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क्रिकेट वर्ल्ड कप में आज पाकिस्तान के खिलाफ डच टीम में दिखेगा दोआबे का खून।।
पंजाब के दोआबा क्षेत्र के रहने वाले दो युवा पाकिस्तान और नीदरलैंड की टीमों के बीच मैच में एक्शन में नजर आएंगे, जो कुछ ही देर में हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शुरू होगा।
विक्रमजीत सिंह के दादा खुशी चीमा, जालंधर जिले की फिल्लौर तहसील के चीमा खुर्द गांव से थे, जो 1984 के सिख दंगों के दौरान भारत चले आए। वहां उन्होंने टैक्सी ड्राइवर की नौकरी की और शुरुआत में उन्हें अपनी पगड़ी के कारण काफी नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा। बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज विक्रम का जन्म उनके पैतृक गांव चीमा खुर्द में हुआ था और वह सात साल की उम्र में नीदरलैंड चले गए थे।
दूसरे बेटे आर्यन दत्त की पृष्ठभूमि होशियारपुर से जुड़ी है। करीब 35 साल पहले आर्यन के पिता नीदरलैंड चले गए थे। शुरुआती सालों में आर्यन दत्त अपने पैतृक गांव में घूमते रहते थे और 13 से 15 साल की उम्र में वह बन गए। चंडीगढ़ के स्थानीय निवासी। वह कोचों से क्रिकेट सीखने भी आते रहे हैं। दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर दत्त के परिवार के बाकी सदस्य अब दिल्ली और चंडीगढ़ में रहते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि विक्रम और दत्त दोनों 20 साल के हैं और दोनों ने 25 एकदिवसीय मैच खेले हैं। दोनों अपने क्रिकेट के लिए प्रेरणा के रूप में धोनी की 2011 विश्व कप जीत को श्रेय देते हैं।
हैं।।
29/08/2023
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