Release Yourself
Yoga, Meditation, Chakra balancing & energising. * Prevention is always better than cure. Spiritual development is as much important too. This is cure.
04/01/2022
योग करो निरोग रहो
कोरोना के इस विकट काल में फेफड़ों को स्वस्थ और शक्तिशाली बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
इसके लिए नियमित रूप से प्रातः-सायं कम से कम १५ मिनट प्राणायाम सभी को करना चाहिए।
प्राणायाम प्रभावी हो इसके लिए आवश्यक है कि पहले कम से कम १० मिनट का कोई भी स्ट्रेचिंग आसन कर लें। जैसे- सर्पासन, भुजंगासन, धनुरासन, ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन, पाद पश्चिमोतासन, भूनमनासन, मतस्येंद्रासन, नौकासन।
इन आसनों में से जो भी आसन करें उसमें श्वास-प्रश्वास पर ध्यान देते हुए करें। जैसे, यदि सर्पासन कर रहे हैं तो पेट के बल लेटे हुए जब ऊपर की ओर दोनों कंधों को उठाते हैं तो श्वास लेते हुए उठाएं, फिर कुछ देर अपनी क्षमतानुसार ठहरें और धीरे-धीरे नीचे आते हुए श्वास धीरे-धीरे ही छोड़ें। ऐसा ही भुजंगासन में भी कर सकते हैं।
आसन के बाद कुछ क्षण के लिए शवासन कर लें। फिर कपालभाति छोड़ कोई भी प्राणायाम कर सकते हैं। अभी गर्मियों में कपालभाति नहीं करना चाहिए। करना भी हो तो धीरे धीरे अधिकतम बीस बार ही करें।
प्राणायाम से फेफड़ों का फैलाव होता है।
दीर्घ और गहरे श्वास-प्रश्वास की क्रिया से फेफड़ों में प्रसारण और संकुचन की क्रमवार क्रिया के फलस्वरुप फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है।
इससे किसी भी तरह के वायरल संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। स्वस्थ और शक्तिशाली फेफड़े पूर्ण क्षमता से अपना कार्य करते हैं जिससे संक्रमण का खतरा बहुत कम हो जाता है।
नोट: आसन, प्राणायाम, ध्यान को दिनचर्या का नियमित अंग बनाने से ही प्रभावी और दीर्घकालिक लाभ मिलता है।
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शशांक
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