Dhrupad Singer
Dhrupad singer of the Dagar Tradition (Vaani). Guru-s:
Late Ustad Sayeeduddin Dagar
Pdt. Uday Bhavalkar &
Mr. Milind Nafday
Prof of Music
I am PhD (Music)
वेद, पुराण, लोक गीत-संगीत इन सब को भारत के पारम्परिक संदर्भ में प्रथक करना ही बाल का खाल निकालना है ।
वेदों का पुराणों का, पुराणों का लोक कथाओं और संगीत का सम्बन्ध अति गहरा है।
*उदाहरण*:
ॐ कई स्तोभों में एक स्तोभ अक्षर है । स्तोभ एक सामवेदिय तांत्रिक पद है जिसकी परिभाषा छांदोग्य उपनिषद में दिया है । पद ध्रुपद का मूल है।
ॐ पद तो पुराणों की आत्मा है। भागवत महा पुराण ॐ के बिना अधूरा है और महाभारत. रामायण, इत्यादि इतिहास भी ।
पुराण और इतिहास कि कथाएँ लोक कथाओं संगीत और लोक जीवन और मान्यताओं को रूप प्रदान करते हैं।
इनकी सबकी आत्मा एक है अभिव्यक्ति भिन्न है । यह तथ्य और तत्त्व भारतीय ज्धर्मञान परम्परा के अनुरूप हैं ।
भिन्न अभिव्यक्तियों को divorce करना मूलतया abrahamic ज्ञान परम्परा का अनुसरण करना है ।
डॉ. शूब्रोतो रॉय
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