Rishikesh Eye Bank, AIIMS Rishikesh
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25/01/2026
एम्स ऋषिकेश में 42 वर्षीय रघु पासवान ने अंगदान से 5 को दिया नया जीवन
ऋषिकेश। मृत्यु को जीवन का अंत कहा गया है, लेकिन विज्ञान ने अब इसे एक नया आयाम भी दे दिया है। 42 वर्षीय रघु पासवान की जिंदगी के मामले में यह बात सच साबित भी हुई है। एम्स ऋषिकेश में ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद रघु के कैडेवरिक ऑर्गन डोनेशन से देश के तीन बड़े अस्पतालों में भर्ती पांच गंभीर मरीजों को नया जीवन मिलने जा रहा है, जबकि दो दृष्टिहीनों को उनकी आंखों से रोशनी मिलेगी।
मूल रूप से बिहार के रहने वाले और पेशे से राजमिस्त्री रघु पासवान हाल ही में एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हालत नाजुक होने पर उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान वह नॉन-रिवर्सिबल कोमा में चले गए। सभी चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद जब कोई न्यूरोलॉजिकल रिकवरी नहीं हुई, तो विशेषज्ञ डॉक्टरों की समिति ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह के निर्देशन में चिकित्सकों की टीम ने परिजनों से संपर्क कर अंगदान के प्रति काउंसलिंग की। इस काम में ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान ने भी व्यक्तिगत रुचि लेते हुए परिवार को इस मानवीय निर्णय के लिए प्रेरित किया। परिजनों की सहमति के बाद कैडेवरिक ऑर्गन डोनेशन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई।
लिहाजा, कहना होगा, कि रघु पासवान भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके दान किए गए अंगों के जरिए वे कई परिवारों में उम्मीद, रोशनी और जीवन की धड़कन बनकर हमेशा जीवित रहेंगे।
ग्रीन कॉरिडोर बना लाइफलाइन
अंगों को तय समय पर गंतव्य अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के 9 जिलों की पुलिस के सहयोग से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। एम्स ऋषिकेश से जौलीग्रांट एयरपोर्ट, फिर दिल्ली और चंडीगढ़ तक विशेष ट्रैफिक व्यवस्था कर अंगों को सुरक्षित पहुंचाया गया।
डॉक्टरों और समन्वय टीम की भूमिका
इस पूरी प्रक्रिया में न्यूरो सर्जन डॉ. रजनीश अरोड़ा, डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. रोहित गुप्ता, डॉ. अंकुर मित्तल, डॉ. करमवीर, डॉ. नीति गुप्ता, डॉ. मोहित धींगरा, डॉ. लोकेश अरोड़ा, डॉ. आशीष भूते और डॉ. आनंद नागर की अहम भूमिका रही। ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर देशराज सोलंकी, डीएनएस जीनू जैकब, पीआरओ डॉ. श्रीलोय मोहंती और डीएमएस डॉ. रवि कुमार ने नोटो सहित विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय कर प्रक्रिया को सफल बनाया।
एम्स ऋषिकेश में दूसरा कैडेवरिक अंगदान
एम्स ऋषिकेश में यह कैडेवरिक ऑर्गन डोनेशन का दूसरा सफल मामला है। इससे पहले 2 अगस्त 2024 को हरियाणा के 25 वर्षीय कांवड़िये के अंगदान से भी कई लोगों को जीवनदान मिला था।
किन्हें मिला जीवनदान
पीजीआई चंडीगढ़ के 3 मरीजों को किडनी, लीवर और पैंक्रियाज
एम्स दिल्ली के 1 मरीज को किडनी
आर्मी हॉस्पिटल (आरआर) दिल्ली के 1 मरीज को हृदय
नेत्रदान के तहत दोनों कॉर्निया एम्स आई बैंक में सुरक्षित, 2 दृष्टिहीनों को मिलेगी रोशनी
11/10/2025
डॉ सत्यनारायण शर्मा जी, डॉ शिवम शर्मा जी एवं सम्पूर्ण सुप्रयास टीम, हरिद्वार,
आप सभी को **एम्स ऋषिकेश आई बैंक परिवार** की ओर से हार्दिक सम्मान और अनंत साधुवाद। आपने समय रहते हमसे संपर्क कर नेत्रदान जैसे परम पुण्य कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया, यह न केवल आपकी चिकित्सा कौशल की महानता का परिचायक है, बल्कि मानवता की सेवा में आपकी प्रतिबद्धता का भी अद्भुत प्रमाण है।
