Extra activities by Ythindia.com
YTH India - India's Best Government Exam Preparation Channel. Prepare for ALL Exams
सोशल मीडिया और युद्ध पर विचार
शर्म की बात है कि सोशल मीडिया पर अधिकांश लोग युद्ध को मनोरंजन की तरह देख रहे हैं।
लोग युद्ध को एन्जॉय कर रहे थे जैसे कोई फिल्म चल रही हो – जब खत्म हुआ तो पूछने लगे "इतनी जल्दी क्यों खत्म कर दी?"
ऐसा रवैया दो ही स्थितियों में आता है:
जब कोई दूसरा बर्बाद हो रहा हो।
जब अपना कोई नहीं मर रहा हो।
देश भी बर्बाद हो सकता है लेकिन लोग युद्ध के मज़े के लिए देश को झोंकने को तैयार हैं, जिससे भारत 10–15 साल पीछे चला जाए।
क्या आप जानते हैं? युद्ध के दौरान सबसे ज्यादा Google पर सर्च किया गया - भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था की स्थिति।
मतलब ये था कि दुश्मन हमारी आर्थिक स्थिति पर निगाह रखे था, ताकि फायदेमंद समय पर हमला हो।
युद्ध की कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई थी, यह सिर्फ एक ऑपरेशन था। लेकिन कुछ लोग इसे युद्ध बताकर सोशल मीडिया पर सनसनी फैला रहे थे।
विपक्षी राजनीति भी इसमें शामिल है – वे अगला चुनावी मुद्दा बनाने के लिए सरकार को युद्ध में उलझाना चाहते हैं।
युद्ध का असर सिर्फ सीमाओं पर नहीं होता, यह विदेशी निवेश, आर्थिक गतिविधियों, और सामान्य जीवन पर भी असर डालता है।
विदेशी शक्तियां भी इस रणनीति का हिस्सा हैं – तुर्की जैसे देश भूकंप में मदद लेते हैं, लेकिन हथियार बेचते हैं।
चीन आतंकवाद के खिलाफ बोलता है, लेकिन आतंकियों को हथियार वही देता है।
सोशल मीडिया पर लोग रील्स, कविताएं, और पोस्ट बना रहे थे, जबकि सैनिकों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां लीक की जा रही थीं।
सरकार ने आग्रह किया था कि सैनिकों की जानकारी ना शेयर करें, लेकिन लोग नहीं माने क्योंकि वो सैनिक उनके ‘घर के नहीं’ थे।
एक पोस्ट, एक रील के लिए देश की सुरक्षा दांव पर लगाई जा रही है – ये कैसा देशप्रेम है?
सोशल मीडिया यूज़र्स अपने पेज से देशद्रोहियों को हटाना नहीं जानते, लेकिन सैनिकों से उम्मीद रखते हैं कि वो जान दे दें।
कई लोग नियमों को ताक पर रखकर मिसाइल लॉन्च की वीडियो डाल रहे हैं – यह सुरक्षा के लिए बहुत खतरनाक है।
महाभारत के "युद्ध करो" वाक्य का मतलब युद्ध लड़ो नहीं बल्कि युद्ध को समझो है – हमें चाणक्य नीति भी अपनानी चाहिए।
सरकार को दब्बू या कठपुतली कहना हास्यास्पद है – पाकिस्तान खुद अंतरराष्ट्रीय मंच पर गुहार लगाता रहा है।
यह कोई फिल्म नहीं कि आपको अभी और देखनी है। अगर आपके घर में झगड़ा हो रहा हो तो क्या आप बीच-बचाव करेंगे या मज़ा लेंगे?
युद्ध में जीतना भी रणनीति मांगता है, जैसे लूडो में गोटी काटने से पहले मौका देखना पड़ता है।
लोग पाकिस्तानी एक्ट्रेसेज़ और सेलिब्रिटीज के अकाउंट बंद होने पर दुखी हैं – यह बहुत शर्मनाक स्थिति है।
हमारे सेलिब्रिटीज विदेशों में जा रहे हैं, तुर्किए और अज़रबैजान जैसे देशों में पैसा कमाने के लिए तैयार रहते हैं।
क्रिकेट देखना देशभक्ति नहीं है, विराट कोहली की फैमिली लंदन में है – और सोशल मीडिया पर लोग युद्ध के लिए चिल्ला रहे हैं।
देशप्रेम का मतलब यह नहीं कि खून बहाना ही पड़े, देश के लिए खून उबालना भी काफ़ी है।
सरकार को अब यह स्पष्ट हो गया है कि कौन लोग देश के साथ हैं और कौन नहीं – इसलिए X (ट्विटर) पर 4000 देशविरोधी अकाउंट ब्लॉक किए गए हैं।
अब नई रणनीति की जरूरत है – जिससे नुकसान सिर्फ दुश्मन का हो।
युद्ध जरूरी है, लेकिन हथियार जरूरी नहीं – साम, दाम, दंड, भेद का इस्तेमाल होना चाहिए।
दंड तीसरे स्थान पर है, सबसे आखिर में भेद है – यानी युद्ध के पहले तीन और उपाय हैं।
अब भी सरकार यही कह रही है – "अगर वहां से गोली आएगी, तो यहां से गोला जाएगा!"
निष्कर्ष:
सोशल मीडिया पर बैठे लोगों को समझना होगा कि युद्ध कोई खेल या फिल्म नहीं है।
देश को मज़ाक नहीं बनाना है, समझदारी और रणनीति से काम लेना है।
राष्ट्रभक्ति का मतलब सिर्फ चिल्लाना नहीं बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेना है।
ॐ कालाभ्राभां कटाक्षैररिकुलभयदां मौलिबद्धेन्दुरेखां
शङ्ख चक्रं कृपाणं त्रिशिखमपि करैरुद्वहन्तीं त्रिनेत्राम्।
सिंहस्कन्धाधिरूढां त्रिभुवनमखिलं तेजसा पूरयन्तीं
ध्यायेद् दुर्गा जयाख्यां त्रिदशपरिवृतां सेवितां सिद्धिकामैः ॥
🙏🙏🙏
22/04/2025
धर्म पूछकर निरपराध पर्यटकों को गोली मारने वाले मज़हबी दरिंदों, ये तस्वीर हम भारतीय न हम भूलेंगे, न तुम्हें माफ़ करेंगे, न छोड़ेंगे 😡 तुम्हारी ना-पाक कब्रों तक तुम्हें ढूँढकर इस वहशीपन की वो सज़ा देगें जिसे तुम्हारे देसी और परदेसी ख़ैरख्वाह और आका याद रखेंगें । आक् थू तुम्हारी नामर्दी पर 😡
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the establishment
Telephone
Website
Address
H 180 Noida Sector 41
Noida
201303