Topic Health Ki

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yahan pr aap ko health se related sabhi knowledge prapt hogi

04/02/2021

आप अगर स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हैं तो ये जानकारी हम आपके लिए लाए हैं सोंठ और दूध (सूखे अदरक के दूध के फायदे) के। इन दोनों चीजों का एक साथ सेवन करने से शरीर को बेहद फायदा होता है। कई तरह की बीमारियों से मुक्ति मिलती है। सोंठ और दूध कई स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में बेहतरीन माना जाता है। विशेष रूप से ठंड में इसका सेवन करना बेहद लाभकारी होता है।

क्या-क्या पाया जाता है सोंठ मे
हम आपको बताते हैं कि सोंठ में क्या-क्या पाया जाता है। सोंठ में लौह तत्व, जैव जैसे पौधा तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। जिसकी वजह से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है और मस्तिष्क में ऑक्सीजन सही तरीके से पहुंचती है।

क्या-क्या पाया जाता है दूध में
दूध शरीर के लिए प्रोटीन का बहुत अच्छा है। क्योकि दूध प्रोटीन, कैल्शियम और राइबोफ्लेविन (विटामिन बी -2) युक्त तो होता है, इसमें विटामिन ए, डी, के और ई सहित फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयोडीन सहित कई मिनरल और फैट और एनर्जी भी होता है। और भी इसमें कई और लिविंग ब्लड सेल्स भी मिलते हैं, जो शरीर को स्वस्थ्य रखने में मददगार होते हैं।

सोंठ वाला दूध बनाने कैसे बनाए (सूखा दूध बनाने की विधि)
सोंठ बनाने के लिए सबसे पहले दूध को गर्म करें। इसके बाद इसमें सोंठ का फाउडर डालें। इसके बाद दोनों को उबालकर फिल लें। इसके सेवन करने से अम्लता से राहत मिलती है। कब्ज, पेट दर्द से भी राहत मिलता है।

सौंठ वाले दूध के कौन कौन से फ़ायदे (सूखी अदरक दूध के फायदे)

गले की खराश से राहत

गले में खराश हैं तो सौंठ वाला दूध पिएं राहत मिलेगी। लगातार दो से तीन दिन तक ऐसा करने पर आपको गले में हो रही खराश से राहत मिल सकता है। इतना ही नहीं सोंठ गले के इंफेक्शन से निजात पाने में भी कारगर है।

शोधन तंत्र होगा मजबूत
सौंठ वाला दूध (ड्राई जिंजर मिल्क) पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। अगर खाना खाने के बाद आपका पेट में गैस बनता है तो सोंठ वाला दूध आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है।

हिचकी में फायदेमंद
लगातार हिचकी आने पर आप सौंठ वाला दूध पी सकते हैं। आराम मिलेगा। लेकिन इस बात का ध्यान रखना होगा कि सौंठ को दूध में उबालें और ठंडा करने के बाद ही सेवन करें।

सेक्सुअल प्रॉब्लम दूर करने में भी मददगार
दूध के साथ सोंठ का सेवन करना सेक्स लाइफ को बेहतर बनाता है। स्वास्थ्य एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सोंठ वाला दूध पुरुषों की सेक्सुअल प्रॉब्लम दूर करने में भी मददगार है।

सोंठ वाला दूध पीने का सही समय

स्वास्थ्य एक्सपर्ट बताते हैं कि सोने से पहले सौंठ वाला दूध पीना सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। सोंठ वाला दूध पुरुषों की सेक्सुअल प्रॉब्लम दूर करने में भी बहुत लाभदयक माना गया है।

डिस्क्लेमर: समाचार में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। अगर आप किसी भी तरह की बीमारी से ग्रसित हैं तो लेख में बताई गई जानकारी को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