मैं अपनी टीम के डॉक्टर अनिरुद्ध शर्मा जी एवं कुशल तकनीशियन श्री संदीप जी का भी हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने शीघ्र और सफलतापूर्वक कॉर्निया रिकवरी कर इस पुण्य कर्म को पूर्णता प्रदान की।
साथ ही, मैं उस पुण्यात्मा पाठक परिवार का भी अत्यंत धन्यवाद और श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहता हूँ, जिन्होंने इस दुःखद घड़ी में आगे आकर समाज के लिए एक नई मिसाल कायम की। अपने प्रियजन का नेत्रदान कर, उन्होंने न केवल उसकी आत्मा को अमरता प्रदान की, बल्कि समाज में एक उज्ज्वल संदेश भी फैलाया। ऐसे परोपकारी परिवारों को बारम्बार नमन और कृतज्ञता। 🙏🙏🙏🙏💐💐
**टीम ऋषिकेश आई बैंक सदैव आपकी सेवा में तत्पर है।**
एक बार पुनः आप सभी का दिल से धन्यवाद एवं शुभकामनाएँ।
भगवान आपकी सभी कार्यों में सदैव सफलता और स्वास्थ्य प्रदान करें।
25/12/2024
हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि ऋषिकेश आई बैंक ने 1,000 कॉर्निया का दान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है! यह उपलब्धि कार्यकारी निदेशक महोदया, हमारे एचओडी सर, चिकित्सा निदेशक महोदया, रेजिडेंट डॉक्टरों, सामाजिक कार्यकर्ता, उत्तराखंड पुलिस, एम्स के सभी सहायक कर्मचारियों, एलवीपीईआई टीम, समर्पित सहयोगियों और अधिकांश लोगों के अटूट समर्थन के कारण ही संभव हुआ है। महत्वपूर्ण रूप से, समर्पित दाता परिवार है। आपका योगदान दृष्टि बहाल कर रहा है और जीवन बदल रहा है। आइए जरूरतमंदों तक आशा और प्रकाश फैलाते हुए इस प्रेरक यात्रा को जारी रखें।
धन्यवाद!🙏🙏💐💐
25 नवम्बर, 2024,
उत्तराखण्ड क्रांन्ति दल के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत त्रिवेन्द्र सिंह पंवार का उनके परिजनों ने मृत्यु उपरांत एम्स ऋषिकेश में नेत्रदान कराया। नेत्रदान के प्रति जागरुक लोगों के इस प्रयास से दो नेत्रहीन लोगों का जीवन रोशन हो सकेगा और वह ईश्वर की बनायी हुई इस दुनिया को देख सकेंगे।
एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह ने नेत्रदान जैसे महादान के इस पुनीत कार्य के लिए दिवंगत उक्रांद नेता के भाई सम्राट पंवार, यशपाल पंवार व पवन सिंह की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे अन्य लोगों को भी नेत्रदान के संकल्प की प्रेरणा लेनी चाहिए। एम्स ऋषिकेश के नेत्र रोग विभाग के कार्यवाहक विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अजय अग्रवाल ने बताया कि त्रिवेन्द्र सिंह पंवार का रविवार की रात सड़क हादसे में असामयिक निधन हो गया। उनके निधन के बाद भाई सम्राट पंवार ने अपने दिवंगत प्रियजन का नेत्रदान कराया। उनके सहयोगी उत्तराखण्ड क्रांति दल की टीम के सदस्यों ने बताया कि दिवंगत पंवार ने जीते जी जन सेवा में बहुत योगदान दिया तथा जाने के बाद भी अपनी आंखों से दो नेत्रहीन लोगों का जीवन रोशन कर गए। एम्स आई बैंक की ओर से बताया गया कि इस नेत्रदान महादान के लिए एम्स पुलिस चौकी प्रभारी श्री बिनेश कुमार, श्री मुकेश जोशी व श्री अशोक कुमार का विशेष योगदान रहा। गौरतलब है कि ऋषिकेश आई बैंक (एम्स) को स्थापना के बाद से अब तक 979 कॉर्निया प्राप्त हुए हैं। जिनमें से अधिकांश कॉर्निया जरुरतमंद लोगों को प्रत्यारोपित किए जा चुके हैं।
06/09/2024
39 वें नेत्रदान जागरूकता पखवाड़े के अंतर्गत जागरुकता गतिविधियों को जारी रखते हुए आज नेत्र विज्ञान विभाग द्वारा नेत्रदान जागरूकता के लिए आस्थापथ पर वॉकथॉन का आयोजन किया गया। रैली में एम्स ऋषिकेश के संकायगण, नर्सिंग समुदाय और रेजिडेंट्स डॉक्टर के साथ-साथ ऋषिकेश के रेड राइडर्स और मॉर्निंग वॉकिंग समूहों ने भाग लिया। रैली को माननीय निदेशक महोदया प्रोफेसर मीनू सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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