Nadwan Life Plus Plus
ADDING VALUES TO PEOPLE
29/10/2024
*जानिये किस धन की है धनतेरस?*
*क्यों बिना विवेक कुछ भी ख़रीद लेने का दिन नहीं है धनतेरस!*
*और यह धन से सम्बंधित है भी या नहीं है*
*************************************
*स्वदेशी एवं स्वास्थ्य के सन्दर्भ में धनतेरस का महत्व*
कुंठित उपभोक्तावाद से प्रेरित बाजारीकरण के कारण धनतेरस को लेकर कुछ भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास एक प्रश्नावली के द्वारा :
प्रश्न:
धनतेरस में "धन" शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर:
यह बहुत कम लोग जानते है की वास्तव में धनतेरस में "धन" शब्द स्वास्थ्य के देवता धनवंतरी से लिया गया है
कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन ही धन्वन्तरि का जन्म हुआ था इसलिए इस तिथि को धनतेरस के नाम से जाना जाता है।
प्रश्न:
अगर धन नहीं तो फिर धनतेरस का क्या महत्त्व है?
उत्तर:
देवी माता लक्ष्मी हालांकि की धन की देवी हैं परन्तु उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए आपको स्वस्थ्य और लम्बी आयु भी चाहिए यही कारण है दीपावली दो दिन पहले से ही यानी धनतेरस से ही दीपामालाएं सजने लगती हें।
प्रश्न:
आज के दिन कुछ नया खरीदने की परंपरा क्यों है?
उत्तर:
समुद्र मंथन के समय धन्वन्तरि जी कलश में अमृत लेकर प्रकट हुए थे इसी कारण इस दिन बर्तन खरीदने की प्रथा है
आज के दिन वास्तविक परम्परा केवल नया बर्तन खरीदने की है या चाँदी भी खरीद सकते है
बाजारीकरण और धन के प्रति हमारे लगाव ने हमें अँधा बना दिया है और हम भीड़ के पीछे चलकर कुछ भी खरीदने को चल पड़ते है जैसे टीवी, गाडी, कपडे, फर्नीचर आदि जो मूर्खता है और पूर्णतया कुंठित उपभोक्तावाद से प्रेरित है
प्रश्न: इस दिन चाँदी खरीदने की प्रथा क्यों है?
इसके पीछे यह कारण माना जाता है कि चांदी चन्द्रमा का प्रतीक है जो शीतलता प्रदान करता है और मन में संतोष रूपी धन का वास होता है।
संतोष को सबसे बड़ा धन कहा गया है। जिसके पास संतोष है वह स्वस्थ है सुखी है और वही सबसे धनवान है।
भगवान धन्वन्तरी जो चिकित्सा के देवता भी हैं उनसे स्वास्थ्य और सेहत की कामना के लिए संतोष रूपी धन से बड़ा कोई धन नहीं है।
लोग इस दिन ही दीपावली की रात लक्ष्मी गणेश की पूजा हेतु मूर्ति भी खरीदते हें।
निवेदन:
लोग अन्धानुकरण कर आज कुछ न कुछ खरीदने को और कंपनिया कुछ न कुछ बेचने को आतुर है
इस जानकारी को अपने बच्चो तक और अपने परिजनों तक ज़रूर पहुचाये और स्वास्थ्य रुपी धन के इस दिन को केवल पैसे की दृष्टि से न देखें नहीं तो हमारी परम्पराये या तो ख़त्म हो जाएँगी या उनका स्वरुप बिगड़ जायेगा
इस दिन कुछ ऐसा ख़रीदे की आपके देश के प्रत्येक व्यक्ति के घर दीपावली बने ना कि विदेशी कॉमपनीयो को।
आज के दिन भगवान धन्वंतरि का 108 नाम का यज्ञ अवश्य करें व परिवार के सभी सदस्य इस यज्ञ में आहुति देकर स्वास्थय का लाभ ले.
नोट- यज्ञ में देसी गऊँमाँ के कंडे और बिलोना घृत ही डाले अनयथा ना करें.
आप के स्वास्थय का शुभ चिंतक
रवि प्रकाश पाण्डेय, पटना/दिल्ली
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Telephone
Address
Nadwan
Patna
804453