Asheesh Kumar Singh

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पत्रकारिता के ज़रिए समाज को आईना दिखाता हूँ। बेबाक विश्लेषण, गहरी पड़ताल और अनकही कहानियों का ठिकाना। सत्य की खोज में मेरे साथ जुड़ें!

06/04/2026

*सूदखोरों के चंगुल से जान बचाई, CM पोर्टल ने किया जादू!"*
" *पुलिस ने मुंह फेर लिया, CM शिकायत पोर्टल ने दी नई जिंदगी"*
" *10 गुना वसूली, मारपीट और बंधक... IGRS पोर्टल ने तोड़ा सूदखोरों का आतंक"*

*सूदखोरों के चंगुल से जान बचाई, CM पोर्टल ने किया जादू*
नोएडा ।एक फैक्ट्री मालिक युवक की जिंदगी सूदखोरों की क्रूर वसूली के कारण नर्क बन चुकी थी। फैक्ट्री में आग लगने के बाद बैंक से मदद न मिलने पर मजबूरी में प्राइवेट फंड से पैसे लिए, लेकिन सूदखोरों ने मूलधन और ब्याज चुकाने के बावजूद 10 गुना ज्यादा वसूली शुरू कर दी। धमकियां, मारपीट, बंधक बनाना और संपत्ति छीनने की कोशिशें... युवक डिप्रेशन का शिकार हो गया और आत्महत्या तक सोचने लगा।लेकिन जब चौकी-थाने से लेकर हर जगह निराशा ही हाथ लगी, तो युवक ने आखिरी उम्मीद उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल (IGRS/जनसुनवाई पोर्टल) में अपनी आपबीती दर्ज की। और फिर जो हुआ, वह पूरे मोहल्ले में चर्चा का विषय बन गया।पोर्टल पर शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने यू-टर्न लिया। सूदखोरों को बुलाकर सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। डरा-धमकाकर छीनी गई फॉर्च्यूनर गाड़ी वापस कर दी गई। सूदखोर केवल मूलधन लेकर परेशान करना छोड़ने को मजबूर हो गए। वह युवक, जो कुछ दिन पहले आत्महत्या की कगार पर था, आज राहत की सांस ले रहा है।यह कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि IGRS पोर्टल की असाधारण प्रभावशीलता का जीवंत उदाहरण है।युवक की कहानी बताती है कि नोएडा सेक्टर-18 के पास हल्दीराम रेस्टोरेंट के सामने उसे घंटों बंधक बनाकर मारपीट की गई। लगातार दो महीने से यह सिलसिला चल रहा था। अज्ञात गुंडों को भेजकर वसूली कराई जा रही थी। कुछ गुंडे तो पुलिस के इनामी भी बताए जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस ने पहले लापरवाही बरती और पैसे के लेन-देन का मामला बताकर हाथ खड़े कर दिए। लेकिन मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर शिकायत पढ़ते ही पुलिस का रवैया पूरी तरह बदल गया।मोहल्ले वाले आज भी हैरान हैं कि आखिर ऐसा क्या "जादू" हुआ कि जो सूदखोर युवक की फैक्ट्री, फ्लैट और गाड़ी पर कब्जा करने की तैयारी में थे, वे अचानक पीछे हट गए। युवक ने अपनी आपबीती किसी को बताई भी नहीं थी, चुपचाप सहता रहा था। लेकिन IGRS पोर्टल ने उसकी चुप्पी तोड़ी और न्याय दिलाया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की IGRS प्रणाली की सराहना:यह मामला साबित करता है कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) ग्राउंड लेवल पर आम आदमी के लिए असली ताकत बन चुका है। जहां स्थानीय स्तर पर दबाव, सांठगांठ या लापरवाही के कारण न्याय नहीं मिल पाता, वहां सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच बनाकर शिकायत दर्ज करने से तुरंत एक्शन होता है।IGRS पोर्टल ने साबित किया है कि "असहाय" अब असहाय नहीं रहा। यह पोर्टल सूदखोरों, भूमाफियाओं, भ्रष्ट अधिकारियों और अन्य अत्याचारियों के खिलाफ आम नागरिक का मजबूत हथियार बन गया है। प्रदेश भर में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जहां पोर्टल पर शिकायत करने से रातोंरात बदलाव देखने को मिला है।समाचार प्लस ओटीटी इस घटना को पूरे उत्तर प्रदेश में हाईलाइट कर रहा है ताकि हर वह व्यक्ति, जो सूदखोरों, अवैध वसूली या पुलिस की लापरवाही का शिकार है, हिम्मत करके IGRS पोर्टल (jansunwai.up.nic.in) पर अपनी शिकायत दर्ज करे। मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में शिकायतों का निस्तारण तेजी से होता है, जो प्रशासनिक जवाबदेही को नई ऊंचाई दे रहा है।
*जनहित में अपील:*
अगर आप या आपके आसपास कोई भी व्यक्ति अवैध सूदखोरी, धमकी, मारपीट या जबरन वसूली का शिकार है, तो तुरंत मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। एक क्लिक आपकी जिंदगी बदल सकता है।एख क्लिक आपकी जिंदगी बदल सकता है। #वायरलखबर

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