Chopta Plus

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हरियाणा, राजस्थान, पंजाब सहित देश प्रदेश की महत्वपूर्ण ख़बरों का खजाना, chopta plus,

08/06/2026

हरियाणा। हरियाणवी लोक कला और रागनी गायन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर हरियाणवी रागनी गायक एवं लोक कलाकार यशपाल शर्मा उर्फ पेप्सी शर्मा का निधन हो गया। बताया जा रहा है कि अचानक सीने में दर्द उठने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी उम्र मात्र 38 वर्ष थी। पेप्सी शर्मा अपने पीछे पत्नी, 10 वर्षीय बेटी और 7 वर्षीय बेटे सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन की खबर से हरियाणवी संगीत और लोक कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। गाजियाबाद जिले के निवाड़ी क्षेत्र स्थित पतला गांव के निवासी यशपाल शर्मा ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में विशेष पहचान बनाई थी। मंचीय कार्यक्रमों में उनकी प्रस्तुति को दर्शक बेहद पसंद करते थे। हालांकि उनका वास्तविक नाम यशपाल शर्मा था, लेकिन मंचों पर वे "पेप्सी शर्मा" के नाम से प्रसिद्ध हुए। हरियाणा में आयोजित होने वाले रागनी कार्यक्रमों और गोशालाओं के सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती थी। उनकी दमदार आवाज और हरियाणवी लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियों ने उन्हें लाखों लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया। पेप्सी शर्मा ने मशहूर हरियाणवी कलाकार सपना चौधरी के साथ कई मंचीय कार्यक्रम किए। एक कार्यक्रम में उनके नागिन डांस की प्रस्तुति काफी चर्चा में रही थी, जिसका वीडियो करोड़ों लोगों ने देखा। उनकी लोकप्रिय रागनी "पतला दुपट्टा तेरा मुंह दिख्यै से" को भी दर्शकों ने खूब सराहा और इस पर लाखों व्यूज आए। मंचीय प्रस्तुतियों के अलावा पेप्सी शर्मा ने टीवी जगत में भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने लोकप्रिय कार्यक्रम "यह दिल है हिंदुस्तानी" सहित कई टीवी मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी गायकी और प्रस्तुति शैली ने उन्हें हरियाणवी लोक संगीत की दुनिया में अलग पहचान दिलाई। परिजनों के अनुसार, पेप्सी शर्मा को बचपन से ही गायन का शौक था। करीब 20 साल पहले उन्होंने परिवार को बताए बिना गायन की दुनिया में कदम रखा था। जब उनका पहला कार्यक्रम टेलीविजन पर प्रसारित हुआ, तब परिवार को उनकी इस प्रतिभा के बारे में पता चला। धीरे-धीरे उन्होंने रागनी गायन में अपनी अलग पहचान स्थापित कर ली। छह भाइयों में सबसे छोटे पेप्सी शर्मा ने हरियाणवी लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन की सूचना मिलते ही कलाकारों, प्रशंसकों और सामाजिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने छोटे से गांव से निकलकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया था। पेप्सी शर्मा का निधन हरियाणवी लोक कला और रागनी जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके गीत और प्रस्तुतियां हमेशा उनके प्रशंसकों के दिलों में जीवित रहेंगी।

07/06/2026

नाथूसरी चौपटा। दिल्ली स्थित डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित 11वीं हरियाणा स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में नाथूसरी चौपटा की जोरा शूटिंग स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्री-नेशनल प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया है। अकादमी के सभी खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। अकादमी के संचालक संदीप देहड़ू (बिल्लू) और कोच प्रहलाद कासनियां ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का ही परिणाम है कि वे राज्य स्तर की प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्री-नेशनल के लिए चयनित हुए हैं।
प्री-नेशनल के लिए क्वालीफाई करने वाले शूटर:
आरजू (मखोसरानी), हंसिका (मखोसरानी), सिद्धार्थ (अली मोहम्मद), जतिन (कुसुंभी), इशिका बेनीवाल (कैरावाली), स्नेहा पारीक (चौपटा), रजत सोनी (चौपटा), मकसूद खान (कागदाना), योगेश बेनीवाल (कागदाना), दिव्य बेनीवाल (कागदाना), निशु बेनीवाल (कुम्हारिया), साहिल खिलेरी (एयर फोर्स, चाहरवाला)

06/06/2026

हरियाणा के गांवों में जोहड़ों को लेकर पंचायत के लिए बड़ा आदेश, कचरा मिला तो सरपंचों को भरना पड़ेगा इतना जुर्माना

चंडीगढ़। हरियाणा में 'स्वच्छ गांव, स्वच्छ जलवायु अभियान' के तहत अब गांवों के जोहड़ों (तालाबों) को पूरी तरह से कचरा मुक्त बनाया जाएगा। जमीन के नीचे के पानी (भूजल) को प्रदूषित होने से बचाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पहली बार गांवों की तरफ रुख किया है। बोर्ड ने पंचायतों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अगर जोहड़ों में कचरा मिला, तो सीधे पंचायत पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह अभियान अप्रैल 2026 से शुरू होकर अप्रैल 2027 तक पूरे एक साल चलेगा।

गांवों में बारिश और नालियों के पानी को इकट्ठा करने का सबसे बड़ा जरिया जोहड़ ही होते हैं। अक्सर लोग इनमें घरों का कचरा डाल देते हैं, जिससे पानी दूषित होता है और इसका सीधा असर भूजल स्तर पर पड़ता है। अभी तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सिर्फ शहरों के प्रदूषण पर नजर रखता था, लेकिन अब गांवों के जोहड़ों को बचाने के लिए भी बोर्ड ने पंचायतों की जिम्मेदारी तय कर दी है। इस पूरे अभियान की देखरेख के लिए ब्लॉक स्तर पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं, गांव के स्तर पर पंचायत सचिव, सरपंच और वार्ड पंच इस काम को संभालेंगे।

जोहड़ों में कचरा गिरने से रोकने के लिए पंचायतें अपने बजट के हिसाब से कड़े कदम उठा सकती हैं। पंचायत चाहे तो जोहड़ के चारों तरफ जाली लगवा सकती है। अगर पंचायत के पास अच्छा फंड है, तो पक्की चारदीवारी भी करवाई जा सकती है। कचरा जोहड़ तक न पहुंचे, इसके लिए हर घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए पंचायत खुद या किसी प्राइवेट एजेंसी के साथ समझौता करके घर-घर से कचरा उठवा सकती है। एक साल तक चलने वाले इस जागरूकता अभियान के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड खुद गांवों में जाकर जोहड़ों की जांच करेगा। जांच के दौरान अगर किसी जोहड़ में कचरा तैरता हुआ मिला, तो संबंधित पंचायत पर 500 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शिखा ने बताया कि इस अभियान को लेकर जल्द ही सरकार की तरफ से पक्की गाइडलाइन आने वाली हैं, जिन्हें तुरंत लागू कर दिया जाएगा। फिलहाल ग्राम सभा की बैठकों में पंचायतें एमओयू (समझौता पत्र) पर साइन कर रही हैं। वहीं, आम नागरिक छवि कौशिक का कहना है कि यह एक बहुत अच्छी शुरुआत है। जोहड़ों में कचरा नहीं जाएगा तो भूजल भी साफ रहेगा और लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी मिल सकेगा।

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