Kayastha Facts
Facts and figures about India's most educated, progressive and nationalist community, the Kayasthas.
05/07/2026
कायस्थ गौरव: अमिताभ बच्चन - सदी के महानायक
"रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं..." यह सिर्फ़ एक फ़िल्मी संवाद नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की पहचान बन चुका है।
11 अक्टूबर 1942 को प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) के एक प्रतिष्ठित कायस्थ परिवार में जन्मे अमिताभ बच्चन ने अपने अद्भुत अभिनय, दमदार आवाज़, अनुशासन और मेहनत से भारतीय सिनेमा में वह स्थान बनाया, जहाँ पहुँचना हर कलाकार का सपना होता है।
उनके पिता डॉ. हरिवंश राय बच्चन हिंदी साहित्य के महान कवि थे और माता तेजी बच्चन कला एवं संस्कृति से गहरा जुड़ाव रखने वाली व्यक्तित्व थीं। इसी साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत ने अमिताभ के व्यक्तित्व को गढ़ा।
1969 में 'सात हिंदुस्तानी' से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अमिताभ को शुरुआती दिनों में कई असफलताओं का सामना करना पड़ा। लेकिन 1973 में आई 'ज़ंजीर' ने उनकी किस्मत बदल दी और भारतीय सिनेमा को उसका पहला "एंग्री यंग मैन" मिला।
इसके बाद दीवार, शोले, डॉन, त्रिशूल, मुकद्दर का सिकंदर, काला पत्थर, शक्ति, अग्निपथ, ब्लैक, पा, पीकू जैसी अनेक कालजयी फिल्मों ने उन्हें "महानायक" का दर्जा दिलाया।
साल 2000 में 'कौन बनेगा करोड़पति' के माध्यम से उन्होंने टेलीविज़न पर भी इतिहास रच दिया। उनकी गरिमामयी प्रस्तुति और आत्मीय संवाद शैली ने उन्हें हर पीढ़ी का प्रिय बना दिया।
🏆 प्रमुख सम्मान
• पद्मश्री (1984)
• पद्म भूषण (2001)
• पद्म विभूषण (2015)
• अनेक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
• भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार (2019)
80 वर्ष की आयु पार करने के बाद भी अमिताभ बच्चन आज भी उतनी ही ऊर्जा और समर्पण के साथ सक्रिय हैं। अनुशासन, समय की पाबंदी और निरंतर सीखने की उनकी आदत उन्हें नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनाती है।
कायस्थ समाज के लिए अमिताभ बच्चन केवल एक सुपरस्टार नहीं, बल्कि प्रतिभा, विद्वता, संघर्ष और उत्कृष्टता की जीवंत मिसाल हैं।
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जय चित्रगुप्त! जय कायस्थ समाज!
01/07/2026
Happy 's Day!
Remembering Bharat Ratna Bidhan Chandra Ray on his birth and death anniversary.
Jai Hind 🇮🇳
21/06/2026
वर्तमान पश्चिम-बंगाल के हावड़ा जिला के हावड़ा सदर उप-मंडल के एक भाग में स्थित तत्कालीन मुजःफरपुर परगना के चौधरी परिवार का 'कुल-चिह्न'। इस वंश की स्थापना भरद्वाज गोत्रीय तेकरि दत्त द्वारा चौदहवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में, स्वतंत्र बंगाल सल्तनत के काल में की गई थी। तेकरि दत्त उक्त परगना के प्रथम 'परगना-चौधरी' थे, जिन्हें सुल्तानत सरकार द्वारा इस पद पर नियुक्त किया गया था। परगना का मुख्यालय आन्दुल मौज़ा में स्थित था।
The CoA of the erstwhile Chaudhari family of Muzaffapur pargana, a portion of present-day Howrah Sadar Sub-division of distt. Howrah, West Bengal. The family was founded by Tekari Datta of Bharadvaja gotra, in late 14th century CE, during the time of independent Bengal Sultanate. Tekari Dutta was the first 'Pargana-Chaudhari' of the said pargana, appointed by the Sultanate Government. The pargana HQ was in Andul mouza.
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