Bijay Rajat Vlog
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सफलता मे अपनो और बर्बादी मे गैरो की पहचान अक्सर हो ही जाती है।
26/02/2026
सेX पर नियंत्रण
जो #पुरुष अपनी यौ*न इच्छाओं पर #नियंत्रण रख सकता है, वही लंबे समय तक इस धरती पर सुख-शांति से जी सकता है।
पुरुषों को ये समझना चाहिए कि उनकी कई परेशानियों और पतनों की जड़ कई बार कई गर्लफ्रेंड्स होती हैं।
हर लड़की की आत्मा अच्छी नहीं होती।
कुछ राक्षसी स्वभाव की होती हैं, कुछ में ज़हर छिपा होता है, और कुछ औरतें किसी की किस्मत को बर्बाद करने वाली होती हैं। जैसा की अभी हाल में आप सब देख चुके हैं...!!
इसलिए सावधान रहें।
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1. हर बार अपने इरेक्शन (लिंगोत्थान) की बात मत मानो।
अधिकतर बार यह तुम्हें गलत दिशा में ले जाता है।
अगर आप अपने इरेक्शन पर नियंत्रण नहीं रख पाए, तो ज़िंदगी छोटी और गरीबी से भरी हो सकती है।
2. किसी लड़की के कर्व्स, बॉडी और फिगर को देखकर रिलेशनशिप मत बनाओ।
ये सब धोखा है, खासकर सोशल मीडिया पर। असली सुंदरता और मूल्य इससे कहीं ज्यादा होता है।
3. हर स्कर्ट के नीचे जो है, उसे हासिल करने की कोशिश मत करो।
कुछ स्कर्ट के नीचे सांप होते हैं, जो काटकर चैन छीन लेते हैं। संयम और अब्स्टिनेंस (संयमित जीवन) अक्सर सबसे अच्छा फल देता है।
4. कई गर्लफ्रेंड्स रखना मर्दानगी नहीं है।
ये सिर्फ आपको औरतबाज़, धोखेबाज़, और बच्चा बनाता है — असली मर्द नहीं।
5. सिर्फ बेड में अच्छे होने से मर्द नहीं बनते।
असली मर्द वह है जो अपनी जिम्मेदारियों से भागता नहीं, उन्हें पूरा करता है।
6. उस लड़की का सम्मान करो जो तुमसे सच्चा प्यार करती है।
किसी लड़की का प्यार और सपोर्ट मिलना आसान नहीं होता। यह उसकी भावनात्मक ताकत और ईमानदारी का सबूत है।
7. दुनिया उन्हीं पुरुषों को सम्मान देती है जो कामयाब होते हैं।
तुम्हारे पास अगर बहुत सारी गर्लफ्रेंड्स हैं, तो कोई तुम्हारी तारीफ नहीं करेगा।
ये सिर्फ समय, ऊर्जा, पैसा और वीर्य की बर्बादी है।
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याद रखो:
ईमानदार, वफादार और ज़िम्मेदार पुरुष ही असली मर्द कहलाते हैं।
संयम ही सफलता की कुंजी है
09/12/2024
दुरदर्शन पर देखा था फिल्म को शुक्रवार को आई थी 9:30 बजे😊 शुनिल शेट्टी और करिश्मा कपूर की ये फिल्म पुरा मोहल्ले मे 1 ब्लेक ऐंड व्हाईट 1 ही टिवी था। पहले शुक्रवार वार को ऐड मे बताया था अगलै शुक्रवार को लक्स सुपरहिट मे देखीयेगा फिल्म "Karishna" ट्रेलर क्या धमाकेदार था उसमे बताया गया था।
शक्ती कपूर और शुनिल शेट्टी जी के धानसु डायलॉग 🔥
"मे तब तक नही थकता जब तक सामने वाला थक नही जाता" "घड़ी देखलो अपनी कही मेरे डर से आपकी घङी बंद ना हो जाए" "शेर कै बिल मे चूहा नही बब्बर शेर आता है" शक्ती कपूर का "वु.. वा" करना बहुत पसंद आया बिच मे पॉपुलर गाना "सर से सनक गयी झाझरियां" 🎼
जबरदस्त डायलॉग गानो को मिक्स करके ट्रेलर बताया था उसी टायम से इंतजार कि कब शुक्रवार वार आऐ और ये फिल्म देखै स्कुल मे दोस्तो मे सब एक ही चर्चा कि अगलै शुक्रवार को शुनिल शेट्टी कि गजब पिक्चर आ रही है दुरदर्शन पर
इंतजार करते-करते शुक्रवार आया टि. वी का ऐनटिना दिन मे अच्छै से रिपेयरिंग करके सेट करके अच्छे से लगा दिया,👌
शुक्रवार को शाम पुरा मोहल्ले कै सब 1जगह जहां टि. वी नही था दुसरे मोहल्ले कै भी फिल्म देखने आ गये थे उस दिल बिजली कि इतनी समस्या थी की बार-बार लाइट जा रही थी, आ रही थी😅
