KCIB 24

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29 मार्च 2021 को जिस दिन सभी हिन्दु होलिकोत्सव में मग्न थे उसी दिन दोपहर 01:00 बजे बिहार की मधुबनी जिलान्तर्गत बेनीपट्टी थाना क्षेत्र में स्थित महमदपुर नामक गाँव में खून की होली खेली जा रही थी। ब्राह्मण कहलाने वाले जिस जाति को राजपूतों ने सबसे ज्यादा सम्मान दिया उसी जाति के 35 लोगों ने एक ही परिवार के 05 पुरुष सदस्यों का गोली मारकर हत्या कर दिया। सिर्फ़ उन्हें गोली ही नहीं मारा बल्कि पेट चीड़ कर अतरियां बाहर निकाल दिया। सिर को भुजाली से काट कर टुकड़े-टुकड़े कर दिए। किसी की गर्दन काट दिए तो किसी का पैर काट दिए। एक-एक व्यक्ति को आठ-आठ गोलियां मारने से मरने के बाद भी मृत राजपूतों के शव के साथ इतनी बर्बता बरती गई कि उनके शवों को देखन के बाद बिल्कुल ही यकीन नहीं हो पाता की ऐसी बर्बरता ब्राह्मणों के द्वारा किया गया है। लेकिन सच्चाई यही है कि इस नरसंहार को अंजाम देने वाले लोग ब्राह्मण जाति के लोग ही हैं।

मृतकों के परिजनों से मिलने के लिए दिनभर नेताओं का तांता लगा रहता है, लेकिन आजतक किसी ने भी उनकी मदद के लिए जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं किया है। इसकी शिकायत करते हुए पीड़ित परिवार के लोग फफक पड़ते हैं। उनके मुँह से आप लोग खुद ही सुनें आपबीती।

जो लोग इनकी वाकई में मदद करना चाहते हैं वे लोग इन्हें आर्थिक मदद करें। इनका एकाउण्ट नम्बर आप लोगों को जल्द ही बता दिया जाएगा। 03/03/2025

#सुशासन_बनाम_अपराधिक_संरक्षक #भ्रष्ट_सरकार_बनाम_बिहार
बिहार के मधुबनी जिला में 29 मार्च 2021 को होली के दिन एक राजपूत परिवार के पाँच सदस्यों की बर्बरता पूर्वक की गई उस हत्या काण्ड को आज तक नहीं भूल पाया हूँ जिसे राजपूतों के द्वारा पुजनीय समझे जाने वाले ब्राह्मण जाति के अपराधियों ने अंजाम दिया था। आज उस घटना के चार साल हो गये, लेकिन आज तक इस परिवार को सरकार के द्वारा किसी भी तरह की मदद नहीं दी गई। जबकि इसी देश में फूलनदेवी, अतीक अहमद और शहाबुद्दीन जैसे दुर्दान्त अपराधियों की सहायता करने के लिए शासन-प्रशासन और माफ़िया जरा सी भी देरी नहीं करती है। उनकी सहायता करने के लिए देश की सम्पत्ति को इस तरह खर्च करती है, मानों वह लूट की सम्पत्ति हो।
लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक फौजी की नौकरी करने वाले और राष्ट्र की उन्नत्ति के लिए बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाने वाले शिक्षक की नौकरी करने वाले देशभक्तों की दुर्दान्त हत्या करने के बाद भी जब सरकार उनके आश्रितों को सहारा नहीं देगी तब ऐसे देश से कौन प्रेम करेगा? ऐसे देश में रहने वाले देशभक्तों की टोली! यदि देशद्रोही बन जायें तो कुछ भी गलत होगा? आखिर उस घटना से पीड़ित परिवार को आज तक क्यों नहीं किसी तरह की सरकारी सहायता दी गई? न तो उस घटना में मारे गए फौजी के किसी आश्रित को केन्द्र सरकार के द्वारा सहायता दी गई न ही बिहार सरकार के अधीन शिक्षक की नौकरी करने वाले दिवंगत शिक्षक के परिवार को बिहार सरकार के द्वारा सहायता की गई। कम से कम इन लोगों के आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर नौकरी भी दे दी जाती तो उनके आश्रितों के समक्ष जीविकोपार्जन की समस्या का समाधान हो जाता। ऐसे मामलों में सरकार द्वारा दी जाने वाली त्वरित सहायता को देख कर उन नागरिकों में भी देशभक्ति की भावना अंकुरित हो सकती थी, जिनके हृदय से देशभक्ति की भावना खत्म हो चुकी है।
अब भी वक़्त है इस देश को संगठित और सशक्त बनाने के लिए आज से और अभी से ही इस देश के असली जरूरतमंदों की सहायता करना शुरू कर दें। ऐसे मामलों में नेतागिरी और भाषणबाजी करने के बजाए जरूरतमंद लोगों की न सिर्फ़ खुल कर मदद करें बल्कि उन्हें न्याय और अधिकार दिलाने के लिए भी निस्वार्थ होकर काम करें।

