Gk with Rohtash sihag

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Photos from Gk with Rohtash sihag's post 12/09/2025

साका दो अलग-अलग संदर्भों में इस्तेमाल होने वाला शब्द है: राजस्थानी इतिहास में, साका एक ऐसी प्रथा थी जिसमें शत्रु सेना से हार निश्चित होने पर पुरुष केसरिया वस्त्र पहनकर युद्ध में उतर जाते थे और महिलाएं सतीत्व की रक्षा के लिए जौहर (सामूहिक आत्मदाह) कर लेती थीं। दूसरा, जापान में साके एक मादक पेय है जो किण्वित चावल से बनता है, और इसे बीयर व वाइन के समान श्रेणी में रखा जाता है।

राजस्थानी इतिहास में साका
क्या होता है?
जब युद्ध में हार निश्चित हो जाती थी और कोई विकल्प नहीं बचता था, तब पुरुष युद्ध के लिए केसरिया रंग के वस्त्र पहनकर उतरते थे और महिलाएं जौहर कर लेती थीं।

उद्देश्य:

केसरिया: पुरुष अपने सम्मान और साम्राज्य के लिए दुश्मन से अंतिम क्षण तक लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दे देते थे।
जौहर: महिलाएं अपने सतीत्व और सम्मान को बचाने के लिए अग्नि में कूदकर जान दे देती थीं, ताकि शत्रु सेना द्वारा उनके साथ बर्बरता या अमानवीय व्यवहार न किया जा सके।
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