30/01/2021

जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ने लगती है, शरीर की सारी प्रक्रियाएं धीमी पड़ने लगती हैं और बुढ़ापे (बुढ़ापा) शरीर पर नजर आने लगती हैं। त्वचा की कोशिकाएं (स्किन सेल्स) की रिकवरी धीमी हो जाती है, त्वचा कमजोर (कमजोर हड्डियां) होने लगती है, बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ये बदलावों को पूरी तरह से रोक पाना तो असंभव है लेकिन एजिंग के ये निशान अगर सही में उम्र बढ़ने से पहले यानी 35 साल से पहले ही दिखने लगें तो आपको इसके लिए सतर्क हो जाने की जरूरत है। हम यहाँ पर उन संकेतों और लक्षणों के बारे में बता रहे हैं जो यह बताते हैं कि बुढ़ापा आने से पहले ही बूढ़ें हो रहे हैं: आप।

एजिंग के संकेतों को कैसे पहचाने

1. धीमी गति से चलना- अगर 40 साल के उम्र के बाद चलने की गति कम हो जाए, आप धीमी गति से चलने लगें तो यह समयपूर्व उम्र का सबसे महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। वॉकिंग को सबसे आसान और बस्ट एक्सरसाइज माना जाता है। इसलिए हर व्यक्ति को रोजाना कम से कम 30 से 35 मिनट वॉक जरूर करना चाहिए।

2. सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होना - उम्र बढ़ने पर जोखिमों और सामानों में दोनों पैर कमजोर हो जाते हैं जिससे सीढ़ी चढ़ने में परेशानी हो सकती है लेकिन 35-40 साल की उम्र में ही अगर सीढ़ियां चढ़ना पहाड़ चढ़ने के समान लगने लगे तो समझ जाइए की आप अभी तक। रहे पहले ही बूढ़े हो रहे हैं।

3. कमजोर याददा्स- इसी तरह मेमोरी यानी याददाश्त कमजोर होना, चीजें भूल जाना या अल्जाइमर और डिमेंशिया की बीमारी 65 साल से पहले नहीं होती है। लेकिन अगर 40 की उम्र में ही आप कोई चीज कहीं रखकर भूल जाते हैं, क्या करने के लिए ऊपर के कमरे में आए थे ये याद नहीं रहती तो यह समय से पहले बुढ़ापा आने का संकेत है।

4. जोड़ों में दर्द होना- उम्र बढ़ने पर हड्डियों और जोड़ों में अकड़न होने लगती है जिसकी वजह से ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या हो जाती है। आमतौर पर 50-55 साल की उम्र में यह समस्या शुरू होती है, लेकिन अगर 35-40 की उम्र में ही आपके जोड़ों में दर्द होने लगे तो समझ जाइए कि आपका बुढ़ापा पहले ही आ गया है।

5. एज क्लॉक्स- एज स्पॉट्स सन शैव भी कहते हैं औहर ये आपकी त्वचा पर बनने वाले ऐसे मार्कर या दाग-धब्बे हैं जो लंबे समय तक सूरज की रोशनी के एक्सपोजर में रहने के कारण होते हैं। ये चेहरे चेहरे पर, हथेली के पीछे वाले हिस्से पर दिखने लगते हैं। वैसे तो 40 की उम्र के बाद ये घड़ियों नज़र आती हैं लेकिन बहुत से लोगों में यह उम्र से पहले भी दिख सकती हैं।

6. झुर्रियां और बाल गिरना- 30 की उम्र का होते ही त्वचा में कोलेजन (कोलेजन) का उत्पादन कम हो जाता है। कोलेजन एक ऐसा प्रोटीन है जो त्वचा को उसका शेप देता है। त्वचा में कोलेजन की कमी की वजह से स्किन ढीली पड़ जाती है और झुर्रियां (झुर्रियाँ) आने वाले लक्षण हैं। 50 की उम्र के बाल बालों का झड़ना भी एक सामान्य समस्या है। लेकिन अगर उम्र से पहले ही आपके चेहरे पर झुर्रियां दिखने लगी थीं और बाल गिरने लगे तो सावधान हो जाइए क्योंकि ये आर्टैच्योर एजिंग के निशान हैं।

इन उपायों को आजमाएँ

- झुर्रियों की समस्या से बचने के लिए घर से बाहर निकलने से पहले सन डॉट का इस्तेमाल करें।