29 मार्च 2021 को जिस दिन सभी हिन्दु होलिकोत्सव में मग्न थे उसी दिन दोपहर 01:00 बजे बिहार की मधुबनी जिलान्तर्गत बेनीपट्टी थाना क्षेत्र में स्थित महमदपुर नामक गाँव में खून की होली खेली जा रही थी। ब्राह्मण कहलाने वाले जिस जाति को राजपूतों ने सबसे ज्यादा सम्मान दिया उसी जाति के 35 लोगों ने एक ही परिवार के 05 पुरुष सदस्यों का गोली मारकर हत्या कर दिया। सिर्फ़ उन्हें गोली ही नहीं मारा बल्कि पेट चीड़ कर अतरियां बाहर निकाल दिया। सिर को भुजाली से काट कर टुकड़े-टुकड़े कर दिए। किसी की गर्दन काट दिए तो किसी का पैर काट दिए। एक-एक व्यक्ति को आठ-आठ गोलियां मारने से मरने के बाद भी मृत राजपूतों के शव के साथ इतनी बर्बता बरती गई कि उनके शवों को देखन के बाद बिल्कुल ही यकीन नहीं हो पाता की ऐसी बर्बरता ब्राह्मणों के द्वारा किया गया है। लेकिन सच्चाई यही है कि इस नरसंहार को अंजाम देने वाले लोग ब्राह्मण जाति के लोग ही हैं। मृतकों के परिजनों से मिलने के लिए दिनभर नेताओं का तांता लगा रहता है, लेकिन आजतक किसी ने भी उनकी मदद के लिए जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं किया है। इसकी शिकायत करते हुए पीड़ित परिवार के लोग फफक पड़ते हैं। उनके मुँह से आप लोग खुद ही सुनें आपबीती। जो लोग इनकी वाकई में मदद करना चाहते हैं वे लोग इन्हें आर्थिक मदद करें। इनका एकाउण्ट नम्बर आप लोगों को जल्द ही बता दिया जाएगा।

17/06/2022

अग्निपथ रिक्रूटमेंट स्कीम के विरोध में क्यों हो रहा है विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन? सच्चाई जानने के लिए संलग्न लिंक के द्वारा जरूर देखें मेरे ब्लॉग का यह आलेख।https://kcib24.blogspot.com/2022/06/blog-post_17.html

10/06/2022

World's Cheapest Gold :
दुनिया के इन देशों में मिलता है सबसे सस्ता सोना, लेकिन भारत में इसे सीमित मात्रा में ही ला सकते हैं।
आपको बता दें कि दुनिया कई देशों में सोने के दाम भारत से 15 प्रतिशत तक कम किमत में मिलते हैं। लेकिन उन देशों की सूची में मुख्य रूप से कौन-कौन देश सम्मिलित हैं और उन देशों से कितना सोना भारत ला सकते हैं, आइए जानते हैं उनके बारे में।

विश्व में सबसे सस्ता सोना :
दुनिया के इन देशों में मिलता है सबसे सस्ता सोना, लेकिन भारत सीमित मात्रा में ही सोना ला सकते हैं।

Sachin Chaturvedi & Prasenjeet
10 May 2022, 22:16:36
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दुनिया के कई देशों में Gold की दीवानगी सिर चढ़कर बोलती है। स्विटजरलैंड के ज्यूरिख शहर में लोगों को अच्छा और बेहतर सोना मिल सकता है, दुनिया में पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र दुबई गोल्ड का भी एक बड़ा हब है।

World's Cheapest Gold: मानव सभ्यता के हजारों वर्षों के इतिहास में जिस चीज़ से इंसान ने बेइंतहा प्यार किया है, वह है सोना! सोने को लेकर इंसान की इसी दीवानगी ने सोने को दुनिया की सबसे बहुमूल्य धातुओं में से एक बना दिया है। यही कारण है कि सोने को मुश्किल दिनों का साथी भी कहा जाता है। दुनिया में तेल के बाद सबसे अधिक पैसा सोने में निवेश किया जाता है।

सोने को लेकर दीवानगी सिर्फ भारत में ही नहीं है, बल्कि दुनिया के कई देशों में इसकी दीवानगी सिर चढ़कर बोलती है। हम सभी ने अखबारों मैगजीन या टीवी पर दुबई की तस्वीरें देखी होंगी, जिसमें दुकानों पर भर भर कर जेवरात दिखाई देते हैं। ऐसे में आपके मन में भी सवाल उठ रहा होगा कि क्या वहां सोेना इतना सस्ता है? जी हां, दुनिया में कई देशों में सोने के दाम भारत से 15 प्रतिशत तक कम हैं। आइए जानते हैं इन देशों के बारे में..