फिर भी टि.वी नही छोङ रहे थे सबको फिल्म बहुत अच्छी लग रही थी, डायलॉग गाने स्टोरी बहुत अच्छी लग रही थी।लास्ट मे लाइट ऐसै गयी कि वापस आई तब तक फिल्म पुरी हो गयी थी बहुत बुरा लगा था, फिल्म का ऐंड नही देख पायै ओर उस टायम फिल्म देखनै का ओर कोई साधन नहीं था। कभी कभी VCR गांव मे किराये पर लाते थे बाद मे हम सब ने पैसे जोङना सुरू किया कि ये फिल्म देखना जरूरी है, बाद मे 1महिने बाद 2 दोस्तो को शहर T.V और VCR लेने शहर भेजा था,😁👍उस दिन "बंटवारा" "कृष्णा" "कर्मा" फिल्मों को लेकर आऐ। और तब ये पुरी फिल्म देखी वो भी क्या जमाना था क्या दौर था बहुत याद आ रहे वो दिन पुरानी यादे वो दोस्त वो फिल्मे आज हर फिल्मों को मोबाईल पर देख लेते है पर पुराने समय मे फिल्म बङे चाव से 5...10 दोस्त देखते थे वो मजा ही कुछ अलग था। 🙌
आपकी भी ऐसी कोई पुरानी यादें है तो जरूर ताजा किजिए यहां बताकर।
पेज को Follow करना ना भुले ऐसी ही जानकारियां मिलती रहेगी🙏
07/08/2024
**प्रेम और सेक्स**
अगर कोई पुरुष किसी स्त्री के पास जाता है और कहता है कि "मैं तेरे करीब इस कारण हूँ कि मैं प्यार करता हूँ," तो यह धोखा है। यह गलत है।
सेक्स शरीर की जरूरत है, तो यह गलत नहीं है। पर सेक्स को प्यार कहने की भूल से बचें। ईमानदार रहें। अगर सेक्स करना है, तो सामने वाले को साफ शब्दों में कहें। और साथी से पहले, खुद को स्पष्ट कर लें कि आप प्यार में हैं या वासना में।
स्त्री फूल की तरह कोमल होती है। और फूल को रगड़कर, नोचकर, उसके शरीर पर निशान बनाकर या बाहर-भीतर घिसकर, प्यार नहीं किया जाता। स्त्री का शरीर और उसकी योनि की नसें बेहद संवेदनशील होती हैं। बहुत ज्यादा बारीक होती हैं।
आज जो महिलाएं अपनी डॉक्टर के पास जा रही हैं, उसका एक कारण यह भी है कि उनके शारीरिक संबंधों में हिंसा है। वासना के वेग के चलते, न तो पुरुष को होश रहता है और न स्त्री इतनी हिम्मत कर पाती कि पुरुष को 'न' कह सके।
और फिर बच्चेदानी में हजारों बीमारियां लग जाती हैं। मासिक धर्म में भयानक दर्द, OCD, PCOD और पता नहीं क्या-क्या सहन करना पड़ता है।
पुरुष एक्टिव है स्वभाव से और स्त्री पैसिव। इसलिए यहां पुरुष को समझना चाहिए कि पल भर की वासना के लिए किसी स्त्री का शरीर खराब न करें। वैसे भी अगर सेक्स को धैर्य और तरीके से किया जाए, और एक ठहराव हो भीतर तो उसके परिणाम दोनों व्यक्तियों के लिए सुखद होते हैं। और संतुष्टि भी मिलती है। Bijay Rajat Vlog
लेकिन जोश में आकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने वाले पुरुष, कभी भी संतुष्टि को उपलब्ध नहीं होते। जो व्यक्ति विवाहित हैं, उन्होंने अनुभव किया होगा कि सालों तक सेक्स करने पर भी उनके भीतर सेक्स की इच्छा ज्यों की त्यों है। इसका कारण यही है कि उन्होंने गहराई से कभी इस चीज को नहीं जाना।
45 मिनट से पहले तो स्त्री का शरीर खुलता ही नहीं कि वह तुम्हें अपनी बाहों में भरे, या तुम्हें अनुमति दे कि तुम उसके भीतर प्रवेश करो। इसलिए फोरप्ले का इतना महत्व है। और ठीक उसी तरह आफ्टरप्ले भी अर्थ रखता है कि तुम्हारी वजह से मैं जीवन ऊर्जा का आनंद ले पाया।
केवल पेनिट्रेशन को सेक्स समझने वाले, बलात्कारी हैं। अपने ही साथी का बलपूर्वक हरण करना, बलात्कार ही होता है। आज जो 70 फीसदी महिलाएं ऑर्गेज़्म से अनजान हैं, उसका कारण सेक्स की अज्ञानता है। इस बात को अहंकार पर चोट न समझें, बल्कि अपने आपको बेहतर बनाने का प्रयास करें। अपनी महिला मित्र के पैर छुएं, उससे अनुमति लें, उसके प्रति श्रद्धा भाव रखें, और इस बात का ध्यान रखें कि उसे दर्द न दें, आनंद दें।
भले तुम दस मिनट, आधे घंटे का सेक्स कर लो, पर स्त्री अछूती ही रह जाती है तुम्हारे स्पर्श से, और तुम भी अधूरे ही लौटकर आते हो। बहुत धीरे-धीरे शरीर तैयार होता है, बहुत धीरे-धीरे वे द्वार खुलते हैं, जब तुम्हें अनुमति मिलती है।
और यह सब समझने के लिए भीतर स्थिरता चाहिए। और बिना मेडिटेशन के यह संभव नहीं। बिना मेडिटेशन जीवन उथला ही रहता है। अगर गहराई चाहिए जीवन में, तो ध्यान बहुत जरूरी है।
होश, ठहराव, स्थिरता, धीरज, प्रेम, श्रद्धा – ये सारे शब्द केवल ध्यान करने से ही जीवन में उतरेंगे। किताबें पढ़ने या ज्ञान सुनने से कुछ नहीं होगा।
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