- बाल झड़ रहे हों, बाल पतले हो गए हों तो पोषण से भरपूर आहार का सेवन करने के साथ ही अपने शैंपू और कंडिशनर को जरूर बदलें।

- एज थम्स की समस्या हो तो डर्मेटॉलजिस्ट से मिलकर उचित ट्रीटमेंट करवाएं।

- चलने में या सीढ़ी चढ़ने में कठिनाई महसूस हो रही हो तो डॉक्टर से चेकअप करवाएं कि कहीं कोई बीमारी तो नहीं।

30/01/2021

गीलापन महसूस होना, पेट में दर्द, क्रैम्प्स, मूड स्विंग... आप समझ ही गई होंगी कि हम किस चीज की बात कर रहे हैं. जी हां, हमारे हर महीने के साथी पीरियड्स की. पीरियड्स () के दौरान महसूस होने वाली इन तकलीफों को रोकने के लिए तो कुछ नहीं किया जा सकता लेकिन Menstruation से जुड़ी दिक्कतों को और ज्यादा बिगड़ने से जरूर बचाया जा सकता है. इसके लिए बेहद जरूरी है कि आप हर महीने पीरियड्स से जुड़ी कुछ कॉमन गलतियां (Common Mistakes) न करें वरना आपकी सेहत पर लंबे समय तक इसका बुरा असर पड़ सकता है.

पीरियड्स से जुड़ी कॉमन गलतियां

1. पैड और टैम्पोन चेंज न करना- पीरियड्स के दौरान बहुत सी लड़कियों और महिलाओं को लीकेज का डर तो रहता है लेकिन वे सैनिटरी पैड और टैम्पोन को सही समय पर चेंज नहीं करती हैं. माहवारी के दौरान आपका ब्लड फ्लो कैसा हैैं हिसाब से आपको हर 2 से 4 घंटे में एक बार Sanitary Napkin जरूर बदलना चाहिए तो वहीं टैम्पोन को हर 4 से 6 घंटे में एक बार बदलना चाहिए. ऐसा करने से आपको बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचने में मदद मिल सकती है.

2. खुशबू वाले उत्पाद यूज करें- इन दिनों सेंटेड यानी खुशबू वाले सैनिटरी पैड्स, इंटिमेट हाइजीन प्रॉडक्ट्स, वाइप्स और जेल की मार्केट में भरमार हो रखी है. इस तरह के उत्पादों में केमिकल की मात्रा बहुत अधिक होती है जिससे प्राइवेट पार्ट में खुजली और Irritation की समस्या हो सकती है.

3. पेनकिलर यूज न करें-

4. वर्कआउट न करना- पीरियड्स के दिनों में पेट दर्द और क्रैम्प्स के बीच एक्सरसाइज (Exercise) और वर्कआउट (Workout) करने का मन किसी को भी नहीं होता है. लेकिन रिसर्च में यह बात आयी है कि अगर हार्ट रेट को बढ़ाया जाए तो पीएमएस यानी प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंड्रोम से जुड़े साइकोलॉजिकल और फिजिकल लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. साथ ही एक्सरसाइज करने से मूड भी अच्छा रहता है और Bloating की दिक्कत भी नहीं होती.

5. अधिक स्नैक्स न खायें- पीएमएस फील हो रहा हो तो सबसे पहले हमारे माइंड में आता है स्नैक्स खाने का विचार. लेकिन अगर आपने भी यही गलती कि तो आपकी पेट फूलने यानी Bloating की समस्या बढ़ जाएगी. लिहाजा हाई सोडियम स्नैक जैसे- आलू के चिप्स आदि खाने से परहेज करें.

