Pushkar Mishra
किलकारी, शिक्षा विभाग, बिहार।
LLB/Writer/Thinker/Social Activist
हिंदीभाषी🇮🇳
शब्द मेरा श्रृंगार...✍️
06/02/2026
#ऐसा_शखा_खोजे_ना_मिलत...🙏
द्रौपदी के चीर-हरण का प्रसंग बड़ा ही मार्मिक है।
दुष्ट दु:शासन दुर्योधन की आज्ञा से एकवस्त्रा द्रौपदी को सभा में लाकर बलपूर्वक उसकी साड़ी खींचने लगा और किसी से भी सुरक्षा की कोई भी उम्मीद न देख द्रौपदी ने अपने को सर्वथा असहाय समझकर अपने परम सहाय प्रिय सखा परमात्मा भगवान श्री कृष्ण जी का स्मरण किया। उन्हें यह दृढ़ विश्वास था कि मेरे स्मरण करते ही भगवान अवश्य आयेंगे। मेरी कातर पुकार सुनने पर उनसे कभी रहा नहीं जायगा।😢😢
कृपालु श्री कृष्ण जी शय्या छोड़कर पैदल ही दौड़ पड़े। कौरवों की दानवी सभा में भगवान का वस्त्रावतार हो गया। द्रौपदी के एक वस्त्र से दूसरा और दूसरे से तीसरा इस प्रकार भिन्न-भिन्न रंगों के वस्त्र निकलने लगे। वस्त्रों का वहां ढेर लग गया। ठीक समय पर प्रिय मित्र/बंधु ने पहुंच कर अपनी सखा द्रौपदी की लाज बचा ली।🙏😊
उपरोक्त प्रसंग में हमारे लिए बहुत कुछ है। निर्भर हम पे करता है की हम कितना और क्या—क्या ले सकते हैं।
जय श्री कृष्ण।🙏🚩🚩
#तस्वीर— बाल दिवस कार्यक्रम में #महाभारत मंचन के दौरान की है।
23/08/2025
जीवन में #स्टार बनने से कहीं महत्वपूर्ण होता है एक बेहतरीन #कलाकार बनना...🌅
#किलकारी बिहार बाल भवन पटना राज्य मुख्यालय के भव्य प्रेक्षागृह में दिनांक 19 अगस्त 2025 को एक शानदार सफल आयोजन बच्चों के मानसिक, बौद्धिक और रचनात्मकता को क्षमतावर्धन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
इस विशेष सत्र में देश के प्रख्यात कलाकार श्री अरविंद ओझा सर एवं प्रसिद्ध संगीतज्ञ श्री जय कपूर सर पधारकर बच्चों को अपने अनुभव साझा किए साथ ही अपने बचपन को कैसे जीएं की जीवन एक महान कृति की ओर आगे बढ़ सके, इन तमाम विषयों पर बड़े ही बारीकी और सहजता से बच्चों के बीच संवाद हुई।
इस विशेष सत्र में विभिन्न विधाओं के बच्चों द्वारा नैतिक जीवन एवं शैक्षणिक वातावरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल किए गए जिसका जवाब बड़े ही सरलता एवं स्नेहिल भाव से उपरोक्त दोनों सम्माननीय अतिथियों के द्वारा दिया गया।
उक्त अवसर पर श्री जय कपूर सर द्वारा अपनी मधुर आवाज में कुछेक गायन भी की गई जो रूह को स्पर्श करने वाला रहा।
साथ ही बचपन से युवावस्था के दौरान बच्चे अपने नैतिक जीवन से भटके नहीं, इसपर कैसे बच्चे अटल रहें, अच्छे बने रहें, अपने माता पिता एवं गुरु के प्रति कैसे बेहतर समन्वय स्थापित रहे, इसपर श्री अरविंद ओझा सर द्वारा बेहद ही महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया गया।
दोनों अतिथियों का स्वागत किलकारी बिहार की संस्थापक सह निदेशक आदरणीय श्रीमती ज्योति परिहार मेम के द्वारा किया गया। साथ ही सत्र के दौरान आदरणीय निदेशक मेम के द्वारा बच्चों को प्रेरणात्मक बातों से लाभान्वित होने का सुखद अवसर प्राप्त हुआ।
सत्र के समापन क्रम में आदरणीय निदेशक मेम के निर्देशानुसार धन्यवाद ज्ञापन करने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ जो मेरे लिए बेहद ही सुखद अनुभव रहा।🙏🙂
इस दौरान दोनों गणमान्यों से भी रूबरू होने का अवसर मिला जो अपनेआप में मेरे लिए एक यादगार पल बन गया।
प्रिय Arvind Ojha Sir ❤️
प्रिय Jai Kapoorr Sir ❤️
जय हिंद, जय बिहार।🙂🇮🇳
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