Rankubeshy BSP
☝️Miles to go🚶Before I Sleep🌙
#BSP_Mission_2027
29/03/2026
जब गैस सिलेंडर ₹400–₹500 था, तब सड़कों पर हंगामा मचाने वाले आज ₹900–₹1100 के सिलेंडर पर चुप क्यों हैं? क्या जनता की तकलीफ उस समय असली थी और आज नकली हो गई?
के नाम पर देश को बड़े सपने दिखाए गए—
👉 हर साल 2 करोड़ रोजगार
👉 महंगाई पर काबू
👉 100 स्मार्ट सिटी
👉 काला धन वापस
लेकिन जरा जमीन पर हकीकत देखिए—
बेरोजगारी: की रिपोर्ट्स के मुताबिक कई समय तक बेरोजगारी दर ऊंचे स्तर पर बनी रही। युवा आज भी नौकरी के लिए भटक रहा है।
महंगाई: खाने-पीने से लेकर गैस सिलेंडर तक—हर चीज आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही है। घरेलू बजट बिगड़ चुका है।
अर्थव्यवस्था: के आंकड़े भी बताते हैं कि आम लोगों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ा है।
और जब इन मुद्दों पर सवाल पूछो, तो जवाब क्या मिलता है?
👉 मंदिर बनाम मस्जिद
👉 हिंदू बनाम मुस्लिम
👉 भारत बनाम पाकिस्तान
की राजनीति अब मुद्दों से नहीं, भावनाओं से चल रही है—ताकि असली सवाल दबे रहें।
और अगर कोई आवाज उठाए—
तो उसे देशद्रोही, गद्दार या “एंटी-नेशनल” का टैग दे दो।
क्या यही लोकतंत्र है?
सच्चाई कड़वी है—
जनता को मुद्दों से भटका कर सिर्फ वोट लिया जा रहा है।
अब फैसला आपके हाथ में है—
👉 सवाल पूछोगे या चुप रहोगे?
👉 अपने हक के लिए खड़े होगे या सिर्फ भीड़ का हिस्सा बनोगे?
याद रखो—
आज की चुप्पी, कल की सबसे बड़ी सजा बन सकती है।
बहन कुमारी मायावती जी ज़िंदाबाद 🙏
BSP ज़िंदाबाद
08/03/2026
माननीय प्रदेश अध्यक्ष जी ने जो जिम्मेदारी हम सभी कार्यकर्ताओं को सौंपी है, उसे हम पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने का संकल्प लेते हैं।
आज के दौर में जब सच को दबाने और भ्रम फैलाने की कोशिशें होती हैं, तब हमारे प्रदेश अध्यक्ष जी का यह कथन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि "बसपा के कार्यकर्ता ही बसपा की असली मीडिया हैं।"
इसका अर्थ है कि हम सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि बहुजन समाज पार्टी की नीतियों, विचारधारा और जनहित में किए गए कार्यों को जन-जन तक पहुँचाएँ। हम सच्चाई को समाज के सामने रखें और संगठन की आवाज़ बनकर हर मंच पर मजबूती से खड़े रहें।
हम पूरी प्रतिबद्धता के साथ पार्टी की विचारधारा और नेतृत्व के संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का कार्य करते रहेंगे।
बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय।
25/02/2026
ये जो दिव्यज्ञानी लोग ज्ञान झाड़ते है कि बहन मायावती जी ने 2007 के उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों में जब से बहुजन हिताय से सर्वजन हिताय पर अपना फोकस शिफ्ट किया है तब से बहुजन समाज पार्टी से मिशनरी लोग टूटने शुरू हों गए बसपा आज प्रदेश में जीरो लोकसभा और एक विधानसभा सीट तक सिमट चुकी है चलिये पड़ताल करते कि 2002 के उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव से 2014 के लोकसभा चुनाव तक फिर 2014 के चुनाव से 2019 के लोकसभा चुनावों तक फिर 2019 के लोकसभा चुनावों से 2024 के लोकसभा चुनाव तक पार्टी के वोटर बहुजन हिताय से सर्वजन हिताय के कारण कम हुए है याफिर संविधान बचाओं के नाम पर मुर्ख बने 2002 उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में मिले वोट 1.24 करोड़ 2004 में मिले वोट 1.31 करोड़ 2007 में मिले वोट 1.59 करोड़ 2009 में मिले वोट 1.52 करोड़ 2012 में मिले वोट 1.96 करोड़ 2014 में मिले वोट 1.59 करोड़ 2017 में मिले वोट 1.93 करोड़ 2019 में मिले वोट 1.67 करोड़ 2022 और 2024 के चुनावों में दलितों को संविधान बचाना था याफिर सपा और कांग्रेस बचानी थी ये तो वही जाने लेकिन ये सच कि 2007 में बसपा को 1.59 करोड़ वोट आए थे ये 2012 में 1.96 करोड़ थे 2014 के लोकसभा चुनावों में भी 2007 से कम वोट नहीं थे 2017 में फिर 1.93 करोड़ वोट आए जब 2019 में सपा और बसपा ने गठबंधन में चुनाव लड़ा तब भी 1.67 करोड़ वोट आए थे यानि बहुजन हिताय से सर्वजन हिताय नारे के 2007 से 2019 तक 12 सालों में भी खासकर अंबेडकरवादी दलितों ने बहनजी का साथ कभी नहीं छोड़ा था भले ही 2014 में हिंदू-मुस्लिम और मंदिर-मस्जिद नरेटिव में फंसकर बसपा से भी कुछ वोट सपा और भाजपा की तरफ गए लेकिन इनका कोर वोटर उसके ही साथ रहा है इसके बाद कोरोनाकाल के बाद 2022 उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव हुआ जिसमें वो कही भी नहीं दिखती जैसे मनुवादी मीडिया के षड़यंत्रों ने तगड़ा नुकसान पहुँचाया बहुत से दलित के दिमाग में भी ये बात बैठ गई कि बसपा अब मुकाबले में नहीं है जो संविधान बचाने के नाम पर जाल में फंसे वो फर्जी समाजवादी नेता अखिलेश यादव को अपना माई-बाप बनालिया जो समाजवाद (यादववद) राज में हुई गुण्डागर्दी से डरते थे वो भाजपा और मोदी को वोट करने निकल लिए लेकिन जो मीडिया के चुनावी पंडयंत्रों से नहीं डरे वो बहनजी को ही अपना सच्चा नेता मानती रही ऐसी षडयंत्रकारी परिस्थितियों में भी बसपा को 2022 विधानसभा चुनावों मे 1.19 करोड़ वोट आए थे 2024 लोकसभा चुनाव में तो संविधान बचाने के नाम पर दलित 2022 से भी ज्यादा बौरा गए थे अब खुलकर बता भी नहीं सकते कि कैसे दोनो गुटो वाली मनुवादी मीडियाओं उनको फुटबाल बनाकर खुब लाते मार मारकर खेले है मुर्खता पर हमने जबरदस्ती कब्जा कररखा चाहेंगे तो मुर्खता से बाहर भी आ सकते 2027 के विधानसभा में वो दलित जिनकी समझ में आ गया कि उनको सपा/कांग्रेस/भाजपा ने मिलकर सही मुर्ख बनाया है वो 8-9% दलित वोटर बसपा में वापसी करचुके लगता मुस्लिम जो सपा के असली चाल चरित्र को समझ चुके वो बसपा या मजलिस की तरफ जाने को मन बना रहे है जो पिछड़ा और सवर्ण वोटर भाजपा से खफा हों चुका वो सपा के राज की गुण्डागर्दी याद करके सपा में जाना नहीं चाहता कांग्रेस वैसे उत्तरप्रदेश में यातो सपा की बैसाखियों पर नजर आती है याफिर वेंटीलेटर पर ऐसे में वो भी विकल्प नहीं बन पा रही अन्तिम उम्मीद सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय नारे के साथ बहनजी पर ही उम्मीदें लगाकर बैठे है बसपा से छिटका हुआ दलित वोटर वापस उससे जुड़े तो 22% दलित बेस वोट ए 5-6% मुस्लिम 5-6 % पिछड़े 3-4% सवर्ण मिलकर भी आसानी से सत्ता परिवर्तन करवा सकते है बहनजी एकला चलो की नीति पर इसीलिए भी रहती क्योंकि अन्दरूनी छल कपट वो नहीं करती।
Everyone Products
13/02/2026
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक लड़की द्वारा बहुजन समाज की वरिष्ठ नेता Mayawati जी के खिलाफ अश्लील और अपमानजनक गीत गाया गया है। यह केवल एक व्यक्ति विशेष का अपमान नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का प्रयास है, जो उन्हें सम्मान और आदर्श के रूप में देखते हैं।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार सभी को है, लेकिन यह अधिकार किसी भी समुदाय, वर्ग या नेता के खिलाफ अशोभनीय और अश्लील भाषा इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देता। लोकतंत्र में असहमति हो सकती है, आलोचना भी हो सकती है, लेकिन अश्लीलता और सामुदायिक अपमान स्वीकार्य नहीं है।
यदि किसी के द्वारा जानबूझकर किसी समुदाय की भावनाओं को आहत किया गया है, तो कानून के तहत निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए। समाज में शांति, सम्मान और आपसी सद्भाव बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
हम सभी से अपील है कि इस मुद्दे पर संयम रखें, लेकिन कानूनसम्मत कार्रवाई की मांग जरूर करें, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश न करे।
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