29/01/2021

हेल्थ यानी मुंह की स्वच्छता और सफाई (ओरल हेल्थ एंड हाइजीन) हमारी सेहत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आप क्या जानते हैं कि मुंह को ठीक ढंग से साफ न करने की वजह से आपको (हृदय रोग) भी हो सकता हैं इसलिए अगर आप फिट और हेल्दी रहना चाहते हैं तो मुंह की सफाई भी बहुत जरूरी है। लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं ज्यादा रगड़कर ब्रश करते हैं या फिर बहुत देर तक दांतों को घिसते रहते हैं- ये सोचकर कि उनके दांत साफ और सफेद हो जाएंगे। लेकिन हकीकत ये है कि ये सभी चीजें ब्रशिंग से जुड़ी छोटी छोटी ध्यान देने वाली बातें हैं।

फायदे ब्रश करने के

- सही तरीके से ब्रश करने पर दांतों में प्लाक में प्लाक (प्लाक) की दिक्कत नहीं होती है
- दांतों में कैविटी (कैविटी) को होने से रोका जा सकता है
- मसूड़ों से जुड़ी बीमारियों (गम रोग) का खतरा कम हो जाता है

दांतों को साफ करने और ब्रश करने से जुड़ी कुछ छोटी गलतियां हैं जिनसे हम सब रोजाना दोहराते हैं, इसलिए ब्रश करने के सही तरीके के बारे में हम आपको यहां बता रहे हैं

1. ब्रश को किस समय और कब तक करना चाहिए?
अमेरिकन डेंटल एसossएशन की मानें तो हर व्यक्ति को रोजाना दिन में 2 बार ब्रश करना चाहिए और हर बार 2 मिनट से ज्यादा दांतों को साफ नहीं करना चाहिए। अगर आप 2 मिनट से कम समय लेते हैं तो दांतों में जमा प्लाक को हटा नहीं पाएंगे। 2009 की एक स्टडी की मानें तो ज्यादातर लोग ब्रश करने में सिर्फ 45 सेकंड का समय लेते हैं। बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्हें ब्रश करने में बहुत अधिक समय लगता है क्योंकि वे लंबे समय तक दांतों को रगड़ते रहते हैं।

2. टूथब्रश यूज क्या करना चाहिए?
अपने दांतों को साफ करने के लिए आपको सॉफ्ट ब्रिसल्स (ब्रिसल्स) वाले टूथब्रश का इस्तेमाल करना चाहिए। बहुत कठोर ब्रिसल्स वाले ब्रश की वजह से न सिर्फ दांतों का इनैमल और हो जाता है बल्कि मसूड़ों से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं। इसलिए अगर ब्रश के ब्रिसल्स खराब होने लगें तो उन्हें तुरंत रिप्लेसेस कर देना चाहिए।

3. टूथपेस्ट का उपयोग कैसे करना चाहिए?
आपको ऐसे टूथपेस्ट (टूथपेस्ट) का इस्तेमाल करना चाहिए जिसमें फ्लोराइड (फ्लोराइड) की सही मात्रा हो। वयस्कों के टूथपेस्ट में 1350 पीपीएम फ्लोराइड होना चाहिए तो वहीं 6 साल से कम उम्र के बच्चे के टूथपेस्ट में 1000 जीबीएम फ्लोराइड होना चाहिए। 3 से 6 साल के बच्चों को मटर के दाने के बराबर टूथपेस्ट का ही इस्तेमाल करना चाहिए

4. ब्रश करने का सही समय क्या है?
कुछ डेंटिस्ट हर बार कुछ खाने के बाद ब्रश करने की सलाह देते हैं। लेकिन दिन में 2 बार एक बार सुबह और एक बार सोने से पहले दांतों को साफ करना बेहद जरूरी है। इसके अलावा किसी तरह के एसिडिक (अम्लीय) खाद्य या ड्रिंक का सेवन करने के तुरंत बाद ब्रश न करें क्योंकि एसिड की वजह से दांतों के इनैमल कमजोर हो जाते हैं और ब्रश करने पर हल्क जाते हैं।

5. क्या माउथवॉश यूज करना चाहिए?
अगर आप ऐसे माउथवॉश (माउथवॉश) का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें फ्लोराइड है तो दांतों में सड़न की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। लेकिन ब्रश करने के तुरंत बाद माउथवॉश का इस्तेमाल न करें क्योंकि टूथपेस्ट का इस्तेमाल करने के बाद दांतों पर जो फ्लोराइड जमता है माउथवॉश उसे अनुपस्थिति ले जाता है। इसलिए माउथवॉश करने का अलग समय चुनें।

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