DYKA Universe

DYKA Universe

Share

The universe is the totality of space, time, matter, and energy. It began around 13.8 billion years ago with the Big Bang and has been expanding ever since.

31/12/2025

Happy New Year 2026

11/11/2025

क्या चंद्रमा पर भेजा गया प्रज्ञान रोवर अभी काम कर रहा है?

भारत का चंद्रयान-3 मिशन, जिसे 14 जुलाई 2023 को लॉन्च किया गया था, भारतीय अंतरिक्ष इतिहास की एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हुआ। इस मिशन का प्रमुख उद्देश्य था — चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सुरक्षित लैंडिंग करना और वहाँ वैज्ञानिक प्रयोग करना। 23 अगस्त 2023 को विक्रम लैंडर ने सफलतापूर्वक चंद्रमा की सतह पर उतरकर भारत को चौथा और दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश बना दिया।
लेकिन चंद्रमा की रात शुरू होते ही स्थिति बदल गई। चंद्रमा पर एक रात लगभग 14 पृथ्वी-दिनों के बराबर होती है, और इस दौरान तापमान –200°C तक गिर जाता है। इतनी ठंड में प्रज्ञान का सौर ऊर्जा तंत्र काम करना बंद कर देता है। सितंबर 2023 में जब रात आई, तो ISRO ने प्रज्ञान और विक्रम दोनों को “स्लीप मोड” में डाल दिया, यह उम्मीद करते हुए कि वे अगली सुबह यानी चंद्र-दिन में पुनः सक्रिय होंगे।

08/11/2025

क्या सच में एलियन हमें और हमारी पृथ्वी के बारे में जानते हैं?

यह प्रश्न हमेशा से लोगों की जिज्ञासा का विषय रहा है — क्या एलियन (परग्रही जीव) हमारी पृथ्वी और हम इंसानों के बारे में जानते हैं? अब तक वैज्ञानिक रूप से इस बात का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है कि एलियन पृथ्वी या मानव सभ्यता के संपर्क में आए हों। फिर भी, कुछ संकेत और वैज्ञानिक तर्क इस संभावना को नकारते भी नहीं हैं।

08/11/2025

Quantum entanglement Spooky action at a distance

क्वांटम एंटैंगलमेंट (Quantum Entanglement) भौतिकी की सबसे अद्भुत और रहस्यमयी घटनाओं में से एक है। इसे अल्बर्ट आइंस्टीन ने “Spooky Action at a Distance” यानी “दूरी पर रहस्यमयी क्रिया” कहा था। इसका अर्थ है — जब दो कण (particles) आपस में इस तरह जुड़ जाते हैं कि चाहे वे ब्रह्मांड के किसी भी कोने में हों, एक कण की स्थिति बदलने पर दूसरा तुरंत उसी के अनुसार प्रतिक्रिया करता है।

07/11/2025

एक्सोप्लैनेट के वायुमंडल: जीवन के संकेतों की खोज (Exoplanet Atmospheres: Hunting for Biosignatures)

07/11/2025

Black Holes Cosmic Vacuums or Cosmic Creators | ब्रह्मांडीय वैक्यूम से कॉस्मिक क्रिएटर

ब्लैक होल (Black Hole) ब्रह्मांड के सबसे रहस्यमय और शक्तिशाली खगोलीय पिंडों में से एक हैं। ये ऐसे क्षेत्र होते हैं जहाँ गुरुत्वाकर्षण इतना अधिक होता है कि वहाँ से प्रकाश तक बाहर नहीं निकल सकता। इसी कारण इन्हें “कॉस्मिक वैक्यूम” यानी “ब्रह्मांडीय शून्य” कहा जाता है। लेकिन आज के वैज्ञानिक इन्हें केवल विनाशकारी नहीं बल्कि सृजनशील शक्तियाँ (Cosmic Creators) भी मानते हैं।

06/11/2025

Election 2100: Elections in the city of the future

सन 2100 का चुनाव एक बिल्कुल नए युग का प्रतीक है, जहाँ तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल पारदर्शिता ने लोकतंत्र का चेहरा बदल दिया है। भविष्य के शहरों में अब मतदान केंद्रों की जगह “होलो-वोट हब्स” ने ले ली है। यहाँ नागरिक बायोमेट्रिक पहचान और न्यूरो-लिंक सिस्टम के माध्यम से अपने विचार सीधे सरकार के डाटा नेटवर्क से जोड़ते हैं। इस प्रक्रिया में न तो लंबी कतारें होती हैं, न ही कोई फर्जीवाड़े की गुंजाइश।

