस्ट्रेलिया ने अपनी जमीन पर अमेरिकी मिसाइल तैनाती की योजना से इन्कार किया था।
पिछले हफ्ते खत्म हुई आइएनएफ संधि
अमेरिका और रूस के बीच 1987 में हुई आइएनएफ संधि गत शुक्रवार को खत्म हो गई थी। संधि के तहत मध्यम दूरी तक मार करने वाली कई मिसाइलों को प्रतिबंधित किया गया था। इस संधि के खत्म होने से दुनिया में नए हथियारों के विकास की होड़ शुरू होने की आशंका जताई गई है।
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