दुबई :
सस्ते सोने के मामले में दुबई का मुकाबला शायद ही कोई दूसरा देश कर पाए। दुनिया में पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र दुबई गोल्ड का भी एक बड़ा हब है। यहां की सरकार सोने पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं लगाती है, यह भी यहां सस्ता सोना मिलने का एक प्रमुख कारण है। यहां का दिएरा एक ऐसी जगह है, जहां गोल्ड सूक एरिया गोल्ड शॉपिंग का हब माना जाता है।

स्विट्जरलैंड :
आपको स्विट्जरलैंड का नाम सुनकर स्विस बैंक का ख्याल जरूर आता होगा। लेकिन स्विटजरलैंड दुनिया भर में गोल्ड के लिए भी फेमस है। स्विस वॉचेज़ अपनी डिजाइनर गोल्डन घड़ियों के लिए काफी मशहूर है। इस देश में सोने का अच्छा कारोबार होता है। स्विटजरलैंड के ज्यूरिख शहर में लोगों को अच्छा और बेहतर सोना मिल सकता है। यहां हैंडमेड डिजाइनर गहनों के साथ आपको काफी वैरायटी मिलती है।

हांगकांग :
एक समय ब्रिटिश कोलोनी रहे हांगकांग में टैक्स की रियायतें भी भरपूर हैं। ऐसे में चीन का यह स्वायत्त क्षेत्र दुनिया भर में गोल्ड शॉपिंग के लिए भी मशहूर है। हांगकांग में आपको सोना बेहद कम कीमत पर मिलता है। मालूम हो कि यह विश्व का सबसे एक्टिव गोल्ड ट्रेडिंग मार्केट में से एक है।

थाईलैंड :
अपने सुंदर बीच और पर्यटन केंद्रों के लिए मशहूर थाईलैंड भी दुबई की तरह ही सस्ते सोने का केंद्र है। थाईलैंड के बैंकॉक में आप कम कीमत में अच्छी क्वालिटी का सोना खरीद सकते हैं। थाईलैंड के चाइना टाउन में यावोरात रोड सोना खरीदने के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है। यहां आपको बहुत कम मार्जिन में गोल्ड मिल जाता है और साथ ही अच्छी वैरायटी भी होती है।

भारत ला सकते हैं कितना सोना?
सवाल उठता है कि थाइलैंड से लेकर दुबई तक आप सस्ता सोना खरीद सकते हैं। लेकिन विदेशों में खरीदा सोना क्या भारत लाया जा सकता है, इस पर टैक्स कितना देना होगा, आपको इस पर भी गौर करना चाहिए। देश में सोने के सिक्के गहने आदि लाने को बड़ी सख्ती से केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाता है। वित्त मंत्रालय के तहत आने वाली सेंट्रल इनडायरेक्ट टैक्स और कस्टम ने गाइड फॉर ट्रैवलर्स जारी की गई है। इसमें आपको बताया गया है कि विदेश से आप कितना सोना ला सकते हैं।

ये है ड्यूटी चार्ज :
जो नागरिक एक साल से विदेश में रह रहे हैं, वे अधिकतम 40 ग्राम सोना ही ला सकते हैं
यात्रियों को सीमा से अधिक गोल्ड लाने पर ड्यूटी कनवर्टिबल करेंसी में देना होता है।
गोल्ड बार, तोला बार जिस पर मैन्युफैक्चर का नाम सीरियल नंबर लिखा होता है, 12.5 प्रतिशत की दर से सरचार्ज देना होता है।
अन्य प्रकार के गोल्ड जैसे कि पत्थरों या मोतियों से जड़े गहनों के अलावा 12.5 प्रतिशत ड्यूटी के साथ 1.25% समाज कल्याण सरचार्ज लगाया जाता है।

विस्तृत जानकारी के लिए हमारे संगठन Kaushik Consultancy Intelligence Bureau के वेब ऐड्रेस https://fb.me/kcib.in पर उपलब्ध लिंक्स के द्वारा अपने सवाल हमें भेज सकते हैं।

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