चुनावी प्रचार भी पूरी तरह वर्चुअल हो गया है। उम्मीदवार अब “होलोग्राफिक भाषणों” के ज़रिए हर घर तक पहुँचते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता नागरिकों की प्राथमिकताओं का विश्लेषण कर उन्हें व्यक्तिगत चुनावी घोषणापत्र दिखाती है। वोटरों को यह भी बताया जाता है कि उनकी पसंद का निर्णय शहर के पर्यावरण, रोजगार या शिक्षा पर क्या असर डालेगा।

05/11/2025

ब्रह्मांड को समझना किसी कि बस कि बात नही है ये कितना फैला हुआ है (93 Billion Light Years)

ब्रह्मांड (Universe) अत्यंत विशाल है और इसकी सीमा का सटीक निर्धारण आज तक नहीं हो पाया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ब्रह्मांड का व्यास लगभग 93 अरब प्रकाश वर्ष (93 Billion Light Years) है। इसका अर्थ है कि एक छोर से दूसरे छोर तक प्रकाश को पहुँचने में 93 अरब वर्ष लगेंगे। लेकिन यह केवल “देखे जाने योग्य ब्रह्मांड” (Observable Universe) की सीमा है। वास्तव में ब्रह्मांड इससे भी कहीं अधिक बड़ा हो सकता है, जिसका पूरा आकार मानव ज्ञान और तकनीक की पहुँच से बाहर है

04/11/2025

कॉस्मिक वॉइड्स और हेवी डार्क मैटर: ब्रह्मांडीय संरचना की समझ Cosmic Voids aur Heavy Dark Matter kya hai

ब्रह्मांड (Universe) अत्यंत विशाल और रहस्यमयी है। इसमें अरबों आकाशगंगाएँ फैली हुई हैं, लेकिन इनके बीच विशाल खाली क्षेत्र भी मौजूद हैं जिन्हें Cosmic Voids कहा जाता है। ये ब्रह्मांड के सबसे बड़े संरचनात्मक हिस्से हैं, जो सैकड़ों करोड़ प्रकाश वर्ष तक फैले होते हैं। Cosmic Voids वे क्षेत्र हैं जहाँ बहुत कम मात्रा में पदार्थ पाया जाता है — न तारे, न ग्रह, और न ही आकाशगंगाएँ। वैज्ञानिकों का मानना है कि बिग बैंग (Big Bang) के बाद जब ब्रह्मांड का विस्तार हुआ, तब पदार्थ गुरुत्वाकर्षण के कारण कुछ क्षेत्रों में इकट्ठा हो गया और आकाशगंगाएँ बनीं, जबकि बाकी क्षेत्र खाली रह गए। यही खाली क्षेत्र Cosmic Voids कहलाते हैं। ये हमें ब्रह्मांड की बड़े पैमाने की संरचना (Large Scale Structure) को समझने में मदद करते हैं।

03/11/2025

इसरो आने वाले वर्षों में अपना खुद का "भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन" स्थापित करने की योजना बना रहा है

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) आने वाले वर्षों में अपना खुद का “भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन” (Bharatiya Antariksha Station) स्थापित करने की योजना बना रहा है। यह भारत का सबसे महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष में दीर्घकालिक वैज्ञानिक अनुसंधान और मानव की उपस्थिति सुनिश्चित करना है।

01/11/2025

टाइम डाइलेशन (Time Dilation) क्या है ? चौकाने वाला सच इन्सान बूढा नहीं होता है

टाइम डाइलेशन यानी समय प्रसारण आइंस्टीन के सापेक्षता सिद्धांत (Theory of Relativity) का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है। इसके अनुसार, समय सभी जगह समान नहीं चलता — यह किसी वस्तु की गति और गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव पर निर्भर करता है। यानी, अलग-अलग परिस्थितियों में समय की गति बदल सकती है।

इस सिद्धांत ने हमें यह समझने में मदद की कि समय और स्थान (space-time) स्थिर नहीं हैं, बल्कि एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और गति व गुरुत्व के अनुसार बदलते हैं। टाइम डाइलेशन न केवल भौतिकी का चमत्कार है, बल्कि यह GPS सैटेलाइट सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों में भी उपयोगी सिद्ध हुआ है।

Want your public figure to be the top-listed Public Figure in Noida?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Category

Website

Address


Noida Sector-63A
Noida
201301